पाकिस्तान ने पठानकोट हमले में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का हाथ होने से इनकार किया है. पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार भारत के दावे को नकारते हुए पाकिस्तान ने कहा है कि भारत के सबूत इतने पुख्ता नहीं हैं जिनसे कहा जा सके कि इस हमले में जैश-ए-मोहम्मद का हाथ था. बताया जाता है कि भारत की ओर से दिए गए आतंकियों के फोन रिकॉर्ड्स के संबंध में पाकिस्तान का कहना है कि इन फ़ोन रिकार्ड्स की जांच कर पाना उसके लिए संभव नहीं है, क्योंकि कुछ फोन कनेक्शन फर्जी कागजात देकर हासिल किए गए हैं. खबरों में यह भी कहा गया है कि इस मामले के लिए गठित एसआईटी जांच में पाकिस्तान को अजहर मसूद की खिलाफ ऐसे कोई सबूत नहीं मिले हैं जिनके आधार पर उस पर मुकदमा चलाया जा सके. बताया जाता है कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की मंजूरी के बाद यह जानकारी भारत के सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल से साझा की है. हालांकि भारत सरकार की ओर से अभी इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
पिछले दिनों भारत ने पठानकोट एयरबेस पर छह आत्मघाती आतंकियों के हमले के पीछे मौलाना अजहर मसूद का हाथ होने का दावा करते हुए पाकिस्तान से घटना की जांच करने को कहा था. भारत सरकार ने इसके लिए सबूत भी मुहैया करवाए थे. इनके आधार पर पाकिस्तान सरकार द्वारा गठित एक उच्च स्तरीय समिति मामले की जांच कर रही है.
नेपाल के प्रधानमंत्री अपने पहले विदेशी दौरे पर चीन नहीं, बल्कि भारत आएंगे
काफी कशमकश के बाद नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने 19 फरवरी को भारत आने का फैसला ले लिया है. प्रधानमंत्री बनने के बाद ओली का यह पहला विदेशी दौरा होगा. ख़बरों के अनुसार ओली 20 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से द्विपक्षीय मुद्दों पर बात करेंगे. वहीं, नेपाल के वित्तमंत्री बिष्णु पौडेल ने उम्मीद जताई है कि इस दौरे से दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्ते और मजबूत होंगे साथ ही मधेसी आंदोलन को लेकर बना गतिरोध भी काफी हद तक दूर हो जाएगा. बता दें कि पिछले हफ्ते कुछ ऐसी खबरें आई थीं कि ओली अपने पहले विदेशी दौरे पर भारत के बजाय चीन जा सकते हैं.
संयुक्त राष्ट्र का उत्तर कोरिया पर नए प्रतिबंध लगाने का ऐलान
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने उत्तर कोरिया के द्वारा लंबी दूरी के रॉकेट के प्रक्षेपण की कड़ी निंदा की है. इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा परिषद ने रविवार को न्यूयॉर्क में एक आपात बैठक बुलाई. इस बैठक के बाद यूएन ने घोषणा की है कि सुरक्षा परिषद के ज्यादातर देश उत्तर कोरिया पर नए प्रतिबंध लगाने को तैयार हो गए हैं और वह जल्द ही इन प्रतिबंधों को लेकर एक प्रस्ताव पारित करेगा. उधर, उत्तर कोरिया ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि इस रॉकेट प्रक्षेपण पर यूएन को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है. उसका दावा है कि यह किसी बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण नहीं था बल्कि इस प्रक्षेपण का मकसद केवल एक उपग्रह को कक्षा में स्थापित करना था.