आईसीसी के चेयरमैन पद से श्रीनिवासन की छुट्टी | सोमवार, नौ नवंबर 2015
बीसीसीआई ने एन श्रीनिवासन को आईसीसी चेयरमैन के पद से हटा दिया. उनकी जगह शशांक मनोहर लेंगे. श्रीनिवासन को हटाने का फैसला बीसीसीआई की 86वीं सालाना आम बैठक में लिया गया. इसके साथ ही बीसीसीआई ने ‘हितों के टकराव’ के तहत दो अन्य फैसले भी लिए. इनमें रोजर बिन्नी को चयनकर्ता की जिम्मेदारी और रवि शास्त्री को आईपीएल गवर्निंग काउंसिल से मुक्त कर दिया गया. रोजर बिन्नी के पुत्र स्टुअर्ट बिन्नी इस समय भारतीय टीम के सदस्य हैं, जबकि रवि शास्त्री भारतीय टीम के निदेशक होने के साथ ही आईपीएल गवर्निंग काउंसिल के सदस्य भी थे. वहीँ, श्रीनिवासन पर हुए इस फैसले को बीसीसीआई में उनके दौर के अंत की तरह देखा जा रहा है.
सरकार ने खनन, रक्षा समेत 15 क्षेत्रों में एफडीआई नियम आसान बनाए | मंगलवार, 10 नवंबर 2015
भारत सरकार ने देश में निवेश के माहौल को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने खनन, नागरिक उड्डयन, रक्षा और निर्माण समेत 15 क्षेत्रों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के नियमों को आसान बना दिया है. इसके अलावा रबड़, कॉफी, इलायची, पाम ऑयल और जैतून की बागवानी में 100 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति दी गई है. बताया जाता है कि एफडीआई पर यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ब्रिटेन दौरे को ध्यान में रखकर लिया गया है. 11 नबंवर को ब्रिटेन के लिए रवाना हो रहे नरेंद्र मोदी, जी20 देशों के सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और इन देशों को भारत में निवेश के लिए प्रोत्साहित करेंगे.
गडकरी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर बरसे | बुधवार, 11 नवंबर 2015
बिहार में भाजपा की हार के बाद पार्टी में मचे घमासान के बीच केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह का बचाव किया. गडकरी ने चुनाव में हार का जिम्मा पूरी पार्टी पर डालते हुए कहा कि सिर्फ दो लोगों पर बिहार में हुई हार का ठीकरा फोड़ना सही नहीं है. केंद्रीय मंत्री ने तर्क दिया कि बीजेपी इससे पहले अटल बिहारी वाजपेयी और लाल कृष्ण आडवाणी के दौर में भी चुनाव हारी है और तब हार की साझा जिम्मेदारी ली जाती थी. गड़करी यही नहीं रुके , उन्होंने सीनियर नेताओं के द्वारा जारी किए गए बयान पर आपत्ति‍ जताते हुए उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग तक कर डाली. पार्टी के वरिष्ठ नेताओं – लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, यशवंत सिन्हा और शांता कुमार ने बिहार चुनाव में हार पर असंतोष जाहिर करते हुए इस हार की संपूर्ण समीक्षा की मांग की थी.
गिरीश कर्नाड को जान से मारनेे की धमकी | गुरुवार, 12 नवंबर 2015
कर्नाटक में टीपू सुल्तान की जयंती मनाने को लेकर उठा विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा. टीपू विरोधियों के निशाने पर अब ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित अभिनेता गिरीश कर्नाड हैं. कर्नाड को टीपू के समर्थन में बयान देने के लिए जान से मारने की धमकी दी गयी. पिछले दिनों गिरीश कर्नाड ने टीपू सुल्तान की तारीफ करते हुए कर्नाटक सरकार को सुझाव दिया था कि बेंगलुरू एयरपोर्ट का नाम केमपेगौड़ा के बजाय टीपू सुल्तान कर दिया जाए. इसी बयान को लेकर एक ट्वीट में उन्हें धमकी देते हुए कहा गया है, ‘ज्ञानपीठ अवार्डी (कर्नाड) का हाल भी एमएम कलबुर्गी की तरह होगा.’ बता दें कि लेखक कलबुर्गी की इसी साल उनके घर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी
भाजपा सांसद आरके सिंह ने अपनी ही पार्टी पर सवाल खड़े किए | शुक्रवार,  13  नवंबर 2015
भाजपा सांसद और पूर्व गृह सचिव आरके सिंह ने बिहार में टिकट वितरण को लेकर पार्टी नेतृत्व पर हमला बोला. एक समाचार चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि बिहार में टिकट बंटवारे के कारण भाजपा की छवि और इसके भविष्य के अवसरों को बड़ा झटका लगा है. सिंह का कहना था, ‘मुझे शर्म आती है कि पार्टी इस स्तर तक नीचे गिर गई है कि उसने चुनाव जीतने के लिए अपराधियों तक को ख़ुशी-ख़ुशी टिकट दे दिए.’ दरअसल, सिंह अपने जिले आरा से भाजपा प्रत्याशी विश्वेसर ओझा की बात कर रहे थे, जिन पर 16 केस दर्ज हैं.
नेहरु के इरादों पर शक नहीं किया जा सकता : राजनाथ सिंह | शनिवार, 14 नवंबर 2015
गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की 125वीं जयंती समारोह में उनकी जमकर प्रशंसा की. जवाहरलाल नेहरू को श्रद्धांजलि देते हुए उन्होंने कहा कि नेहरू जैसे नेताओं के योगदान के चलते ही भारत में आज एक जीवंत संसद, एक कारगर नौकरशाही, स्वतंत्र न्यायपालिका और निडर प्रेस है. इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने माना कि ऐसे कई मुद्दे हैं जिन पर नेहरू के साथ उनकी पार्टी के मतभेद हैं लेकिन, जनता के कल्याण और राष्ट्र निर्माण के लिए काम करने के उनके इरादों पर शक नहीं किया जा सकता. गौरतलब है कि नेहरु के कार्यों और विचारधारा को लेकर भाजपा और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ उन पर निशाना साधते रहे हैं.