राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (एनजेएसी) पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आलोचना करने के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली मुश्किल में पड़ते दिख रहे हैं. बुंदेलखंड के एक सिविल कोर्ट ने उनके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज करने का आदेश दिया है. अदालत ने उन्हें समन जारी कर 19 नवंबर को हाजिर होने को भी कहा है. खबरों के अनुसार, बुंदेलखंड के महोबा में जूनियर डिवीजन जज अंकित गोयल ने जेटली के बयान पर स्वत: संज्ञान लेते हुए इसे कोर्ट की अवमानना माना है. जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर जेटली के खिलाफ महोबा के कुलपहाड़ थाने में आईपीसी की धारा 505 और 124(A) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है.
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में जजों की नियुक्ति से जुड़े कॉलेजियम सिस्टम को बरकरार रखते हुए मोदी सरकार के बनाए एनजेएसी कानून को खारिज कर दिया था. इसके बाद फेसबुक पर अपनी एक टिप्पणी में अरुण जेटली ने कहा कि यह फैसला भारत की बृहत संवैधानिक संरचना को अनदेखा करता है. बता दें कि अंकित गोयल वही जज हैं जिन्होंने पिछले दिनों सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव को भी एक केस में पेश होने को कहा था.


'शिवसेना द्वारा बीसीसीआई के काम में खलल डालने वाली घटना के बारे में सुना. क्रिकेट बोर्ड की बैठक का कोलकाता में स्वागत है.'

ममता बनर्जी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल
बीसीसीआई ऑफिस में शिवसेना के हंगामे के बाद एक ट्वीट में



मैगी खाने वालों के लिए खुशखबरी, गुजरात और कर्नाटक में हटा बैन
मैगी के शौकीनों के लिए एक खुशखबरी है. तीन अलग-अलग प्रयोगशालाओं में जांच के दौरान मैगी के नमूने सही पाए जाने के बाद गुजरात और कर्नाटक सरकार ने मैगी से बैन हटा लिया है. दरअसल, पिछले दिनों बॉम्‍बे हाईकोर्ट के निर्देश पर जांच के लिए तीन प्रयोगशालाओं में भेजे गए मैगी (इंस्टेंट नूडल्स) के सभी नमूने सही पाए गए. नेस्ले इंडिया के अनुसार, इस दौरान मैगी के छह अलग-अलग तरह के 90 नमूनों की जांच की गयी. जिसमें मैगी नूडल्‍स में सीसे की मात्रा तय सीमा के अंदर पायी गयी है. कंपनी ने यह भी कहा कि बैन हटने के बाद अब वह नए उत्पादों को बनाने और बिक्री का काम जल्द ही शुरू करेगी. गौरतलब है कि इसी साल मई के महीने में मैगी में सीसे की मात्रा कानून के तहत तय सीमा से अधिक पाए जाने के बाद देशभर में इस पर प्रतिबंध लगाया दिया गया था.
बीफ पार्टी देने वाले जम्‍मू-कश्‍मीर के विधायक राशिद पर दिल्‍ली में स्‍याही फेंकी गई
पिछले दिनों जम्‍मू-कश्‍मीर में बीफ पार्टी देने को लेकर विवादों में रहे निर्दलीय विधायक इंजीनियर राशिद पर दिल्‍ली में काली स्‍याही फेंकी गई. यह घटना उस वक्त हुई जब वे बीफ रखने की अफवाह पर मारे गए कश्मीरी युवक जाहिद बट की फैमिली के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस खत्म कर बाहर निकल रहे थे. इस घटना की जिम्मेदारी हिंदू सेना नाम के एक संगठन ने ली है. पुलिस ने स्याही फेंकने वालों को हिरासत में ले लिया है. हमले के बाद मीडिया से बात करते हुए राशिद ने कहा, 'हम लोग अपनी बात रखना बंद नहीं करेंगे. यह मोदी का नहीं, गांधी का देश है.' वहीं इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए हिंदू सेना के कार्यकर्ता विष्णु गुप्ता का कहना था, 'हमने राशिद पर इसलिए स्याही फेंकी क्योंकि उसने बीफ पार्टी दी थी. जो कि हमारे संप्रदाय के खिलाफ है .' कुछ दिन पहले जम्मू-कश्मीर में बीफ की पार्टी देने पर राशिद के साथ भाजपा विधायकों ने विधानसभा में हाथपाई भी की थी.