उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन ने एक बार फिर अमेरिका सहित सभी विश्व शक्तियों की धडकनें बढ़ा दी हैं. उत्तर कोरिया ने हाइड्रोजन बम का सफल परीक्षण किया है. वहां के सरकारी टीवी चैनल ने इस खब़र की पुष्टि करते हुए कहा कि परीक्षण बुधवार सुबह 10 बजे किया गया और इसमें पूर्ण सफलता के बाद अब उत्तर कोरिया भी उन्नत परमाणु क्षमता वाले देशों की श्रेणी में पहुंच गया है. यह दावा सही माना जा रहा है क्योंकि इससे पहले आज सुबह ही दक्षिण कोरिया ने कहा था कि उत्तर कोरिया में भूकंप के हल्के झटके महसूस किये गए हैं. उसने यह आशंका भी जतायी थी कि इनका कारण परमाणु या हाइड्रोजन बम का परीक्षण भी हो सकता है क्योंकि ये झटके उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण केंद्रों के आसपास ही महसूस किये गए हैं.
परमाणु क्षमता से संपन्न उत्तर कोरिया ने परमाणु बम से कई गुना ज्यादा शक्तिशाली हाइड्रोजन बम बनाकर करीबी चीन और जापान सहित सभी देशों की चिंता बढ़ा दी है. चीन ने संयुक्त राष्ट्र से इस मामले में जल्द कार्रवाई करने को कहा है. अमेरिका ने भी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इस परीक्षण को पूरी दुनिया के लिए खतरा बताया है. उसने उत्तर कोरिया को चेतावनी दी है कि उसे जल्द ही विश्व शक्तियों के द्वारा इसका जवाब दिया जाएगा. पिछले महीने ही उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग ने हाइड्रोजन बम बना लेने की बात कही थी लेकिन तब अमेरिका ने इसे एक झूठ करार दिया था.
नेपाल में भारतीय कंपनी के दफ्तर पर पेट्रोल बम से हमला
भारत-नेपाल सीमा पर हो रही नाकेबंदी को लेकर अब नेपाल के लोगों का गुस्सा भारतीय कंपनियों पर भी फूटने लगा है. काठमांडू स्थित भारतीय कंपनी जीएमआर समूह के दफ्तर पर कुछ लोगों ने पेट्रोल बमों से हमला किया. हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. पुलिस के अनुसार वह हमला करने वाले अज्ञात लोगों की तलाश कर रही है. नेपाल में चल रहे संकट को देखते हुए पिछले महीने ही भारत सरकार ने नेपाल से भारतीय कंपनियों और प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ाने का अनुरोध किया था. नेपाल में इससे पहले भी कई भारतीय प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जा चुका है. इस बीच वहां मधेसी मोर्चा ने सरकार के साथ मौजूदा गतिरोध को खत्म करने के लिए देश की तीन बड़ी पार्टियों के साथ मिलकर एक टास्क फाॅर्स का गठन किया है. यह टास्क फाॅर्स नए संविधान को लेकर पैदा हुए मतभेदों को कम करने और वर्तमान संकट का हल निकालने के लिए काम करेगी.
डोनाल्ड ट्रंप पर पाबंदी को लेकर ब्रिटेन के सांसद बहस करेंगे
मुसलमानों पर दिए अपने विवादित बयानों की वजह से दुनिया भर में आलोचना झेल रहे अमेरिकी नेता डोनाल्ड ट्रंप को लेकर ब्रिटेन के सांसद इस बात पर बहस करेंगे कि उनके ब्रिटेन आने पर पाबंदी लगाई जाए या नहीं. ब्रिटेन में मौजूदा नियमों के तहत किसी भी याचिका को एक लाख लोगों से अधिक का समर्थन मिलने के बाद सांसदों को उस पर संसद में बहस कराने के बारे में विचार करना होता है. ट्रंप पर बैन लगाये जाने संबंधी याचिका को अभी तक पांच लाख से ज्यादा लोगों का समर्थन मिला है. इसके बाद संसद के निचले सदन हाउस आफ़ कामंस ने इस मुद्दे पर बहस कराने का निर्णय लिया है. हालांकि, यह भी साफ़ कर दिया गया है कि इस बहस के बाद सांसदों की वोटिंग नहीं होगी. पिछले महीने डोनाल्ड ट्रंप ने मुसलमानों के अमेरिका में प्रवेश को प्रतिबंधित करने की मांग की थी जिसके बाद से ब्रिटेन के कई संगठन उनके ब्रिटेन आने पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे हैं. ट्रंप का ब्रिटेन में भी बड़ा कारोबार है.