देश में पहली बुलेट ट्रेन चलाने के लिए भारत और जापान के बीच समझौता हो गया है. दिल्ली के हैदराबाद हाउस में जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए. इस समझौते के तहत जापान मुंबई से अहमदाबाद तक बुलेट ट्रेन की परियोजना को पूर्ण विकसित करने में सहयोग करेगा. इस परियोजना में 98 हजार करोड़ रूपए खर्च होंगे जिनमें से करीब 80 हजार करोड़ जापान भारत को कर्ज के तौर पर देगा. 50 साल की अवधि के लिए दिए गए इस कर्ज की ब्याज दर केवल 0.1 प्रतिशत होगी. इस पर भी भारत को 15 साल तक कोई ब्याज नहीं चुकाना होगा. नरेंद्र मोदी ने इस परियोजना को भारतीय रेलवे में क्रांति लाने वाला बताया है. इसके अलावा भारत ने जापान  के साथ असैन्य परमाणु समझौते का करार भी किया है.
बतादें कि बुलेट ट्रेन शुरू करना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी का प्रमुख चुनावी वायदा रहा है. इसीलिए इस समझौते को लेकर केंद्र सरकार काफी उत्साहित है. उधर, विपक्ष ने इस परियोजना को तो अच्छा बताया लेकिन उसका कहना है कि इस परियोजना से पहले केंद्र सरकार को रेलवे की आधारभूत सुविधाओं को सुधारना चाहिए. वहीं, कुछ लोग चिंता जता रहे हैं कि जापान से लिया जा रहा यह क़र्ज़ भारत को इंडोनेशिया से भी बड़ा क़र्ज़दार बना सकता है.


'मैं राजनीति में क्यों नहीं हूं? क्योंकि मुझे लगता है कि यह मुझे कुछ ही सालों में मार देती. आपको राजनीति में बने रहने के लिए असंवेदनशीलता पैदा करनी होती है.'

अजीम प्रेमजी, सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी विप्रो के प्रमुख
एक कार्यक्रम के दौरान



2016 विधानसभा चुनाव में तरुण गोगोई ही मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे : राहुल गांधी
दो दिवसीय दौरे पर असम पहुंचे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि राज्य के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ही 2016 में विधानसभा चुनाव में पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे. राहुल का कहना था कि उनकी पार्टी को असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी की नेतृत्व क्षमता और मुख्यमंत्री पर पूरा भरोसा है और इसीलिए यही लोग अगले चुनावों में गठबंधन के बारे में भी निर्णय लेंगे. मुख्यमंत्री तरुण गोगोई की कार्यशैली को लेकर राज्य के कई विधायक सवाल उठाते रहे हैं. यहां तक कि उनसे नाराजगी जताते हुए कई विधायक पार्टी भी छोड़ चुके हैं. इसी वजह से अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में गोगोई की दावेदारी को लेकर अनिश्चितता के बादल छाए हुए थे.
बीएस बस्सी बोले, सम-विषम फार्मूले पर अभी फैसला नहीं
दिल्ली में गाड़ियों के सम-विषम फार्मूले को लागू करने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है. दिल्ली के पुलिस आयुक्त बीएस बस्सी ने मीडिया को बताया है कि राजधानी में सम-विषम फॉर्मूले पर आख़िरी फ़ैसला अभी होना बाक़ी है. इसे लेकर कोई अटकलें न लगाई जाएं. बताया जाता है दिल्ली पुलिस ने दिल्ली सरकार के सामने शर्त रखी है कि पहले सरकार नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कानून में बदलाव करे जिसके तहत चालान की कीमत कम से कम 2000 रुपये की जाए और गाड़ी जब्त करने का प्रावधान भी होना चाहिए. पुलिस को लगता है कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ 100 रुपये का चालान बहुत ही कम है. इसीलिए बीएस बस्सी ने कहा है कि वे 25 दिसंबर तक दिल्ली सरकार के ब्लूप्रिंट का इंतजार कर रहे हैं. इसके बाद आगे की रणनीति बनाई जाएगी.