केंद्र सरकार ने रसोई गैस की सब्सिडी को लेकर एक अहम फैसला लिया है. इसके तहत अब साल में 10 लाख से अधिक कमाने वाले उपभोक्ताओं को एलपीजी सब्सिडी नहीं मिलेगी. पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि सरकार ने संपन्न लोगों से स्वैच्छिक रूप से सब्सिडी छोड़ने को कहा था. लेकिन, अभी तक 16.35 करोड़ एलपीजी उपभोक्ताओं में से केवल 57.5 लाख ने ही ऐसा किया है.
नई घोषणा के मुताबिक, यदि उपभोक्ता या उसके पति या पत्नी की सालाना कर योग्य आय पिछले वित्त वर्ष में 10 लाख रुपये से अधिक रही है, तो उसे एक जनवरी से एलपीजी पर मिलने वाली सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा. जनवरी में इस योजना के लागू होने के बाद शुरुआत में ग्राहकों को किसी तरह के दस्तावेज देने की बजाय सिलेंडरों को बुक कराते समय सिर्फ अपनी आय का ब्यौरा ही देना होगा. बाद में आकलन के बाद जरूरत के मुताबिक सरकार उपभोक्ता की आय से संबंधित दस्तावेजों की जांच भी कर सकती है.
दुनिया की सबसे बड़ी नकद सब्सिडी हस्तांतरण योजना डीबीटीएल के तहत सभी परिवारों को अभी एक साल में 14.2 किलोग्राम के 12 रसोई गैस सिलेंडर सब्सिडी पर मिलते हैं. सरकार इन सिलेंडरों पर सब्सिडी के पैसे सीधे उपभोक्ताओं के बैंक खाते में ट्रांसफर करती है.
कांग्रेस मुखपत्र में नेहरू, सोनिया की तीखी आलोचना, संपादक बर्खास्त 
कांग्रेसी नेताओं को पार्टी के 131 वें स्थापना दिवस पर बड़ी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है. महाराष्ट्र से निकलने वाले कांग्रेस के मुखपत्र कांग्रेस दर्शन में पार्टी के दो बड़े नेताओं जवाहरलाल नेहरू और सोनिया गांधी की आलोचना की गयी है. इस मुखपत्र के एक लेख में नेहरु और पटेल के संबंधों को तनावपूर्ण बताते हुए, कश्मीर के मुद्दे पर नेहरु की नीतियों पर सवाल उठाये गए हैं. इसके अलावा एक अन्य लेख में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के पिता को मुसोलिनी की सेना का फासीवादी सैनिक बताया गया है. साथ ही इसमें सोनिया गांधी के पार्टी अध्यक्ष बनने के लिए किये गए प्रयासों पर भी निशाना साधा गया है. इस विवाद से असहज स्थिति में आई कांग्रेस ने तुरंत इस पत्रिका के संपादक सुधीर जोशी को बर्खास्त करते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं. उधर, इस विवाद ने नेहरु और पटेल के संबंधों को लेकर मुखर रहने वाली भाजपा को बैठे बिठाये एक मुद्दा दे दिया है. केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने चुटकी लेते हुए कहा कि सच्चाई छिपाने वाली कांग्रेस की यह असली असहिष्णुता है.
सम-विषम फार्मूले को लागू करने की तैयारी पूरी, 30 दिसंबर को रिहर्सल
दिल्ली सरकार ने सम-विषम फॉर्मूले को लागू करने के लिए पूरी तैयारी कर ली है. इसके लिए दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए हैं. इनके अनुसार सम-विषम फॉर्मूले को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक जनवरी से मेट्रो ट्रेनें पहले से एक हजार फेरे ज्यादा लगाएंगी. इस दौरान तीन हजार अतिरिक्त बसों को भी चलाया जाएगा. दिल्ली के परिवहन मंत्री गोपाल राय के मुताबिक लोगों को असुविधा न हो इसके लिए कुछ समय पहले 'पूछो' एप लांच किया गया था जिसे अब गूगल प्ले के अलावा एक हेल्पलाइन नंबर पर मिस्ड कॉल देकर भी डाउनलोड किया जा सकता है. इस ऐप के जरिए लोग नजदीकी ऑटो या टैक्सी ड्राइवर का नंबर हासिल कर उससे संपर्क कर सकते हैं. दिल्ली सरकार 30 दिसंबर को सम-विषम फ़ॉर्मूले का रिहर्सल करेगी. हालांकि इस दौरान गाड़ियों का चालान नहीं काटा जाएगा.