‘पाकिस्तान से विदेश सचिव स्तर की बातचीत कल नहीं होने जा रही है. बातचीत की नई तारीख जल्द तय होगी.’ 

विकास स्वरूप, भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता

आखिरकार पठानकोट आतंकी हमले से उठी आशंकाएं सच हो गईं. हालांकि बात ज्यादा नहीं बिगड़ी है, इसका संकेत देते हुए स्वरूप ने यह भी कहा कि दोनों देशों ने आपसी सहमति से यह फैसला लिया है और पठानकोट हमले की जांच को लेकर पाकिस्तान का पहला कदम सकारात्मक है.


'हमारी पार्टी बीजेपी के साथ सरकार बनाने की जल्दबाजी में नहीं है.'

नईम अख्तर, पीपुल्‍स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के प्रवक्‍ता 

जम्मू-कश्मीर में सरकार गठन को लेकर बीते कुछ दिनों से अंदर ही अंदर चलता गतिरोध सतह पर आता दिख रहा है. अख्तर ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी इस बात की समीक्षा कर रही है कि प्रचंड बहुमत हासिल करने वाले पीएम नरेंद्र मोदी ने मुफ्ती साहब के 'विजन' को पूरा करने की दिशा में कोई फैसला किया है या नहीं. मुफ्ती मोहम्मद सईद के असमय निधन को एक हफ्ता गुजरने के बावजूद अभी तक महबूबा मुफ्ती ने मुख्यमंत्री पद की शपथ नहीं ली है.


'जिस तरह खटमल बिस्तर से निकलकर लोगों को काटता रहता है, उसी तरह बीजेपी के नेता रोज नई-नई अफवाह फैलाते रहते हैं. बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ खटमल की तरह हैं.'

लालू प्रसाद यादव, राजद मुखिया

भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए लालू ने यह भी कहा कि सांप्रदायिकता बीजेपी की एकमात्र पूंजी है और राजनीतिक लाभ के लिए समय-समय पर वह इसका इस्तेमाल करती है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी बिहार में उनकी गठबंधन सरकार के गिरने की अफवाह फैला रही है.


‘कहीं न कहीं सरकार को इस तथ्य का संज्ञान लेना है कि पाकिस्तान हमेशा दुष्ट और बार-बार अपराध करने वाला देश रहा है.’ 

रेणुका चौधरी, कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री 

चौधरी ने कहा कि कांग्रेस ने कभी मोदी सरकार की पाकिस्तान से बातचीत का विरोध नहीं किया लेकिन सरकार को इस बात को याद रखना चाहिए कि पाकिस्तान कहता कुछ है और करता कुछ और है. इससे पहले कांग्रेस नरेंद्र मोदी की अचानक पाकिस्तान यात्रा पर सवाल उठा चुकी है.


‘राजशाही को उखाड़ फेंको. वह कभी भी लोगों की हिफाजत नहीं करेगी.’

अयमान अल जवाहिरी, अल कायदा प्रमुख

खबरों के मुताबिक जवाहिरी ने एक ऑनलाइन संदेश में अपने समर्थकों से सऊदी अरब की राजशाही को उखाड़ने का आह्वान किया है. यह आह्वान बीते दिनों सऊदी अरब द्वारा करीब 40 जिहादियों को मौत की सजा दिए जाने का बदला लेने के लिए है. इनमें से अधिकतर को 2003 से 2004 के बीच देश में अल कायदा के हमलों में शामिल होने के मामले में दोषी ठहराया गया था.