हार के बाद आईएस ने अपने 20 लड़ाकों की हत्या की, इनमें चार भारतीय होेने की संभावना | सोमवार, 01 फरवरी 2016
आईएस ने मोसुल शहर के मोर्चे से जान बचाकर भागे अपने ही 20 आतंकियों को बेरहमी मार डाला. खुफिया एजेंसियों ने संभावना जताई है कि इनमें चार भारतीय भी हो सकते हैं. बताया जाता है कि सीरिया और इराक में बगदादी के लिए लड़ रहे 17 भारतीयों में से चार भारतीय आतंकवादी उस मोर्चे के सदस्य थे. मोसुल में ईराकी सुरक्षा बलों से हारने के बाद ये सारे आतंकी वहां से जान बचाकर भाग निकले. आईएस की काउंसिल ने इन सबको भगोड़ा करार देकर मौत की सजा सुनाई थी. इधर, भारतीय खुफिया एजेंसियां इस जानकारी को अपने नेटवर्क के जरिए पुख्ता करने की कोशिश में लगी हैं. मीडिया में आई कुछ खबरों के मुताबिक भारतीय एजेंसियां संबंधित आतंकवादियों के परिजनों के संपर्क में हैं.
ज़ीका वायरस के कारण रियो ओलंपिक रद्द नहीं होगा | मंगलवार, 02 फरवरी 2016
ज़ीका वायरस का संक्रमण झेल रहे ब्राज़ील ने कहा कि इसकी वजह से अगस्त में होने वाला रियो ओलंपिक रद्द नहीं किया जाएगा.  ब्राजील की राष्ट्रपति जिल्मा रुसेफ़ ने पूरी दुनिया को विश्वास दिलाते हुए कहा है, ‘मैं ओलंपिक के दौरान ब्राज़ील आने वाले खिलाड़ियों और दर्शकों को आश्वस्त करना चाहती हूं कि गर्भवती महिलाओं को छोड़कर अन्य किसी को इस वायरस से कोई ख़तरा नहीं है. दरअसल, जीका वायरस की शुरुआत ब्राजील से हुई थी. पिछले एक साल में यहां इस वायरस के कारण छोटे सर वाले और दिमाग़ी रूप से कमज़ोर हज़ारों बच्चों का जन्म हुआ है. इसी कारण रियो ओलंपिक के आयोजन को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे थे.
सऊदी अरब ने फलस्तीनी कवि की मौत की सजा को आठ साल कैद और 800 कोड़ों में बदला | बुधवार, 03 फरवरी 2016
अंतर्राष्ट्रीय दबाव के बाद सऊदी अरब की एक अदालत ने इस्लाम को न मानने का दोषी पाए गए एक फलस्तीनी कवि की फांसी की सजा को बदल दिया. अदालत ने कवि अशरफ फयाज की फांसी की सज़ा को आठ साल की क़ैद में बदल दिया है साथ ही उन्हें 800 कोड़े भी मारे जाएंगे. अदालत ने उनके कविता लिखने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है. सऊदी अरब में पैदा हुए अशरफ फयाज फलस्तीनी शरणार्थी परिवार से हैं. फयाज पर नास्तिकता का प्रचार करने और ईश-निंदा को बढ़ावा देने का आरोप था जिसके कारण उन्हें 2015 में फांसी की सजा सुनाई गई थी. फयाज की इस सजा का दुनिया भर के लेखकों और बुद्धिजीवियों ने विरोध किया था.
चीन नेपाल में अपना व्यापारिक शहर बसाएगा | गुरुवार, 04 फरवरी 2016
मधेसी आंदोलन के चलते भारत-नेपाल के बीच पैदा हुए मनमुटाव का फायदा उठाते हुए चीन वहां अपना दबदबा बढ़ाता जा रहा है. अब चीन नेपाल में करीब 30 अरब रुपए की लागत से एक व्यापारिक शहर विकसित करने जा रहा है. राजधानी काठमांडू से 15 किलोमीटर दूर यह प्रस्तावित केंद्र 100 हेक्टेयर में बनेगा. इसमें होटल, रेस्तरां, अस्पताल, अनाथालय, स्विमिंग पूल और कारखानों सहित रहने के लिए रिहायशी इमारतें भी बनेंगी. कहा जा रहा है कि जहां चीन इस व्यापारिक शहर को दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा बाजार बनायेगा. वहीं, नेपाल को सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अगर भविष्य में कभी मधेसी आंदोलन जैसा संकट दोबारा आता है तो वह भारत पर निर्भर न रहकर चीन से पूरी मदद ले सकेगा.
दुनियाभर में 20 करोड़ महिलाओं और बच्चियों का खतना हुआ है : यूनिसेफ | शुक्रवार, 05 फरवरी 2016
महिला खतना को लेकर संयुक्त राष्ट्र के बाल कोष (यूनिसेफ) ने एक रिपोर्ट जारी की. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि विश्वभर में कम से कम 20 करोड़ ऐसी लड़कियां और महिलाएं हैं जिनका खतना किया गया है. रिपोर्ट से यह भी खुलासा हुआ है कि इन 20 करोड़ में से चार करोड़ 40 लाख लड़कियों की आयु 14 वर्ष या उससे भी कम है. साथ ही यह प्रथा जिन 30 देशों में सबसे ज्यादा प्रचलित है वहां अधिकतर लड़कियों का खतना उनके पांच वर्ष के होने के पहले ही करवा दिया जाता है. रिपोर्ट के अनुसार, इन लड़कियों में से आधी लड़कियां और महिलाएं मिस्र, इथोपिया और इंडोनेशिया में रह रही हैं. संयुक्त राष्ट्र ने इस कुप्रथा को महिलाओं के साथ शोषण मानते हुए इसे समाप्त करने के लिए वर्ष 2030 तक का लक्ष्य निर्धारित किया है.
ताइवान में भूकंप से 11 लोगों की मौत | शनिवार, 06 फरवरी 2016
दक्षिणी ताइवान में शनिवार तड़के आये भूकंप में 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि 300 से ज्यादा लोग घायल हो गए. राजधानी ताइपे से करीब 300 किलोमीटर दूर ताइनान शहर में आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.4 आंकी गई. खबरों के अनुसार इस भूकंप का सबसे ज्यादा असर शहर की एक 16 मंजिला इमारत पर पड़ा जो कि पूरी तरह से ध्वस्त हो गई. अधिकारियों का कहना है कि भूकंप के समय लोग गहरी नींद में सो रहे थे जिस वजह से ज्यादा लोग हताहत हुए. ताइवान दो टेक्टोनिक प्लेटों के मिलने के स्थान के काफी क़रीब स्थित है इसीलिए यहां अक्सर भूकंप आते रहते हैं.