अमेरिका ने उत्तर कोरिया पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है. उसने यहां के तानाशाह किम जोंग उन की निजी संपत्ति और उत्तर कोरिया की आमदनी के स्रोतों को खत्म करने का मन बना लिया है. इसी को लेकर अमेरिका की संसद में एक विधेयक पेश किया गया है. इसमें उत्तर कोरिया पर कई तरह के आर्थिक प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है. इस विधेयक पर अमेरिका के सांसद आज वोटिंग करेंगे. उत्तर कोरिया की आमदनी के दो प्रमुख स्रोत हैं. पहला, प्रवासियों का वापस अपने देश भेजा जाने वाला पैसा और दूसरा, वहां आने वाले पर्यटक. अमेरिका इन दोनों पर पाबंदी लगाने जा रहा है. साथ ही वह किम जोंग उन के विदेशी बैंकों में जमा संपत्ति को भी जब्त करेगा. बताया जाता है कि किम के 200 से ज्यादा विदेशी खातों में करीब पांच अरब डॉलर की संपत्ति जमा है.
हालांकि, चीन की टालमटोल के बाद इस आर्थिक पाबंदी के कामयाब होने पर संशय के बादल छाने लगे हैं. चीन का कहना है कि वह हाइड्रोजन बम परीक्षण को लेकर उत्तर कोरिया पर कार्रवाई तो करना चाहता है, लेकिन वह उसको दी जाने वाली तेल सप्लाई नहीं काटेगा, क्योंकि ऐसा करने से उत्तर कोरिया तबाह हो जाएगा. इस समय उत्तर कोरिया का सबसे बड़ा मददगार चीन किम सरकार को हर साल 10 लाख टन कच्चा तेल बेचता है.
इस्तांबुल में आत्मघाती हमला, 10 की मौत
तुर्की के सबसे बड़े शहर इस्तांबुल में आत्मघाती बम धमाके में 10 लोगों के मारे जाने की खबर है. यह धमाका शहर के ऐतिहासिक पर्यटन स्थल सुल्तानअहमत में हुआ. विस्फोट कैसे हुआ इसपर सरकार ने कुछ नहीं कहा है लेकिन, प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कुछ लोगों ने पर्यटन स्थल के अंदर खुद को बम से उड़ा दिया. अभी तक किसी संगठन ने इसकी जिम्मेदारी भी नहीं ली है लेकिन, इसके पीछे कुर्द अलगाववादियों का हाथ माना जा रहा है जो युद्ध विराम टूटने के बाद से तुर्की में कई हमलों को अंजाम दे चुके हैं. इससे पहले अक्तूबर में राजधानी अंकारा में हुए दो हमलों में 100 से ज़्यादा लोग मारे गए थे.
चीन ने ज्यादा ताकत वाली नई 'रॉकेट फोर्स' बनायी
चीन ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव करते हुए एक नई स्वतंत्र फ़ोर्स का गठन किया है. इसे उसने रॉकेट फ़ोर्स का नाम दिया है. यह फ़ोर्स परमाणु पनडुब्बियों, बमवर्षक विमानों और मिसाइलों से लैस होगी. दुनिया में अपनी तरह की इकलौती मानी जा रही यह फ़ोर्स धरती, समंदर और आसमान तीनों में एक साथ मार करने में सक्षम है. चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक सरकार ने यह कदम नए साल पर सेना में किये जा रहे बड़े बदलाव के तहत उठाया है. उसके अनुसार यह रॉकेट फ़ोर्स अमेरिका, रूस , ब्रिटेन और फ्रांस की स्पेशल फ़ोर्स के मुकाबले ज्यादा ताकतवर और एकीकृत होगी. इसके साथ ही चीन ने पहली बार सात एकीकृत क्षेत्रीय सेनाओं का गठन भी किया है. इसमें चेंगदू क्षेत्र की सेना भारत के पूर्वी हिस्से और लैंझाऊ क्षेत्र की सेना पाकिस्तान और अफगानिस्तान पर नजर रखेगी.