उत्तर प्रदेश सरकार ने एक विवादित फैसला लिया है जिसके तहत यदि किसी शख्‍स की दो पत्‍न‍ियां है तो वह राज्य में सरकारी टीचर नहीं बन पायेगा. राज्‍य सरकार ने हाल ही में प्राइमरी स्‍कूलों में उर्दू शिक्षकों की भर्ती के लिए एक नोटिस निकाला है. इसमें कहा गया है कि वे लोग जिनकी दो पत्‍न‍ियां हैं और जीवित हैं, इस पद के लिए अयोग्‍य होंगे. इसमें ये भी कहा गया है कि वे महिलायें भी इस पद के लिए अयोग्‍य होंगी, जिन्‍होंने किसी ऐसे शख्‍स से शादी की हो, जिसकी दो पत्‍न‍ियां हों. शिक्षा विभाग ने साफ़ किया है कि ये प्रावधान सिर्फ उर्दू शिक्षकों पर ही नहीं, बल्‍क‍ि सभी शिक्षक भर्तियों पर लागू होगा. सरकार के इस फैसले का मुस्‍ल‍िम संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया है. मुस्‍ल‍िम पर्सनल लॉ बोर्ड का कहना है कि ये मुसलमानों के अधिकारों का उल्‍लंघन है क्योंकि इस्‍लाम में चार शादियों का प्रावधान है.

उधर, उत्तर प्रदेश के शिक्षा मंत्री अहमद हसन ने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा है कि इस नियम को लागू करने का मकसद कर्मचारी की मृत्‍यु होने पर उसकी किस पत्नी को पेंशन मिले और किसको न मिले, इससे जुड़ी गलतफहमी को दूर करना है. वहीं, मंत्री के इस तर्क पर लखनऊ ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद राशिद फिरंगी का कहना है कि अगर कोई शख्‍स अपने पीछे दो पत्‍न‍ियां छोड़ जाता है तो पेंशन दो पत्‍न‍ियों के बीच आधी-आधी बांटी जा सकती है.

भारत-पाक विदेश सचिव स्तर की वार्ता रद्द, नई तारीख जल्‍द घोषित होंगी

भारत और पाकिस्तान के बीच 15 जनवरी को होने वाली विदेश सचिव स्तर की वार्ता रद्द हो गयी है. भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने पत्रकारों को बताया कि पाकिस्तान के साथ होने वाली इस वार्ता को दोनों देशों की सहमति से स्थगित किया गया है. इस वार्ता की नई तारीख जल्द घोषित की जायेंगी. पाकिस्तान की ओर से पठानकोट हमले की जांच के लिए एसआईटी भेजे जाने के सवाल पर स्वरुप का कहना था कि अगर पकिस्तान कोई जांच दल भारत भेजता है तो भारत की सभी एजेंसियां उसे हरसंभव सहयोग करेंगी. साथ ही उन्होंने इस हमले को लेकर पाकिस्तान की ओर से अभी तक की गई कार्रवाई का भी स्वागत किया है. हालांकि, विकास स्वरूप ने मसूद अज़हर को हिरासत में लिए जाने संबंधी ख़बरों से इनकार किया है.

पीडीपी ने भाजपा के साथ गठबंधन आगे बढ़ाने पर सख्त रुख अपनाया

महबूबा मुफ्ती की पार्टी पीडीपी ने भाजपा के साथ गठबंधन को आगे बढ़ाने को लेकर सख्त रुख अपना लिया है. पीडीपी ने भाजपा के सामने नई शर्तें रख दीं हैं. पीडीपी प्रवक्‍ता नईम अख्‍तर ने कड़े लहजे में कहा है कि जम्‍मू-कश्‍मीर में गठबंधन जारी रखने को लेकर उनकी पार्टी पिछले साल तय किए गए एजेंडे पर पुख्‍ता कार्यवाही चाहती है. अख्तर ने एक समाचार चैनल से बातचीत में कहा कि जम्‍मू-कश्‍मीर को लेकर पीएम और मुफ्ती साहब ने एक साझा एजेंडा तैयार किया था, पहले उसका क्रियान्‍वयन होना चाहिए. उनके अनुसार इस समय उनकी पार्टी इसकी गहन समीक्षा कर रही है. बता दें कि जम्‍मू-कश्‍मीर में इस समय अस्‍थायी तौर पर राष्‍ट्रपति शासन लागू है. पीडीपी की ओर से मुफ्ती मोहम्‍मद सईद के स्‍थान पर मुख्‍यमंत्री पद के लिए चुनी गईं महबूबा ने फिलहाल मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से इनकार कर दिया है.