अपनी सीमाओं को सुरक्षित करने और प्रवासियों की मदद के लिए यूरोपीय संघ जल्द ही तुर्की को तीन अरब डॉलर की आर्थिक मदद देगा. तुर्की के प्रधानमंत्री अहमत दावुतोग्लु के साथ हुई बैठक के बाद जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने कहा, 'हमें ख़ुशी है कि तुर्की की सरकार ने अपने वादे के अनुसार सीरिया से आए प्रवासियों को वर्क परमिट की सुविधा दे दी है और इसीलिए मैं आज एक बार फिर यूरोपीय संघ के वादे को दोहराती हूं, ताकि इस पैसे से तुर्की प्रवासियों के लिए हालात और बेहतर बना सके.'
मध्य पूर्व में जारी हिंसा के कारण बड़ी संख्या में प्रवासी यूरोप का रुख कर रहे हैं. वे वैध-अवैध, हर तरीके से तुर्की होते हुए भूमध्यसागर पार करके यूरोप पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं. इसी के चलते कई हादसे भी हुए हैं. इसी शुक्रवार को तुर्की में प्रवासियों से भरी दो नावों के डूबने से 20 बच्चों सहित 40 लोगों की मौत हो गई थी. इन्हीं घटनाओं को देखते हुए और यूरोप में प्रवासियों बढ़ती संख्या से चिंतित यूरोपीय संघ चाहता है कि तुर्की अपनी सीमाओं को अधिक सुरक्षित करे. साथ ही वह अपने यहां मौजूद 30 लाख शरणार्थियों को बेहतर सुविधाएं भी मुहैय्या कराये.सीरिया से सटे होने के कारण प्रवासी तुर्की से होते हुए यूरोप आ जाते हैं. पिछले एक साल में 10 लाख से अधिक प्रवासी तुर्की से होते हुए यूरोप में अवैध तरीकों से पहुंचे हैं.
अमेरिका में बर्फीले तूफ़ान से आठ की मौत
अमेरिका में बर्फीले तूफान ने उत्तरी-पूर्वी तट को अपनी चपेट में ले लिया है. टेनेसी, नॉर्थ कैरोलीना, केंटुकी और दूसरे शहरों में तूफ़ान की वजह से हुई कार दुर्घटनाओं में आठ लोगों की मौत की खबर है. अमेरिका के मौसम विभाग का कहना है कि पिछले 100 साल में सबसे ताकतवर इस तूफान से केवल कुछ ही घंटों में 30 इंच तक बर्फबारी हो सकती है. मौसंम विभाग के अनुसार देश के दक्षिणी राज्यों में पहले से ही आठ इंच की बर्फीली चादर बिछ चुकी है. सरकार ने छह राज्यों में आपातकाल की घोषणा करते हुए लोगों से अपने घरों में ही रहने को कहा है. देश में छह हजार से अधिक उड़ानें रद्द करने के साथ-साथ वाशिंगटन की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को भी रविवार तक के लिए बंद कर दिया गया है.
मधेसियों की मौत पर नेपाल सरकार ने जांच के आदेश दिए, दूसरे दिन भी हिंसा भड़की
नेपाल सरकार ने गुरुवार को पुलिस के द्वारा मधेसियों पर की गयी फायरिंग की जांच के आदेश दे दिए हैं. इसके लिए सरकार ने दस सदस्यीय जांच दल का गठन किया है. यह जांच दल सीपीएन-यूएमएल के माओवादी नेता शिव कुमार मंडल की अध्यक्षता में काम करेगा. वहीं मधेसी मोर्चा ने इस जांच दल का विरोध किया है. मोर्चा के नेताओं ने इसे सरकार का एक छलावा बताते हुए कहा है कि अगर सरकार को निष्पक्षता से यह जांच करवानी होती तो वह इस जांच दल में मधेसी मोर्चा के नेताओं को भी रखती. उधर, शुक्रवार को भी इस घटना के विरोध में मधेसियों ने जमकर उत्पात मचाया. मधेसियों ने बीरगंज, रुपनदेह जिलों में कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया. आंदोलनकारियों ने कई जिलों में स्कूल, कालेज और बाजार जबरदस्ती बंद करवा दिए. बीते गुरुवार को नेपाल के रंगेली शहर में सत्ताधारी पार्टी के एक कार्यक्रम के दौरान पुलिस और मधेसियों के बीच हुई झड़प में पुलिस की गोली से तीन मधेसियों की मौत हो गयी थी.