बरेली में स्वच्छ भारत अभियान के तहत बने अपने शौचालय गिराने वाले इन लोगों को नोटिस भेजा गया है.  यह खबर बताती है कि स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाना मोदी सरकार के लिए कितनी बड़ी चुनौती है. द टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक बरेली में 90 परिवारों ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत बने शौचालय गिरा दिए और दोबारा खुले में शौच करना शुरू कर दिया. आलमपुर जाफराबाद ब्लॉक में रहने वाले इन परिवारों को अधिकारियों ने इसके चलते नोटिस भेजे हैं. बताया यह भी जा रहा है कि बरसों की आदत से पीछा न छुड़ा पाने वाले ऐसे लोगों की संख्या कहीं ज्यादा हो सकती है.
बीते साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर अपने भाषण में जो वादे किए थे उनमें एक ग्रामीण भारत में शौचालय बनाने का भी था. सरकार इस दिशा में काफी सक्रिय भी है. उसका दावा है कि उसने अब तक लाखों शौचालय बनवाए हैं. ऐसे हर शौचालय पर सरकार 12 हजार रु खर्च करती है. लेकिन बरेली का यह उदाहरण बताता है कि चुनौती सिर्फ शौचालय बनाने से आगे जाती है.
'एक ग्रामीण ने यह माना कि बूढ़ों और बच्चों को खुले में शौच करने की आदत है और चारदीवारी के भीतर वे इसमें सहज महसूस नहीं करते थे.'
जैसा कि एक अधिकारी बताते हैं, 'किसी का कहना था कि उसे लगा कि शौचालय हटाने से रहने के लिए थोड़ी और जगह निकल आएगी. कइयों का यह भी कहना था कि उनकी खाली जगह पर शौचालय बन गया जिससे बच्चे घर पर खेल नहीं पाते. एक ग्रामीण ने यह माना कि बूढ़ों और बच्चों को खुले में शौच करने की आदत है और चारदीवारी के भीतर वे इसमें सहज महसूस नहीं करते थे.'
अधिकारियों को जब पता चला कि आलमपुर जाफराबाद में एक नहीं बल्कि दर्जनों गांववालों ने सरकारी पैसे से बने हुए अपने शौचालय गिरा दिए हैं तो हड़कंप मचना स्वाभाविक था. यही वजह है कि इस मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं. इन लोगों को नोटिस जारी करके 15 दिन में जवाब देने को कहा गया है और अगर जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो उनसे 12 हजार रु की वसूली की जाएगी.
भारत में आज भी करीब 60 करोड़ लोग खुले में शौच करते हैं. यह दुनिया भर में ऐसे लोगों की कुल संख्या का आधा हिस्सा है.
पर्ल घोटाले में कुछ बड़े क्रिकेटरों और फिल्मी सितारों से पूछताछ हो सकती है
पर्ल ग्रुप घोटाले की जांच कर रही सीबीआई इस मामले में क्रिकेटरों और फिल्मी सितारों से भी पूछताछ कर सकती है. डीएनए की एक रिपोर्ट के मुताबिक 45 हजार करोड़ रु से भी ज्यादा के इस घोटाले में चंडीगढ़ स्थित ग्रुप के प्रमोटरों ने पांच करोड़ से भी ज्यादा निवेशकों को चपत लगाई है.
एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक पर्ल ग्रुप के संपर्क कई क्रिकेटरों और फिल्मी सितारों से थे जिनमें युवराज सिंह और हरभजन सिंह भी शामिल हैं. बताया जाता है कि उन्हें कथित तौर पर आरोपियों की तरफ से उपहार के तौर पर पंजाब में प्लॉट मिले थे. समूह के कई बड़े अधिकारियों को बीते हफ्ते गिरफ्तार किया गया है.
सीबीआई के अधिकारियों के मुताबिक अभी यह पता नहीं चला है कि खिलाड़ियों और अभिनेताओं को कथित तौर पर प्लॉट क्यों दिए गए, लेकिन उन्होंने इन हस्तियों से पूछताछ की संभावना से इनकार नहीं किया है. एक अधिकारी के मुताबिक मामला इतना बड़ा है कि जो भी लोग इससे जुड़े होंगे उनसे पूछताछ होगी. भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी. बताया जा रहा है कि जांच के सिलसिले में अधिकारियों की एक टीम ऑस्ट्रेलिया भी जाने वाली है.