पंजाब में विधानसभा चुनाव अभी कुछ दूर हैं, लेकिन सियासी सरगर्मी बढ़ने लगी है. उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला है. बादल ने कांग्रेस को आतंकियों का सहयोगी बताते हुए आरोप लगाया है कि कांग्रेस पंजाब में एक बार फिर 80 के दशक जैसा माहौल बनाना चाहती है. बादल ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए कहा कि वे आतंकियों से मिले हुए हैं और उनकी शह पर ही कुछ कांग्रेसी विधायकों ने 10 नवंबर को सिखों के सरबत खालसा में भाग लेकर खालिस्तान के समर्थन में प्रस्ताव पास किया. उपमुख्यमंत्री का कहना था कि वे राष्ट्रपति से मिलकर कांग्रेस की मान्यता रद्द करने की मांग करेंगे. कांग्रेस ने बादल के इन आरोपों को उनकी हताशा बताया है.
10 नवंबर को अमृतसर में सिखों के बड़े धार्मिक कार्यक्रम सरबत खालसा का आयोजन किया गया था. इसमें सत्ताधारी अकाली दल का विरोध कर रहे सिख नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के हत्यारे और जेल में बंद जगतार सिंह हवारा को अकाल तख़्त का जत्थेदार नियुक्त किया था यह सरबत खालसा अकाल तख्त के उस निर्णय के विरोध में भी आयोजित किया गया था जिसमें मौजूदा जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख राम रहीम को माफी दे दी थी.


'भाजपा के गुजरात मॉडल का जीवनकाल बिहार चुनाव के नतीजों के साथ खत्म हो गया.'

अहमद पटेल, कांग्रेस सांसद
मीडिया से बातचीत में



तेजस्वी बोले, इतना बेहतर करूंगा कि मुख्यमंत्री को मुझ पर गर्व होगा
देश में सबसे कम उम्र के उपमुख्यमंत्री बने तेजस्वी यादव ने अपने विरोधियों को जवाब दिया है. उन्होंने कहा है कि लोग किताब का अंदाजा उसके कवर से न लगाएं. तेजस्वी का कहना था, 'कोई भी अनुभवी पैदा नहीं होता, मेहनत और प्रतिभा धीरे-धीरे ही सामने आती है, बिहार की जनता ने हम पर भरोसा दिखाया है जिसका फल उसे जरूर मिलेगा.' तेजस्वी ने आगे कहा कि वे नीतीश कुमार के विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए इतना बेहतर काम करने की कोशिश करेंगे कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को उन पर गर्व होगा. गौरतलब है कि पहली बार विधायक बने 26 साल के तेजस्वी यादव को बिहार का उप मुख्यमंत्री बनाया गया है. तेजस्वी और उनके बड़े भाई तेज प्रताप को तीन-तीन मंत्रालयों की जिम्मेदारी दी गयी है. इसी वजह से सोशल मीडिया पर दोनों भाइयों की काफी आलोचना हो रही है.
पुरस्कार वापस करने के बजाय मुद्दों का हल ढूंढें : करीना कपूर
बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर उन लेखकों और फिल्मकारों से सहमत नहीं हैं जिन्होंने 'देश में बढ़ती असहिष्णुता' के खिलाफ अपने पुरस्कार लौटाये हैं. छत्तीसगढ़ के रायपुर में एक कार्यक्रम के दौरान करीना ने कहा कि यह कोई व्यक्तिगत मामला नहीं है, यह पूरे देश का मामला है इसलिए पुरस्कारों को वापस करने के बजाय उन मुद्दों का हल ढूंढना चाहिए जिनकी वजह से असहिष्णुता बढ़ रही है. करीना ने आगे कहा, 'मैंने कोई पुरस्कार वापस नहीं किया है. लेकिन ऐसे मुद्दों पर युवकों की प्रतिक्रिया ने मुझे सच में प्रेरित किया है.' गौरतलब है कि देश में कई लेखकों की हत्याओं के बाद बढ़ती कथित असहिष्णुता के विरोध में सौ से ज्यादा लेखक, फिल्मकार और वैज्ञानिक अपना पुरस्कार लौटा चुके हैं.