मधेसी आंदोलन के चलते भारत-नेपाल के बीच बने मनमुटाव का चीन ने फायदा उठाना शुरु कर दिया है. नेपाल में अपना दखल बढाते हुए वह वहां अपने बेहतर आवागमन के लिए एक एयरपोर्ट बनाने जा रहा है. नेपाल के दूसरे सबसे बड़े शहर पोखरा में इस एयरपोर्ट को बनवाने के लिए चीन 210 मिलियन डॉलर यानी लगभग 1400 करोड़ रु का कर्ज देगा. चीन इस एयरपोर्ट को बनाने के लिए अपने कामगार भी वहां भेजेगा. नेपाल के पर्यटन मंत्री आनंद प्रसाद पोखरेल के मुताबिक इस एयरपोर्ट का निर्माण भारत के साथ सीमा पर नाकेबंदी की वजह से होने वाली परेशानियों को देखते हुए किया जा रहा है. नेपाल सरकार का मानना है कि अगर भविष्य में कभी ऐसा संकट दोबारा आता है तो वह भारत पर निर्भर न रहकर चीन से पूरी मदद ले सकेगी.
खबरों के मुताबिक चीन इस एयरपोर्ट में इसलिए दिलचस्पी दिखा रहा है क्योंकि एक तो यह भारत के करीब होगा और दूसरा वह इसका इस्तेमाल अपने क्षेत्रीय एयरपोर्ट के रूप में कर सकेगा. पूरी तरह से भारत पर निर्भर रहने वाले नेपाल में मधेसियों ने महीनों से भारतीय सीमा पर नाकेबंदी कर रखी है. इस वजह से वहां ईंधन और गैस जैसी तमाम जरूरी चीजों की किल्लत हो गयी है. ऐसे में चीन उसे पूरी मदद देने को भी तैयार है लेकिन, दुर्गम रास्तों के चलते तेजी से आपूर्ति मुमकिन नहीं हो पा रही है.
हथियारों की खरीद-फरोख्त पर अमेरिका ने सऊदी और पाक को कड़ी चेतावनी दी
अमेरिका ने परमाणु हथियारों की खरीद-फरोख्त पर पाकिस्तान और सऊदी अरब को कड़ी चेतावनी दी है. अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन कैरी ने कहा है कि अगर पाकिस्तान और सऊदी अरब आपस में परमाणु हथियारों का कारोबार करते हैं तो इन दोनों देशों को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे. उनके अनुसार यदि सऊदी अरब परमाणु हथियारों को हासिल करने के लिए किसी भी तरह की योजना बनाएगा तो उसे परमाणु अप्रसार संधि के तहत कई तरह के प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा. हाल ही में सऊदी अरब के ईरान के साथ संबंध खराब होने के बाद, उसके द्वारा पाकिस्तान से परमाणु हथियार खरीदने की खबरें आयी थीं. इसी महीने पिछले 15 दिनों के भीतर सऊदी अरब के तीन मंत्री पाकिस्तान का दौरा कर चुके हैं.
सिंगापुर ने आईएस का समर्थन करने वाले 26 बांग्लादेशियों को देश से निकाला
सिंगापुर सरकार ने आतंकी संगठन आईएस की विचारधारा का समर्थन करने के आरोप में 26 बांग्लादेशी नागरिकों को देश से निकाल दिया है जबकि एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है. सिंगापुर के गृहमंत्रालय के मुताबिक पुलिस ने जांच में पाया कि ये लोग आईएस और अलकायदा की विचारधारा से बहुत ज्यादा प्रभावित थे. गृहमंत्रालय के मुताबिक इनमें से कुछ लोग तो आईएस को पैसा भेजने की योजना भी बना रहे थे. जिस व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है उसके घर से पुलिस को आईएस के कई वीडियो मिले हैं. अपने बयान में मंत्रालय का कहना है, ' हालांकि ये लोग किसी तरह के आतंकी हमले की योजना नहीं बना रहे थे. लेकिन, अमेरिका के सैन बर्नारडिनो में हुई घटना से सबक लेते हुए हमने इन्हें देश से निकालने का फैसला लिया है.' बीते नवंबर में अमेरिका के सैन बर्नारडिनो में आईएस से प्रभावित एक मुस्लिम दंपति ने विकलांगों के एक कार्यक्रम में गोलीबारी कर 14 लोगों की हत्या कर दी थी.