रितेश-तुषार का साझा आक्रोश 
आक्रोश की डगर पर अकेले ही चलना होता है. ऐसे लोगों को संगी-साथी नहीं मिलते. लेकिन रितेश देशमुख को इस मामले में किस्मत वाला माना जा सकता है. आखिर उन्हें अपनी फिल्म के खिलाफ आक्रोश जाहिर करने के लिए तुषार कपूर के रूप में एक साथी मिल गया है. हालांकि जहां रितेश के तेवर तीखे हैं वहीं तुषार इस फिल्म के निर्माता से डरे हुए होने की वजह से अपने आक्रोश की अभिव्यक्ति भी खामोशी से कर रहे हैं!जैसा कि आप जानते हैं ‘मस्तीजादे’ में रितेश देशमुख का छुटका सा रोल है लेकिन फिल्म के ट्रेलर में उन्हें ऐसे दिखाया गया है जैसे वे लीड रोल में हों. आप ये भी जानते हैं कि इस बात से रितेश इतने खफा हुए कि ट्विटर पर फिल्म के निर्माता-निर्देशक को खरी-खरी सुना बैठे. लेकिन आप ये नहीं जानते कि तुषार की व्यथा इससे भी ज्यादा पीड़ादायक है! वे ‘मस्तीजादे’ के मेकर्स से इसलिए नाराज हैं क्योंकि 2015 के अगस्त में सेंसर बोर्ड से फिल्म क्लियर होने के बावजूद ‘मस्तीजादे’ के निर्माता प्रीतीश नंदी ने उसे कई महीनों तक रिलीज नहीं किया. और जब तुषार की दूसरी फिल्म ‘क्या सुपर कूल हैं हम 3’ जनवरी में आना निश्चित हुई तो उसकी रिलीज के अगले ही हफ्ते ‘मस्तीजादे’ को भी रिलीज करने का फैसला ले लिया. कोई नहीं तुषार, आपकी व्यथा नंदी साहब नहीं समझे तो क्या, हम तो समझते ही हैं. आखिर 2013 के बाद अब जाकर 2016 में आपकी दो फिल्में आई हैं, और अगर वो भी जनवरी में ही बैक-टू-बैक रिलीज हो गईं तो आप साल भर क्या करेंगे? जाहिर है, कुछ नहीं!


'मेरी जिंदगी में अगर प्यार एक फितूर होता तो चीजें आगे बढ़तीं और मैं अभी तक अकेली नहीं होती!'

तब्बू



शबाना आजमी के तीखे बोल!

शबाना आजमी पब्लिक स्पेस में कम बोलती हैं, लेकिन जब बोलती हैं तगड़ा बोलती हैं. अपनी आगामी फिल्म ‘चाक एन डस्टर’ के प्रमोशन के दौरान उन्होंने महिला-केंद्रित फिल्मों और इंडस्ट्री में अभिनेत्रियों की स्थिति पर कायदे का बोला और अपनी बेबाकी से दिल खुश कर दिया. शबाना का कहना है कि हीरो और हीरोइन की आमदनी में फर्क इसलिए है क्योंकि इंडस्ट्री में टॉप का स्टार ही डिस्ट्रीब्यूटरों को फिल्म से जोड़ता है और फिल्म कितने में बेचना है ये भी वही निर्धारित करता है. उनके अनुसार मेल एक्टर्स फिल्म के लिए जरूरत से ज्यादा पैसे लेने लगे हैं और निर्माता बेचारा 200 करोड़ लगाने के बाद भी आखिर में सिर्फ आठ करोड़ ही कमा रहा है.
उन्होंने बिना लाग-लपेट के ये भी कहा कि भले ही शाहरुख ने अपनी फिल्म में दीपिका का नाम पहले देकर अच्छा कदम उठाया है लेकिन उन्हें इससे आगे बढ़कर भी कुछ करना चाहिए, जैसे महिला-केंद्रित फिल्मों को प्रोत्साहित करना! शबाना आजमी के अनुसार सभी मेल सुपरस्टार्स को कम से कम एक ऐसी फिल्म जरूर करनी चाहिए जिसमें उनसे बड़ी भूमिका किसी अभिनेत्री की हो. आखिर अभिनेत्रियां भी तो मेल सुपरस्टार्स की फिल्मों में छोटे-छोटे रोल करती ही हैं, एक-दो बार कोई सुपरस्टार कर लेगा तो उसका क्या चला जाएगा? एकदम सही बात!


फ्लैशबैक – लता, रफी, किशोर और मुकेश का एक साथ गाया इकलौता गीत
अमर अकबर एंथॉनी
अमर अकबर एंथॉनी
शायद ऐसा हिंदी गीतों के इतिहास में सिर्फ एक बार हुआ है कि मोहम्मद रफी, किशोर कुमार, मुकेश और लता मंगेशकर ने मिलकर एक गीत साथ में गाया है. यह गाना था, 1977 में आई फिल्म ‘अमर अकबर एंथॉनी’ का ‘हमको तुमसे हो गया है प्यार, क्या करें..’ आनंद बख्शी के लिखे और लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल द्वारा संगीतबद्ध इस सात मिनट लंबे गीत में अमिताभ की आवाज किशोर कुमार बने थे, विनोद खन्ना के लिए मुकेश और ऋषि कपूर के लिए रफी साहब ने आवाज दी थी. लता मंगेशकर तीनों नायिकाओं (परवीन बॉबी, शबाना आजमी व नीतू सिंह) की आवाज बनी थीं.
'हमको तुमसे हो गया है प्यार, क्या करें..' गाने में लता मंगेशकर तीनों नायिकाओं (परवीन बॉबी, शबाना आजमी व नीतू सिंह) की आवाज बनी थीं
यह पहला मौका था जब ये चारों महान आवाजें किसी एक गीत में सुनाई दीं. इसके बाद फिर ऐसा कोई संयोग नहीं बना इसीलिए इस गीत की हमारे फिल्मी इतिहास में एक खास जगह हमेशा के लिए सुरक्षित हो गई है.
इसी खास जगह पर साथ खड़े होने का मौका ‘अमर अकबर एंथॉनी’ के चार साल बाद आई एक दूसरी फिल्म को भी मिला था, और वो फिल्म थी ‘क्रांति’ (1981). मनोज कुमार और दिलीप कुमार के अभिनय से सजी इस फिल्म के एक गाने ‘चना जोर गरम’ को लता मंगेशकर, मोहम्मद रफी और किशोर कुमार ने एक अन्य साथी गायक के साथ मिलकर गाया था. लेकिन अफसोस कि वो गायक मुकेश नहीं नितिन मुकेश थे! मुकेश के देहांत की वजह से नितिन मुकेश इस फिल्म में बतौर गायक लिए गए थे और इसी के साथ ‘अमर अकबर एंथॉनी’ वो अकेली फिल्म बनकर रह गई जिसमें चारों महान गायकों ने एक साथ कोई गीत गाया था.
विशेष - ‘अमर अकबर एंथॉनी’ से जुड़ा एक मजेदार तथ्य यह भी है कि 1983 में आई अमिताभ, रजनीकांत और हेमा मालिनी की ‘अंधा कानून’ में तीन खलनायकों का नाम अमर, अकबर और एंथॉनी था! और इन खलनायकों की भूमिका प्रेम चोपड़ा, डैनी और प्राण ने निभाई थी.