ईसाइयों के सबसे बड़े धर्म गुरू पोप फ्रांसिस ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में संभावित रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप की निंदा की है. पोप ने ट्रंप के भडकाऊ बयानों को लेकर उनके ईसाई होने पर ही सवाल उठा दिए हैं. पिछले दिनों ट्रंप ने अमेरिका और मैक्सिको की सीमा पर एक दीवार बनाए जाने का प्रस्ताव देते हुए कहा था कि मैक्सिको की ओर से गलत हरकतों को वे एक दीवार बनाकर रोकेंगे. इस समय मैक्सिको की यात्रा पर गए पोप फ्रांसिस ने वहां एक कार्यक्रम के दौरान कहा, 'एक ऐसा शख़्स जो देशों के बीच हमेशा दीवार बनाने की बात करता है न कि पुल बनाने की, जो लोगों को केवल धर्म के नाम पर बांटना जानता है उन्हें जोड़ना नहीं, ऐसा शख़्स ईसाई हो ही नहीं सकता.'
उधर, डोनाल्ड ट्रंप ने पोप के बयान को बेहद शर्मनाक बताते हुए उनपर हमला बोला है. ट्रम्प ने कहा, 'मैं यकीन दिलाता हूं कि जब कभी आईएस वेटिकन पर हमला करेगा, तब पोप खुद भी यही प्रार्थना करेंगे कि काश, आज डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति होते.' ट्रंप ने आगे कहा कि उन्हें ईसाई होने पर गर्व है और राष्ट्रपति बनने के बाद वे दुनिया भर में ईसाइयत को और मजबूत करने के लिए काम करेंगे.
पठानकोट हमले को लेकर पाकिस्तान में एफआईआर दर्ज
पठानकोट एयरबेस पर हुए हमले को लेकर पाकिस्तान में एफआईआर दर्ज की गई है. बीबीसी उर्दू के हवाले यह खबर आई है कि पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के गुजरांवाला के एक पुलिस थाने में इस हमले को अंजाम देने वालों और उन्हें उकसाने वालों के खिलाफ यह एफआईआर दर्ज हुई है. वेबसाइट के मुताबिक एफआईआर पाकिस्तान के उप गृहसचिव ऐतजाजुद्द्दीन की ओर से हत्या और आतंकवाद की धाराओं के तहत दर्ज कराई गई है. हालांकि इसमें किसी को नामजद नहीं किया गया है. बता दें कि बीते दो जनवरी को पठानकोट एयरबेस पर कुछ आतंकियों ने हमला किया था जिसमें सात भारतीय जवान शहीद हो गए थे. भारत ने इस हमले के लिए आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद को जिम्मेदार ठहराते हुए पाकिस्तान को इस मामले में सबूत भी दिए हैं. इनके आधार पर पाकिस्तान में जांच चल रही है.
नेपाल के प्रधानमंत्री को भारत दौरे पर मधेसी संकट सुलझने की उम्मीद
अपनी छह दिवसीय यात्रा पर शुक्रवार को भारत आ रहे नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को इसी दौरे पर मधेसी समस्या का हल निकलने की उम्मीद है. काठमांडू में ओली ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि उनके इस दौरे के तीन प्रमुख एजेंडे होंगे. पहला, नेपाल-भारत के बीच गलतफहमी को दूर करना. दूसरा, दोनों देशों के बीच दोस्ती को मजबूत बनाना और तीसरा, भारत-नेपाल के बीच बहुआयामी संबंधों पर जोर देना. नेपाली मीडिया के अनुसार वहां की सरकार को पूरी उम्मीद है कि इस दौरे के दौरान मधेसी संकट का हल निकल आएगा. उधर मधेसियों ने इस दौरे का विरोध किया है. मधेसी नेता उपेंद्र यादव का कहना है कि जब तक पीएम ओली घरेलू समस्या का समाधान नहीं करते, तब तक उनका भारत दौरा कामयाब नहीं होने वाला और इसीलिए इस दौरे का कोई औचित्य नहीं है.