यह शायद पहला मौका होगा जब किसी केंद्र सरकार ने एक ही दिन में महंगाई बढ़ाने वाले तीन फैसले लिए हैं
बढ़ती महंगाई से त्रस्त जनता को दीवाली बोनस के तौर पर केंद्र सरकार ने कुछ और ज्यादा महंगाई ही भेंट कर दी है. शुक्रवार को सरकार ने तीन ऐसे फैसले लिए हैं जो आम आदमी पर महंगाई का बोझ कुछ और बढ़ाते दिखते हैं. इसी तरह का एक फैसला और जल्द ही लिया जा सकता है जिसका प्रस्ताव पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने वित्त मंत्रालय को भेज दिया है. यह शायद पहला ही मौका है जब किसी सरकार ने एक ही दिन में महंगाई बढाने वाले तीन अलग-अलग फैसले एक साथ लिए हों. हालांकि इनमें से कुछ फैसलों का जिक्र वित्त मंत्री अरुण जेतली द्वारा पेश किये गए बजट में भी किया गया था लेकिन इन्हें लागू करने का फैसला अब लिया गया है.
चूंकि बिहार में अंतिम चरण के चुनाव निपटने के ठीक अगले ही दिन ये फैसले लिए गए हैं इसलिए इन फैसलों को लागू करने के लिए चुने गए दिन पर सवाल उठाए जा रहे हैं. माना जा रहा है कि इस दिन का चुनाव पूरी तरह से राजनीतिक कारणों के चलते ही किया गया है. दाल और खाने के तेल जैसी अन्य जरूरी चीज़ों के आसमान छूते दामों के बीच यदि ये फैसले बिहार चुनावों के दौरान ही ले लिए जाते तो भाजपा को इसका भारी नुकसान होना तय था. बिहार चुनाव परिणामों से दो दिन पहले लिए गए ये फैसले इस प्रकार हैं:
'स्वच्छ भारत अभियान' के लिए अब जनता अतिरिक्त टैक्स चुकाएगी
इस अभियान के प्रचार-प्रसार पर करोड़ों रूपये खर्च कर चुकी मोदी सरकार अब इसकी सफलता के लिए जनता से अतिरिक्त शुल्क वसूल करने का मन बना चुकी है. 15 नवम्बर से उन सभी सेवाओं के लिए जनता को 0.5 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क चुकाना होगा जिन पर सेवा शुल्क लगाया जाता है. मोबाइल के बिल से लेकर कोचिंग क्लास के लिए दी जाने वाली फीस तक इस शुल्क से प्रभावित होंगी और उनके दामों में बढ़ोतरी होगी. इस फैसले के बाद कुल सेवा शुल्क बढ़कर 14.5 प्रतिशत हो गया है. इस बढे हुए शुल्क से होने वाली कमाई का इस्तेमाल देश में शौचालय बनाने और स्वच्छ भारत अभियान के अन्य उद्देश्यों को पूरा करने के लिए किया जाएगा.
रेलवे टिकट कैंसल करना अब दोगुना मंहगा होगा
सत्ता में आते ही रेलवे टिकट मंहगे करने के लिए आलोचना झेल चुकी मोदी सरकार ने अब टिकट रद्द करवाना भी मंहगा कर दिया है. पहले जहां ट्रेन निकलने के दो घंटे पहले तक भी टिकट रद्द करवाने पर 50 प्रतिशत तक किराया लोगों को वापस मिल जाया करता था वहीँ अब चार से 12 घंटे पहले टिकट रद्द करवाने पर ही इतना किराया वापस मिलेगा. 11 नवंबर से लागू हो रही इस नई व्यवस्था में यदि 12 से 48 घंटे पहले भी कोई यात्री अपना टिकट रद्द करवाता है तो भी उसे किराए का सिर्फ 75 प्रतिशत ही वापिस मिलेगा. साथ ही ट्रेन के निकलने के 48 घंटे या उससे पहले भी टिकट रद्द करवाने के लिए 60 से लेकर 240 रूपये तक यात्रियों को चुकाने पड़ेंगे.
इस फैसले के बाद प्रतीक्षा सूची या आरएसी (रिजर्वेशन आफ्टर कैंसिलेशन) टिकट वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा नुक्सान हो सकता है. पहले जहां ऐसे यात्रियों को ट्रेन छूट जाने के तीन घंटे बाद तक भी मामूली शुल्क काटकर टिकट के लगभग पूरे पैसे वापस मिल जाया करते थे, वहीं अब इन लोगों को सिर्फ तभी पैसे वापस मिलेंगे जब टिकट ट्रेन निकलने से आधे घंटे पहले ही टिकट रद्द करवा दिया जाए.
पेट्रोल और डीज़ल पर उत्पाद शुल्क और बढ़ा
बढ़ती महंगाई के इस दौर में कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों का कम होना सरकार के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. लेकिन सरकार दीवाली के मौके पर भी इसका लाभ जनता को देने के मूड में नहीं दिखती. कच्चे तेल की कम कीमतों के चलते जहां पेट्रोल और डीजल के दाम घटाए जा सकते थे वहीं सरकार ने शुक्रवार को पेट्रोल पर 1.60 रूपये और डीजल पर 40 पैसे प्रति लीटर उत्पाद शुल्क और बढ़ा दिया है. इस बढे हुए शुल्क का ही नतीजा है कि कच्चे तेल की कीमत लगातार कम होने के बावजूद भी जनता को तेल के बढ़े हुए दाम ही चुकाने पड़ रहे हैं. बीते एक साल में ही यह पांचवा मौका है जब मोदी सरकार ने पेट्रोल और डीज़ल की कीमत कम करने की बजाय उस पर लगने वाले उत्पाद शुल्क में बढ़ोतरी कर अपनी कमाई में भी बढ़ोत्तरी की है.
जल्द ही रसोई गैस के दाम भी बढ़ सकते हैं
पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का शनिवार को कहना था कि उन्होंने एक ऐसा प्रस्ताव वित्त मंत्रालय को भेजा है जिसमें एक निश्चित आय से ज्यादा वालों के लिए रसोई गैस की सब्सिडी खत्म करने की बात कही गई है. प्रधान के मुताबिक अब तक करीब 42 लाख लोग अपनी इच्छा से सब्सिडी का त्याग कर चुके हैं और सरकार रसोई गैस पर सब्सिडी की मात्रा और कम करने के लिए ऐसा करने के बारे में विचार कर रही है.
इस साल बजट में सरकार ने रसोई गैस की सब्सिडी के तौर पर सिर्फ तीस हजार करोड़ रुपयों का प्रावधान किया था. इससे पिछले साल रसोई गैस पर 60 हजार करोड़ से ज्यादा की सब्सिडी दी गई थी.