दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल नजीब जंग के बीच एक बार फिर जंग छिड़ गयी है. नजीब जंग ने डीडीसीए मामले में दिल्ली सरकार द्वारा गठित जांच आयोग को अवैध बताया है. गृह मंत्रालय को भेजे एक पत्र में उपराज्यपाल ने कहा है कि जांच आयोग कानून 1952 के मुताबिक सिर्फ केंद्र और राज्य सरकारों को ही जांच आयोग गठित करने का अधिकार है. उनका कहना है कि दिल्ली एक केंद्र शासित प्रदेश है इसलिए यहां कोई जांच आयोग केंद्र की सहमति के बिना गठित नहीं किया जा सकता है. उपराज्यपाल का यह भी कहना है कि डीडीसीए को अन्य राज्यों से भी पैसा मिलता है. इसलिए इसकी जांच कराना सिर्फ दिल्ली सरकार के हाथ में नहीं है.
वहीं, केजरीवाल ने जंग पर पलटवार करते हुए इस मामले को उपराज्यपाल के दायरे से बाहर का बताया है. उनका कहना है कि संविधान के मुताबिक उपराज्यपाल के पास केवल पुलिस, जन व्यवस्था और भूमि से संबंधित अधिकार ही हैं इसीलिए वे इस जांच आयोग के मामले में दखल नहीं दे सकते. उनके मुताबिक, यह जांच आयोग पूरी तरह से वैध है और अरूण जेटली को उपराज्यपाल का दुरूपयोग बंद करते हुए इस जांच में सहयोग करना चाहिए. दिल्ली सरकार ने इसी सप्ताह डीडीसीए में हुए भ्रष्टाचार की जांच के लिए पूर्व साॅलिसिटर जनरल गोपाल सुब्रमण्यम की अध्यक्षता में एक जांच आयोग गठित करने की अधिसूचना जारी की थी.यह आयोग तीन महीने में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा.
राम मंदिर निर्माण का समर्थन करने पर अखिलेश यादव ने मंत्री को बर्खास्त किया
उत्तर प्रदेश में राम मंदिर को लेकर एक बार फिर सियासत गर्मा गयी है. इस मुद्दे पर बोलने के चलते यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश के एक दर्जा प्राप्त मंत्री को बर्खास्त कर दिया है. यूपी सरकार के मुताबिक पार्टी की विचारधारा के विपरीत बयान देने के कारण मंत्री ओमपाल नेहरा को हटाया है. बीते बुधवार को नेहरा ने बिजनौर में आयोजित एक कार्यक्रम में मुसलमानों से अपील की थी कि उन्हें अयोध्या में मंदिर बनवाने के लिए हिंदुओं का सहयोग करना चाहिए. नेहरा का कहना था कि अगर मुसलमान हिंदुओं के साथ सौहार्द बढ़ाना चाहते हैं तो उन्हें केवल अयोध्या ही नहीं बल्कि मथुरा और काशी में भी मस्जिदों पर दावा छोड़ देना चाहिए. बता दें कि 65 साल के ओमपाल नेहरा मुलायम सिंह यादव के काफी करीबी माने जाते हैं. उन्होंने बाबरी मस्जिद गिराए जाने के समय मुलायम सिंह का साथ देते हुए बीजेपी, वीएचपी और संघ परिवार पर जमकर हमला बोला था.
श्रीनगर में अलगाववादी नेता यासीन मलिक की गिरफ्तारी के बाद हिंसा भड़की 
श्रीनगर में अलगाववादी नेता यासीन मलिक की गिरफ्तारी के बाद शहर में हिंसा भड़क उठी. खबरों के अनुसार, यासीन मलिक अपने समर्थकों के साथ ग्राम रक्षा समितियों (वीडीसी) को खत्म करने के लिए प्रदर्शन कर रहे थे. बताया जाता है कि जब प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ने लगी तो पुलिस ने मलिक को गिरफ्तार कर लिया. इससे गुस्साए लोगों ने पुलिस पर पथराव करना शुरू कर दिया. बबाल बढ़ता देख पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़कर स्थिति को संभाला. हालांकि शहर में अभी भी तनाव बना हुआ है.
पिछले कुछ दिनों से कश्मीर में ग्राम रक्षा समितियों को लेकर काफी बबाल हो रहा है. बीते रविवार को समिति के सदस्यों ने राजौरी जिले में नेशनल कांफ्रेंस के एक नेता और एक महिला की हत्या कर दी थी. इसके बाद से विपक्षी नेशनल कांफ्रेंस और अलगाववादी नेता ग्राम रक्षा समितियों को खत्म करने की मांग कर रहे हैं. इसी के चलते अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने शनिवार को जम्मू एवं कश्मीर में बंद का आवाहन भी किया है.