देश में बढती असहिष्णुता के विरोध में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेसी नेताओं ने संसद से राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकाला. मार्च के बाद उन्होंने राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी को एक ज्ञापन भी सौंपा. इस दौरान सोनिया गांधी ने नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा. उनका कहना था कि आज देश में डर का माहौल है और बिगड़ते माहौल में राष्ट्रपति को तक आगे आकर सौहार्द्र बनाने की अपील करनी पड़ रही है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अभी भी चुप हैं. सोनिया का कहना था कि प्रधानमंत्री की चुप्‍पी से ऐसा प्रतीत होता है कि इन मामलों में उनकी भी सहमति है.
उधर, कांग्रेस के इस मार्च को भाजपा ने नाटक बताया है. पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि देश विकास की राह पर है, लेकिन सोनिया गांधी को सत्ता से बाहर होने की कुंठा है, इसीलिए वे मार्च निकाल रही हैं. दादरी कांड के बाद से ही कांग्रेस देश में बढ़ रही असहिष्‍णुता पर मुखर होकर मोदी सरकार का विरोध कर रही है. बीते सोमवार को कांग्रेस के विरोध प्रदर्शनों पर पलटवार करते हुए मोदी ने 1984 के सिख विरोधी दंगों को लेकर पार्टी को घेरा था.


'हमेशा से असहिष्णु ही रहा है भारत, वरना पाकिस्तान बनता ही नहीं, मैं पुरस्कार लौटकर सरकार का अपमान नहीं करूंगा'

कमल हासन,फिल्म अभिनेता
मीडिया से बातचीत में 



कोहली और धोनी की तुलना पर कपिल बोले, 'बाप को बाप रहने दो, बेटे को बेटा'
भले ही लगातार वनडे सीरीज हारने को लेकर महेंद्र सिंह धोनी की आलोचना हो रही हो, लेकिन पूर्व विश्व कप विजेता कप्तान कपिल देव ने धोनी का खुलकर समर्थन किया है. जयपुर में एक कार्यक्रम के दौरान कपिल ने कहा कि जहां तक वर्तमान समय में कप्‍तानी की बात है तो धोनी अभी भी बेहतर हैं. धोनी और कोहली की तुलना पर कपिल का कहना था, 'बाप को बाप रहने दो और बेटे को बेटा. निश्चित रूप से एक दिन बेटा भी पिता बन जाएगा, लेकिन अभी इनकी तुलना नहीं करनी चाहिए.' उन्होंने आगे कहा कि कप्‍तान के रूप में धोनी की उपलब्धियों तक पहुंचने के लिए कोहली को अभी समय लगेगा. पिछले दिनों सचिन तेंदुलकर के बारे में दिए अपने बयान पर भी सफाई देते हुए कपिल ने कहा, ' मीडिया ने मेरे बयान को गलत तरीके से पेश किया, जबकि मैंने सचिन के लिए कुछ गलत नहीं कहा था.' दरअसल, कपिल ने कहा था कि सचिन मुंबई के क्रिकेट में ही फंसे रहे और अगर वे विवयन रिचडर्स के साथ ज्‍यादा समय बिताते तो अपनी उपलब्धियों से कई गुना अधिक हासिल कर सकते थे.
उबर कैब रेप मामले में दोषी ड्राइवर को उम्रकैद
दिल्ली की तीस हजारी अदालत ने उबर कैब रेप मामले में दोषी ड्राइवर शिवकुमार यादव को उम्रकैद की सजा सुनाई है. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने दोनों पक्षों की अंतिम दलीलों को सुनने के बाद शिव कुमार पर लगाये गए सभी आरोपों को सही माना है. पिछले साल छह दिसंबर को उबर कैब कंपनी के ड्राइवर ने टैक्सी में ही एक 25 वर्षीय युवती से बलात्कार किया था. ये वारदात उस समय हुई थी जब प्राइवेट कंपनी में काम करने वाली यह युवती मोबाइल एप्लीकेशन से हायर की गयी टैक्सी के जरिये ऑफिस से घर जा रही थी. वारदात के अगले दिन पुलिस ने आरोपी ड्राइवर को उसके गृहनगर मथुरा से गिरफ्तार किया था. इस घटना ने नामी कैब कंपनी उबर के काम करने के तरीके पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे. इसके बाद उबर ने राजधानी में कई महीनों के लिए अपनी सेवा बंद कर दी थी.