पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने 17 साल बाद माना है कि 1999 में कारगिल में पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ करना भारत के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पीठ में खंजर घोंपने जैसा था. पाक के मुजफ्फराबाद में एक रैली को संबोधित करते हुए शरीफ ने कहा, ‘वाजपेयी ने मुझसे कहा था कि कारगिल पर पाकिस्तानी सैनिकों ने कब्जा करने की कोशिश कर उनकी पीठ में खंजर घोंपा है. उन्होंने मुझसे बिल्कुल सही कहा था. उनकी जगह अगर मैं होता तो मैं भी यही कहता. मैं हमेशा से यही मानता हूं उन्हें धोखा दिया गया था.' उस समय पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे शरीफ ने आगे कहा कि उस समय दोनों देशों के संबंध सुधर रहे थे और इसे लेकर वाजपेयी जी काफी उत्साहित थे. इसीलिए उन्हें इस हमले से बड़ा धक्का लगा था. शरीफ ने इस घटना पर अफसोस जताते हुए कहा, 'मुझे समझ नहीं आता मैं इस घटना को लेकर किससे गिला करूं, दोनों देशों के लोग एक ही रब को मानते हैं, इसलिए मैं उससे ही इसकी शिकायत करूंगा.'
बता दें, कारगिल हमले से कुछ महीने पहले ही भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी पाकिस्तान गए थे जहां दोनों नेताओं ने लाहौर में द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े समझौते पर दस्तख्त भी किए थे. उस समय दोनों देशों के संबंध सकारात्मक दिशा में बढ़ते हुए लग रहे थे लेकिन इसके बाद अचानक ही पाकिस्तान के सैनिकों ने कारगिल क्षेत्र में घुसपैठ कर दी. माना जाता है कि इस हमले के लिए पाकिस्तान के तत्कालीन सेना प्रमुख परवेज मुशर्रफ जिम्मेदार थे.
तुर्की में पुतिन की फ़ोटो वाली टीशर्ट पहनने पर खिलाड़ी पर कार्रवाई होगी
तुर्की में एक मैच के दौरान रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के फोटो वाली टीशर्ट पहनने पर रूसी खिलाड़ी दिमित्री टरासफ को उनका क्लब दण्डित करेगा. टरासफ ने यूरोप लीग के दौरान रूस और तुर्की के क्लबों के बीच हुए मुकाबले में यह टीशर्ट पहनी थी. बताया जाता है कि पुतिन की तस्वीर वाली इस टीशर्ट के नीचे लिखा था, 'सबसे दयालू राष्ट्रपति'. इस घटना के बाद उनके क्लब ने उन पर कार्रवाई करने का फैसला किया है. यूरोपीय फुटबॉल नियामक संस्था यूफा ने टरासफ को गलत बताते हुए उनके क्लब लुकमुटीव मॉस्को पर कार्रवाई करने की बात कही है. उधर, तुर्की ने आरोप लगाया है कि दिमित्री टरासफ को ऐसा करने के लिए पुतिन ने कहा था. बता दें कि बीते नवंबर में तुर्की द्वारा रूसी लड़ाकू विमान मार गिराने की घटना से दोनों देशों के बीच संबंध बेहद खराब हो गए हैं.
पाकिस्तान में पहली बार हिंदुओं को शादी का पंजीकरण कराने का अधिकार मिला
पाकिस्तान में पहली बार किसी प्रांत की सरकार ने हिंदुओं को आधिकारिक रूप से अपनी शादी को पंजीकृत कराने का अधिकार दिया है. सिंध प्रांत की सरकार ने राज्य विधानसभा में इस बिल को पारित किया है. इस नए क़ानून के मुताबिक 18 साल से ज्यादा उम्र के हिंदू अपनी शादी पंजीकरण करा सकते हैं. बता दें कि बंटवारे के बाद से पाकिस्तान में हिंदुओं को भेदभाव और धार्मिक उत्पीड़न का शिकार होना पड़ा है. मीडिया में आई खबरों के मुताबिक सिंध के सुदूर इलाकों में मुस्लिम नौजवान हिंदू लड़कियों और महिलाओं को अगवा कर जबरन धर्म परिवर्तन करवाकर शादी कर लेते थे. ऐसे मामलों में जब संबंधित महिला का पति पुलिस के पास शिकायत लेकर जाता था तो उसे यह साबित करना मुश्किल हो जाता था कि महिला उसकी पत्नी है. पिछले कुछ सालों में ये मामले इतने ज्यादा बढ़ गए थे कि पाकिस्तान से कुछ हिंदू पलायन करके भारत तक आ गए थे. इस कानून से पाकिस्तान की हिन्दू आबादी इसलिए भी खुश हैं क्योंकि अब हिन्दू दंपति को बैंक में संयुक्त खाता खोलने, राष्ट्रीय पहचान पत्र मिलने और संपत्ति में हिस्सेदारी जैसे कई अधिकार मिल जाएंगे.