बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच रिश्ते लगातार खराब होते जा रहे हैं. पिछले महीने पाकिस्तान के द्वारा अपनी महिला राजनयिक को बांग्लादेश से वापस बुलाने के बाद अब बांग्लादेश ने भी अपने उच्चायुक्त को पाकिस्तान से वापस बुला लिया है. बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी के एक अधिकारी का कहना है कि 'हमारे भीतरी मामलों में पाकिस्तान का दखल बंद न होने के बाद हमने अपने उच्चायुक्त से जल्द से जल्द देश वापस आने को कहा है.' एक सप्ताह पहले ही इस्लामाबाद ने अपनी जिस महिला राजनयिक को वापस बुलाया था उस पर बांग्लादेश के इस्लामी आतंकियों से रिश्ते रखने के आरोप थे.
इन दोनों देशों के बीच संबंध खराब होने की शुरुआत बीते नवंबर महीने से हुई थी. जब बांग्लादेश ने 1971 के मुक्ति संग्राम में बड़ी संख्या में लोगों को मारने के अपराध में दो पाकिस्तान समर्थक इस्लामी नेताओं को फांसी दे दी थी. तब इन नेताओं की फांसी का पाकिस्तान ने जमकर विरोध किया था. इसके अलावा पाकिस्तानी राजनयिकों पर बांग्लादेश के आतंकियों की मदद करने के आरोप पहले भी लगते रहे हैं. पिछले साल फरवरी में बांग्लादेश में पाकिस्तानी दूतावास के एक अधिकारी को आतंकियों की आर्थिक मदद करते पकड़ा गया था.
ईरान ने अमेरिका को परमाणु समझौता तोड़ने की धमकी दी
गुरूवार को अमेरिका की ओर से ईरान पर नए प्रतिबंध लगाने की खबरों के बाद ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने इसी साल जुलाई में हुए परमाणु समझौते को तोड़ने की धमकी दी है. रूहानी ने अमेरिका की आलोचना करते हुए कहा है कि अगर अमेरिका ईरानी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाता है तो इससे बेहद मुश्किलों से की गई वह परमाणु संधि खतरे में पड़ सकती है जो कुछ ही सप्ताह में पूरी तरह से अमल में आने वाली है. उन्होंने अपने रक्षा मंत्री को आदेश दिया है कि अमेरिका से आ रहीं इन खबरों की कड़े शब्दों में निंदा की जाए और उसे इसका जबाब भी भेजा जाए. रूहानी ने बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को परमाणु समझौते से अलग बताते हुए इस पर अमेरिकी प्रतिक्रिया को पूरी तरह से गलत बताया है. गुरूवार को अमेरिका के कुछ वित्त अधिकारियों ने कहा था कि ईरान के साथ हुए परमाणु प्रतिबंध समझौते के बाद भी ईरान में बैलिस्टिक मिसाइल निर्माण कार्यक्रम चल रहा है. इन अधिकारियों ने ईरानी मिसाइल कार्यक्रम को समझौते के खिलाफ बताते हुए इससे जुडी कुछ ईरानी कंपनियों के खिलाफ नए प्रतिबंध लगाने की बात कही थी.
नेपाल में तनाव जारी, मधेसियों ने पुलिस चौकी में आग लगायी
नेपाल में मधेसी आंदोलन लगातार हिंसक होता जा रहा है. बीते मंगलवार को जनकपुर पुलिस स्टेशन पर हमले के बाद गुरुवार शाम मधेसी आंदोलनकारियों ने यहां की एक पुलिस चौकी को निशाना बनाया. खबरों के मुताबिक इन आंदोलनकारियों ने पुलिस चौकी पर पेट्रोल बमों से हमला कर उसमें आग लगा दी. हालांकि इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है लेकिन पुलिस के अनुसार आग लगने से चौकी में रखे महत्वपूर्ण कागजात जलकर राख हो गए. आंदोलनकारियों ने जनकपुर में दो वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया. बताया जाता है कि मधेसी आंदोलनकारी प्रधानमंत्री केपी ओली के आगामी विराट नगर दौरे का विरोध कर रहे थे. नेपाल का सीमावर्ती जिला जनकपुर मधेसी आंदोलन का केंद्र रहा है, यहां पिछले महीने एक कार्यक्रम में शामिल होने आयीं नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी के काफिले पर हमले के बाद से पुलिस और मधेसियों के बीच कई झड़पें हो चुकी हैं. इनमें पुलिसकर्मियों सहित 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं.