नेपाल में वक्त बीतने के साथ मधेसी आंदोलन और हिंसात्मक होता जा रहा है. रविवार शाम को सीमावर्ती जिले रौतहट में आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच हुई झडप में एक मधेसी छात्र की मौत हो गई. बताया जाता है कि छात्र की मौत पुलिस की गोली लगने से हुई है. खबरों के अनुसार, पिछले हफ्ते सरकार के द्वारा पेश किये गए संविधान संशोधन से मधेसी और भी नाराज हो गये थे जिसके बाद उन्होंने अपने आंदोलन को तेज करने का ऐलान किया था. इसी के तहत रौतहट में विद्यार्थी संघ ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया और संविधान की प्रतियां भी जलाईं. बताया जाता है कि इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलानी शुरू कर दी. इस दौरान गोली लगने से 18 बर्षीय छात्र तबरेज आलम की मौत हो गयी. बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस ने शहर में कर्फ्यू लगा दिया है.
नेपाल में नया संविधान लागू होने के बाद से ही भारत-नेपाल सीमा के पास रहने वाली मधेशी समुदाय की आबादी इसका विरोध कर रही है. उसका आरोप है कि संविधान में उसे उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिला है. पिछले हफ्ते नेपाल सरकार ने संविधान संशोधन बिल को संसद में पेश करते हुए कहा था कि इस बिल में मधेसियों की प्रमुख मांगों को शामिल किया गया है. जबकि मधेसियों ने इसे महज एक दिखावा बताते हुए कहा था कि इस बिल में सीमांकन से संबंधित उनकी प्रमुख मांग का जिक्र तक नहीं है. पिछले 128 दिनों से जारी इस आंदोलन में मरने वालों की संख्या 56 पहुंच गयी है. इसमें ज्यादातर मौतें पुलिस की गोली से हुई हैं. इसी को देखते हुए यूएन ने इन मौतों की जांच कराने की बात भी कही है.


'रिपब्लिकन नेताओं की बातों से मुसलमानों में यह संदेश जा रहा है कि पश्चिमी देशों ने इस्लाम के खिलाफ युद्ध छेड़ा है, मुझे लगता है कि ये चीजें आतंकवाद की लपटों को और भड़काती हैं.'

हिलेरी क्लिंटन, अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री
एक कार्यक्रम के दौरान



चीन में नयी परिवार नियोजन नीति का बिल पास, एक जनवरी से लागू होने की उम्मीद
चीन की सरकार ने परिवार नियोजन नीति को बदलने की तैयारी कर ली है. अब सरकार 'एक परिवार, दो बच्चे' की नीति लागू करने जा रही है. चीनी मीडिया के अनुसार, वहां की संसद नेशनल पीपुल्स कांग्रेस में इस मुद्दे पर एक संशोधन बिल पेश किया गया है जिसे लेकर पूर्ण सहमति बन चुकी है. नया कानून एक जनवरी 2016 से लागू होने की उम्मीद है. बता दें कि लगातार घटते श्रमबल और तेजी से बूढ़ी होती जनसंख्या से चीन की सरकार काफी परेशान है. एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन में बुजुर्गों की संख्या पिछले साल 21.20 करोड़ पहुंच चुकी है. इस समस्या से निपटने के लिए ही चीन ने बीते अक्तूबर में दशकों पुरानी अपनी ‘एक दंपति, एक बच्चा’ वाली नीति को हटाने का फैसला किया था.
फीफा के दिग्गज सेप ब्लाटर और मिशेल प्लाटिनी पर आठ साल का प्रतिबंध लगा
आखिरकार फीफा के दो दिग्गजों पर बैन लग ही गया. अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ (फीफा) के नैतिक आयोग ने संस्था के पूर्व प्रमुख सेप ब्लाटर और यूरोपीय फुटबॉल महासंघ (यूएफा) के प्रमुख मिशेल प्लाटिनी पर आठ साल का प्रतिबंध लगा दिया है. नैतिक आयोग ने 2011 में ब्लाटर के द्वारा प्लाटिनी को दिए गए 20 लाख स्विस फ्रैंक के मामले को हितों का टकराव माना है. हालांकि, आयोग ने ये भी कहा कि जांच में ऐसे कोई सबूत नहीं मिले जिससे इसे रिश्वत का मामला माना जाए. आयोग के इस फैसले से फीफा के अध्यक्ष पद के बड़े दावेदार प्लाटिनी को बड़ा झटका लगा है. अब वे 26 फरवरी को होने वाला फीफा अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ पायेंगे. इसी तरह इस फैसले से 79 वर्षीय ब्लाटर का भी एक खेल अधिकारी के रूप में करियर लगभग समाप्त हो गया है.