आविष्कार: एक छोटा सा भारतीय सिस्टम जो दूर-दराज तक इंटरनेट पहुंचाने में गूगल, माइक्रोसॉफ्ट को भी छका सकता है
ग्रामीण भारत के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है. जल्द ही दूर-दराज के गावों में भी हाई-स्पीड इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध हो सकती है. बेंगलुरु की 'सांख्य लैब' के सह-संस्थापक और सीईओ पराग नाइक के अनुसार उनकी कंपनी ने गांव-गांव तक हाई-स्पीड इटरनेट पंहुचाने के लिए मेघदूत नामक एक सिस्टम बनाया है.यह सुदूर क्षेत्रों तक वायरलेस ब्रॉडबैंड इंटरनेट पहुंचाने के लिए टीवी की 'व्हाइट स्पेस बैंडविड्थ' का इस्तेमाल करता है. टीवी टावर और एंटेना की मदद से देखे जाने वाले टीवी चैनल जिस स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल करते हैं उनमें से जो खाली बच जाता है, उसे ही 'व्हाइट स्पेस बैंडविड्थ' कहा जाता है. भारत के मामले में इस तरह से केवल दूरदर्शन और उससे जुड़े सरकारी चैनल ही प्रसारित किये जाते है.
मेघदूत सिस्टम में उपभोक्ता के पास एक मॉडम होता है. ये टीवी के बेस स्टेशन या टावर से आने वाले व्हाइट स्पेस स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल करके उसे इंटरनेट की सुविधा प्रदान करता है. जैसा कि एंटेना वाले टीवी में होता है, उपभोक्ता के घर पर लगे एंटेना की ऊंचाई पर निर्भर करता है कि इस सिस्टम के जरिये इंटेरनेट को कितनी दूर तक पहुंचाया जा सकता है.
तकनीक से जुड़े जानकारों के अनुसार यह सिस्टम 'मेक इन इंडिया' और 'डिजिटल इंडिया' जैसे अभियानों को सफल बनाने में बड़ा मददगार साबित हो सकता है.
पराग नाईक के अनुसार जल्द ही आईआईटी दिल्ली, बॉम्बे और हैदराबाद की मदद से 'मेघदूत' का फील्ड ट्रायल शुरू होने जा रहा है. इसके साथ ही कुछ विदेशी कंपनियों की मदद से सांख्य लैब्स विदेशों में भी इसके ट्रायल करने की सोच रहा है. वैसे अमेरिका और इंग्लैंड में इस तरह के ट्रायल पहले से ही चल रहे हैं.
मनोरंजन और तकनीक: एक वेबसाइट जो कंप्यूटर पर गेम खेलने के लिए मोबाइल को रिमोट बना देती है
कंप्यूटर और मोबाइल पर गेम खेलने के शौकीन लोगों के लिए एक दिलचस्प तकनीक इजाद हुई है. 'एयरकंसोल.कॉम' नाम की एक वेबसाइट ने कंप्यूटर पर गेम खेलने को अब पहले से ज्यादा मजेदार बना दिया है. इसकी मदद से कोई भी यूजर कंप्यूटर पर चल रहे गेम को अपने मोबाइल फोन की मदद से भी खेल सकता है.
इसके लिए यूजर को अपने कंप्यूटर और मोबाइल, दोनों के ब्राउज़रों पर 'एयरकंसोल.कॉम' वेबसाइट को खोलना होता है. कंप्यूटर पर यह वेबसाईट खुलने पर एक कोड लिखा आता है. यूजर को इस कोड को मोबाइल पर खुली वेबसाइट में डालना होता है. ऐसा करते ही मोबाइल वीडियो गेम के रिमोट में तब्दील हो जाता है. इस गेम को एयर कंसोल मोबाइल एप्लीकेशन की मदद से भी खेला जा सकता है जो एंड्राइड और आईओएस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है. फिलहाल इस वेबसाइट पर ज्यादा गेम्स उपलब्ध नहीं हैं लेकिन इसके निर्माताओं का दावा है कि वे जल्द ही नए गेम्स के साथ थ्री-डी गेम भी उपलब्ध कराने जा रहे हैं.
सांख्यिकी: यूट्यूब से सम्बंधित कुछ दिलचस्प आंकड़े
  • दुनिया भर में अब तक 1 अरब 30 करोड़ लोग यूट्यूब का इस्तेमाल कर चुके हैं.
  • यूट्यूब पर प्रति मिनट 300 घंटे के वीडियो अपलोड किये जाते हैं.
  • यूट्यूब पर 4.95 अरब वीडियो हर रोज देखे जाते हैं.
  • यूट्यूब 54 भाषाओं में वीडियो ब्रॉडकास्ट करता है.
  • मोबाइल द्वारा औसतन 1 अरब वीडियो प्रतिदिन यूट्यूब पर देखे जाते हैं.
  • यूट्यूब को चलाने में सालाना 6 अरब 35 करोड़ डॉलर यानी करीब चालीस हजार करोड़ रुपये का खर्च आता है.
  • गूगल को हर साल यूट्यूब से करीब 4 अरब डॉलर या 26 हजार करोड़ रुपये का फायदा होता है.
  • गूगल को विज्ञापनों से होने वाले अपने कुल मुनाफे का 6 प्रतिशत मुनाफा सिर्फ यूट्यूब से होता है.
स्रोत: स्टैटिक ब्रेन रिसर्च इंस्टिट्यूट