हांगकांग में बीते साल भी भारी विरोध प्रदर्शन हुए थे
हांगकांग में बीते साल भी भारी विरोध प्रदर्शन हुए थे
हांगकांग में दो महीने के बाद एक बार फिर सड़कों पर छतरियां उतर आई हैं. हजारों की संख्या में लोकतंत्र समर्थक वहां सड़कों पर डटने लगे हैं. उनकी मांग है कि 2017 में होने वाले स्थानीय चुनाव में चीनी सरकार दखल न दे. चीन ने हांगकांगवासियों से वादा किया है कि वह इस चुनाव में आम लोगों को वोट करने देगा. लेकिन उसकी एक शर्त है कि उम्मीदवारों का चुनाव उसके द्वारा बनाई गई एक कमेटी करेगी. लोगों का विरोध इसी बात पर है.
बीते साल भी इस मुद्दे पर विशाल प्रदर्शन हुए थे. छतरियां लिए लाखों लोगों ने सविनय अवज्ञा का रास्ता अपनाते हुए सड़कों और व्यावसायिक जगहों पर डेरा जमा लिया था. बाद में प्रशासन ने बहुत ही मुश्किल से उन्हें हटाया था. तब चीन की सरकार ने आरोप लगाया था कि यह पश्चिमी ताकतों की साजिश है. बताते हैं कि इतवार को करीब 13 हजार से भी ज्यादा लोगों ने सड़कें जाम कर दीं और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. हालांकि पहले की तरह उन्होंने सड़कों पर कब्जा नहीं किया. स्वायत्तशासी प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए वहां बड़ी तादाद में पुलिस और सुरक्षा बल तैनात किए हैं.