उत्तर प्रदेश में लोकायुक्त की नियुक्ति को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है. अब इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा की गई लोकायुक्त की नियुक्ति पर सवाल उठाया है. चंद्रचूड़ ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को चिट्ठी लिखकर कहा है कि उनकी सहमति के बिना रिटायर्ड जस्टिस वीरेंद्र सिंह को यूपी का लोकायुक्त नियुक्त किया गया है. उनका कहना है कि इस बारे में कोई फैसला लेने से पहले उनसे विचार-विमर्श किया जाना चाहिए था. दरअसल, राज्य सरकार के द्वारा लोकायुक्त की नियुक्ति न करने पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश में नए लोकायुक्त की नियुक्ति की थी. कोर्ट ने राज्य सरकार के द्वारा दी गई पांच नामों की सूची में से एक नाम चुन लिया था.
जानकारों के मुताबिक इस नियुक्ति से सपा सरकार की मनचाही मुराद पूरी हो गयी. कहा जा रहा है कि वह भी वीरेंद्र सिंह को ही लोकायुक्त बनाना चाहती थी. लेकिन, वीरेंद्र सिंह के मुलायम सिंह के रिश्तेदार और करीबी होने की वजह से इलाहाबाद हाईकोर्ट उनके नाम पर राजी नहीं था. वीरेंद्र सिंह के बेटे सहारनपुर में सपा के जिला उपाध्यक्ष हैं और खुद वीरेंद्र सिंह पिछली सपा सरकार में मुलायम के विधि सचिव रह चुके हैं.



'हम अपने काम में पारदर्शी रहेंगे और अपने क्रिकेटरों को आगे बढ़ने का पूरा मौका देंगे. राजस्थान क्रिकेट संघ में क्रिकेट को ही हमेशा प्राथमिकता दी जाएगी.'

ललित मोदी, अध्यक्ष, राजस्थान क्रिकेट संघ
राजस्थान क्रिकेट संघ के अध्यक्ष बनने पर एक ट्वीट के जरिये



जेटली ने 24 करोड़ का स्टेडियम 114 करोड़ में बनवाया : आप
डीडीसीए में भ्रष्टाचार को लेकर आम आदमी पार्टी ने वित्त मंत्री अरुण जेटली पर बड़े आरोप लगाये हैं. पार्टी के अनुसार, डीडीसीए में अरुण जेटली के अध्यक्ष रहते स्टेडियम के निर्माण में बड़ा घोटाला किया गया. आप का कहना है कि स्टेडियम के निर्माण के लिए 24 करोड़ का बजट बनाया गया था लेकिन, इसके लिए 114 करोड़ रुपए निकाले गए और बचे हुए 90 करोड़ का अभी तक कोई हिसाब नहीं दिया गया है. आप नेता कुमार विश्वास ने आरोप लगाया कि इस दौरान डीडीसीए ने कुल नौ कंपनियों को काफी मोटी रकम का भुगतान किया जिनमें से पांच कंपनियों का पता और मालिक एक ही हैं. साथ ही कुछ कंपनियों को बिना काम के भी पैसे दिए गए थे. विश्वास के मुताबिक, अरुण जेटली के अध्यक्ष रहते हुए डीडीसीए के अधिकारियों ने फर्जी मुकदमों और फर्जी बिलों से भी खूब पैसे कमाए थे. पार्टी प्रवक्ता संजय सिंह के अनुसार जब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस मसले पर जांच आयोग बनाने की बात की तो इसी से संबंधित फाइलों को खोजने के लिए सचिवालय में छापे मारे गए. उधर, अरुण जेटली ने आम आदमी पार्टी के इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है. उनका कहना है कि 2013 में इन आरोपों की जांच करके कांग्रेस सरकार उन्हें क्लीन चिट दे चुकी है.
मोहन भागवत का यू टर्न, अब आरक्षण को जरूरी बताया
आरक्षण की समीक्षा को लेकर दिए गए अपने बयान से पलटते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुखिया मोहन भागवत ने कहा है कि इस समय देश में आरक्षण जरूरी है. नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान उनका कहना था कि इस समय जात-पात को देखते हुए आरक्षण समाज के लिए अच्छा है इसलिए इसे खत्म करने का सवाल ही नहीं पैदा होता. भागवत के अनुसार, इस मुद्दे पर आरएसएस की सोच एकदम साफ़ है कि जब तक भारतीय समाज में सामाजिक भेदभाव है तब तक देश में आरक्षण जारी रहना चाहिए. बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भागवत ने आरक्षण नीति की समीक्षा संबंधी बयान देकर भाजपा के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी थीं. बिहार चुनाव में भाजपा की हार के बाद खुद भाजपा गठबंधन के नेताओं ने संघ प्रमुख के इस बयान को हार का मुख्य कारण माना था.