नेपाल ने कहा है कि भारत और उसके बीच जो गलतफहमियां थीं वे अब दूर हो गई हैं. यह बात नेपाल के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री कमल थापा ने अपने तीन दिवसीय भारत दौरे के आखिरी दिन कही. इससे पहले उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी. इस मुलाकात के दौरान भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी मौजूद थे. बीते कुछ समय के दौरान लगातार खबरें आ रही थीं कि भारत से नाराज नेपाल चीन की तरफ झुक रहा है. लेकिन थापा का कहना है कि उनके भारत दौरे से अविश्वास का माहौल दूर हुआ है.
दरअसल नेपाल में नया संविधान लागू होने के बाद इसके भारत से लगते दक्षिणी इलाकों में हालात अस्थिर बने हुए हैं. वहां मधेशी और थारू समुदाय के लोगों ने संविधान में अपनी उपेक्षा का आरोप लगाते हुए सड़कें जाम कर रखी हैं. इससे भारत से सामान ले जाने वाले सैकड़ों ट्रक सीमा पर फंसे पड़े हैं. इसके चलते नेपाल में ईंधन और अन्य जरूरी सामानों की भारी किल्लत हो गई है. थापा ने कहा कि उन्होंने भारत सरकार से नेपाल के लिए ईधन की आपूर्ति बहाल करने का आग्रह किया है.


'अमेरिका ऐसा कोई क़दम न उठाए जिससे दक्षिण एशिया में पहले से मौजूद असंतुलन और बढ़े.'

सरताज अजीज, पाकिस्तान के विदेशी मामलों के सलाहकार
एक प्रेस वार्ता में



अमेरिकी लड़ाकू विमान तालिबान के हमले का शिकार
एक दुर्लभ घटना में अमेरिका का एक एफ-16 लड़ाकू विमान पूर्वी अफगानिस्तान में तालिबान के हमले की चपेट में आ गया. खबरों के मुताबिक दस करोड़ डॉलर की लागत वाले इस अत्याधुनिक जेट विमान को काफी नुकसान पहुंचा है. इस वजस से इसे बेस पर वापस लौटने से पहले अपने गोला बारूद को फेंकना पड़ा. इससे पहले तालिबान ने ट्विटर पर एक बयान में दावा किया था कि उसने एक जेट को मार गिराया. लेकिन अमेरिकी सेना ने शुरुआत में इससे इनकार किया. अब उसका कहना है कि जेट छोटे हथियारों से हुई गोलीबारी की चपेट में आ गया था. अफगानिस्तान में तालिबान के फिर बढ़ते असर की खबरों के बीच अमेरिका कह चुका है कि वहां मौजूद उसके 10 हजार सैनिकों की वापसी में अभी देर लग सकती है.
क्यूबा ने सीरिया में अपने सैनिकों की मौजूदगी की खबर खारिज की
क्यूबा ने इससे इनकार किया है कि उसने सीरिया में अपने सैनिक भेजे हैं. दरअसल एक अमेरिकी चैनल ने एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी के हवाले से दावा किया था कि क्यूबा ने इस्लामिक स्टेट (आईएस) की चुनौती से जूझते सीरिया के राष्ट्रपति बसर अल असद के समर्थन में अपने सैनिक वहां भेजे हैं. इन सैनिकों की तादाद 300 बताई गई थी. इसके बाद क्यूबा के विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने एक बयान में कहा कि उनका देश सीरिया में अपने सैनिकों की मौजूदगी की गैरजिम्मेदार और निराधार सूचना को साफ तौर पर खारिज करता है. गौरतलब है कि क्यूबा के रूस और ईरान के साथ काफी दोस्ताना रिश्ते हैं. ये दोनों देश असद का समर्थन कर रहे हैं. क्यूबा के सीरिया से भी लंबे समय से सौहार्दपूर्ण रिश्ते रहे हैं.