18 फरवरी को मध्यप्रदेश के सिहोर में होने वाली प्रधानमंत्री की रैली से पहले किसानों की जबरदस्ती फसल कटवाने का मामला सामने आया है. खबरों के अनुसार रैली के आयोजन स्थल के दायरे में आने वाले खेतों के मालिकों से अपनी अधपकी फसल काटने को कहा गया है. ऐसे ही एक खेत के मालिक सुरेश परमार का एक समाचार वेबसाइट से बातचीत में कहना है कि अधिकारियों ने उनसे अपना खेत साफ करने को कहा था ऐसे में उन्हें अपनी फसल पकने से पहले ही काटनी पड़ी. परमार के मुताबिक इससे उन्हें करीब डेढ़ लाख रुपये का नुकसान हुआ है. एक अन्य किसान कपिल परमार का का कहना है कि उसकी तीन एकड़ जमीन आयोजन स्थल के दायरे में आ रही है, और उस पर फसल काटने का दबाब डाला जा रहा है. कपिल का कहना है, 'मेरी समझ में नहीं आ रहा कि आखिर अब मैं क्या करूं? क्या प्रशासन चाहता है कि मैं खुदकुशी कर लूं? अधपकी फसल को कौन खरीदेगा ? इससे किसानों पर कर्ज और बढेगा इसीलिए यहां के किसान इस सरकारी फरमान से परेशान हैं.'

किसानों का आरोप है कि तहसीलदार और पटवारी जबरदस्ती पेपर पर दस्तखत करवाकर खेत में खड़ी फसल कटवाने की इजाजत ले रहे हैं. उधर, राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने किसानों के इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. सिहोर के डीएम सुदाम खड़े का कहना है कि किसी भी किसान से जबरन जमीन नहीं ली गई है और न ही खड़ी फसल कटवाई गई है. सम्मेलन सरकारी जमीन पर करवाया जा रहा है, आसपास की निजी जमीन को किसानों की सहमति के बाद लिया गया है. गौर करने वाली बात यह है कि यह रैली किसानों के लिए ही आयोजित की जा रही है जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों के हित की बातें करेंगे.

लांसनायक हनुमंतप्पा की हालत अभी भी गंभीर, किडनी और लिवर ने काम करना बंद किया

सियाचिन ग्लेशियर में बर्फ में दबे रहने के छह दिन बाद जीवित निकाले गये लांसनायक हनुमंतप्पा की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है. उनका दिल्ली में सेना के रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल में इलाज चल रहा है. डॉक्टरों ने आज उनके स्वास्थ्य की जानकारी देते हुए बताया कि शुरू से ही कोमा में जा चुके हनुमंतप्पा की किडनी और लिवर ने भी काम करना बंद कर दिया है साथ ही उनके दिमाग में ऑक्सीजन की कमी बनी हुई है और दोनों फेफड़े निमोनिया की चपेट में आ गये हैं. डॉक्टरों के अनुसार इस बहादुर सिपाही के लिए अगले 24 घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं. वहीं, आज सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग ने एक बार फिर से अस्पताल जाकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कल उनका हालचाल पूछने अस्पताल पहुंचे थे.

आरके पचौरी पर एक और महिला ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए

द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (टेरी) के पूर्व प्रमुख आरके पचौरी पर एक और महिला ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है. यह महिला टेरी की पूर्व कर्मचारी है. इस महिला की वकील वृंदा ग्रोवर ने बताया कि पचौरी पर जब पहली एफआईआर दर्ज हुई थी उसी समय उनकी मुवक्किल ने भी शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की थी. लेकिन, पुलिस ने उसे दर्ज नहीं किया था. वृंदा ग्रोवर के मुताबिक जब पचौरी को हाल ही में सम्मानित करते हुए टेरी का कार्यकारी उपाध्यक्ष बनाया गया तब इस महिला ने इस मामले को फिर से उठाने की ठान ली. वहीं, पचौरी की शिकायत करने वाली पहली महिला कर्मचारी उनके प्रमोशन से हैरान है. उसने एक खुले पत्र के जरिये टेरी की संचालन परिषद के इस फैसले को दुखद और घृणित बताया है. उसका कहना है कि वह इस मामले को हर हाल में अंजाम तक लेकर जायेगी.