'क्रिकेट घोटाला उजागर करने वाले सांसद को निलंबित कर दिया गया और ना खाऊंगा और ना खाने दूंगा की बात कहने वाले प्रधानमंत्री जी बिल्कुल चुप हैं'

राहुल गांधी, कांग्रेस उपाध्यक्ष

कीर्ति आजाद के भाजपा से निलंबन के बाद कांग्रेस ने नरेंद्र मोदी पर हमला तेज कर दिया है..


'डीडीसीए का मुद्दा पार्टी का मामला कैसे है? मैं तो पार्टी से बाहर भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ाई लड़ रहा था. मैंने कोई भी पार्टी विरोधी गतिविधि नहीं की है. मैं पीएम से इस मामले में दखल को कहूंगा, वही बताएं कि मेरी गलती क्या है.'

कीर्ति आजाद, पूर्व क्रिकेटर और सांसद

इन खबरों से भाजपा की मुश्किलें बढ़ने के संकेत हैं कि आज दिल्ली में मिले भाजपा के चार बुजुर्ग नेता, लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, शांता कुमार और यशवंत सिन्हा, कीर्ति आजाद से भी मिलने वाले हैं.


'यह वो भारत नहीं है जहां मैं बड़ी हुई हूं.. आज मैं कुछ बोलने से पहले दो बार सोचती हूं...एक्टरों को निशाना बनाना आसान होता है...क्या हमें अपनी राय रखने का हक नहीं है?'

प्रियंका चोपड़ा, फिल्म अभिनेत्री

प्रियंका का यह बयान शाहरुख खान के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा है कि असहिष्णुता पर अपनी राय रखने के चलते उनकी फिल्म दिलवाले की कमाई प्रभावित हुई.


‘युवराज सिंह बहुत रोमांच पैदा करने वाले क्रिकेटर हैं. जॉन मैकेनरो और डिएगो मैराडोना को खेलता देखने के लिए भीड़ खिंची आती थी. युवराज भी इसी तरह के खिलाड़ी हैं.’

कपिल देव, पूर्व क्रिकेटर

कपिल देव की यह प्रतिक्रिया 34 साल के युवराज सिंह की भारत की टी-20 टीम में वापसी पर आई है.


‘ये सरकार प्रधानमंत्री को गाली देने वालों को अपना सलाहकार बना रही है...राज्य में कमल कुम्हला रहा है.’

घनश्याम तिवारी, राजस्थान में भाजपा विधायक

पार्टी की मनाही के बावजूद जयपुर में नाराज भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की सभा बुलाकर तिवारी ने वसुंधरा राजे सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. अपनी बात में उनका इशारा राजस्थान के कला एवं संस्कृति विभाग में सलाहकार बनाए गए चर्चित शिल्पकार अनीश कपूर को लेकर था जिन्होंने अपने एक लेख में कहा था कि भारत में हिंदू तालिबान का शासन है.


‘बिस्माह की मौत का मुझे बहुत दुख है. मैं खुद दिल को झकझोर देने वाली इस घटना की जांच कर रहा हूं कि क्या गलती हुई.’

बिलावल भुट्टो, पाकिस्तान की प्रमुख पार्टी पीपीपी के नेता

पाकिस्तान में इस खबर के बाद राजनीतिक विवाद पैदा हो गया है कि कराची के एक सरकारी अस्पताल में बिलावल के पहुंचने की वजह से हुए सुरक्षा इंतजामों के चलते 10 महीने की एक बीमार बच्ची के पिता को घुसने नहीं दिया गया और बच्ची की मौत हो गई.