अब अमेरिका में नागरिकों के लिए बंदूक खरीदना आसान नहीं होगा. अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने बंदूकों की बिक्री पर लगाम लगाने का फैसला किया है. इसे लेकर उन्होंने नए नियम बनाने  की घोषणा की है. व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि अब अमेरिका में सभी बंदूक विक्रेताओं को पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा साथ ही दुकानदारों को बंदूक खरीदने वालों की पृष्ठभूमि की जानकारी रखनी पड़ेगी. प्रवक्ता के अनुसार अमेरिका के 'प्राइवेसी लॉ' में संशोधन किया जाएगा. ये संशोधन बंदूक रखने वाले की मानसिक स्थिति की जांच करने में आने वाली बाधाओं को दूर करने का काम करेगा. बराक ओबामा का कहना है कि बंदूकों की बिक्री पर लगाम लगाने से भले ही गोलीबारी की सभी घटनाएं न रुकें, लेकिन इससे कई लोगों की जान जरूर बचायी जा सकती है.
पिछले कुछ सालों से बढ़ रही गोलीबारी की घटनाओं से ओबामा काफी चिंतित हैं. एक ग़ैर-सरकारी संस्था 'गन वायलेंस आर्काइव' के मुताबिक अमेरिका में 2012 से अब तक आम नागरिकों के द्वारा सार्वजनिक स्थलों पर 990 से ज्यादा गोलीबारी की घटनाएं की जा चुकी हैं जिनमें से 330 वर्ष 2015 में ही हुईं हैं. यहां 2015 में 11 साल या इससे कम उम्र के 600 से ज्यादा बच्चे बंदूक़ से होने वाली हिंसा के शिकार हुए हैं.
सऊदी अरब के बाद बहरीन, सूडान और कुबैत ने भी ईरान से संबंध तोड़े, अमेरिका और रूस मनाने में जुटे
सऊदी अरब के ईरान के साथ चल रहे विवाद में अब पश्चिम एशिया के कई अन्य देश भी कूद गए हैं. सऊदी अरब के बाद अब बहरीन और सूडान ने भी ईरान के साथ राजनयिक संबंध खत्म करने की घोषणा की है. इसके अलावा कुवैत ने भी अपने राजनयिकों को ईरान से वापस आने का आदेश दिया है. इन सभी देशों ने सऊदी अरब में शिया नेता निम्र-अल-निम्र की फांसी का समर्थन किया है. वहीं, अमेरिका, रूस और यूरोपीय संघ ने इस मतभेद को खत्म कराने की कोशिशें शुरू कर दी हैं. इस टकराव से चिंतित अमेरिका और रूस ने इन देशों के बीच मध्यस्थता करने की बात भी कही है. इनका मानना है कि पश्चिम एशिया के देशों के इस झगड़े का असर सीरिया में होने वाली शांति वार्ता पर पड़ सकता है, जिसके लिए सीरिया के विपक्षी (विद्रोही गुट) पहली बार तैयार हुए हैं.
पठानकोट हमला: अमेरिका को उम्मीद पाकिस्‍तान आतंकियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा
पाकिस्तान के आतंकी संगठन - यूनाइटेड जिहाद काउंसिल - द्वारा पठान कोट हमले की जिम्मेदारी लेने के बाद अमेरिका ने उम्मीद जताई है कि पाकिस्तान इस हमले के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेगा. अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा कि पाकिस्तान सरकार ने अमेरिका से इस मामले में सख्त कार्रवाई करने के लिए हामी भरी है. किर्बी के मुताबिक पाकिस्तान ने कहा है कि वह इस हमले को लेकर भारत द्वारा मुहैया कराए गए सुरागों पर गंभीरता से काम कर रहा है. इस हमले के बाद भारत-पाक के बीच 15 जनवरी को होने जा रही विदेश सचिव स्तर की वार्ता पर रद्द होने का खतरा मंडरा रहा है. इसे देखते हुए अमेरिका ने दोनों देशों को सलाह दी है कि इस समय अच्छे संबंध दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण हैं इसलिए दोनों देश इस वार्ता को तोड़ने से पहले अपने राष्ट्रीय हितों को जरूर ध्यान में रखें.