उत्तर प्रदेश में पिछले आठ महीने से मुआवजे की आस में बैठे किसानों के साथ सरकार और प्रशासन ने भद्दा मजाक किया है. खबरों के अनुसार सरकार ने पिछले साल ओलावृष्टि से फसल बर्बाद होने के बाद किसानों को मुआवजा देने का ऐलान किया था. इसी के तहत कुशीनगर जिले के बिहार बुजुर्ग गांव में जब किसानों के पास मुआवजे के चेक पहुंचे तो वे उन्हें देखकर दंग रह गए. बताया जाता है कि जिन किसानों को ये चेक दिए गए वे उनके नाम से नहीं हैं बल्कि काफी पहले मर चुके उनके पिताओं या दादाओं के नाम से थे. गांव के प्रधान सत्येन्द्र मिश्रा के मुताबिक जिन किसानों के नाम 1500 से 3000 रूपए तक के चेक आये हैं उनमें से 60 से अधि‍क की मौत को कम से कम तीन-चार साल हो चुके हैं.

सत्येन्द्र इस लापरवाही के लिए लेखपाल को जिम्मेदार बताते हैं. उनका कहना है कि जिन मृतकों के नाम से ये चेक जारी किये गए हैं उनके भू-अभिलेखों पर वारिसों के नाम पांच-छह वर्ष पूर्व ही दर्ज किये जा चुके हैं. लेखपाल को इस बारे में पूरी जानकारी थी फिर भी उसने जानबूझ कर चेक मृत व्यक्तियों के नाम जारी कर दिए. अब इस मामले के मीडिया में आने के बाद स्थानीय प्रशासन ने जल्द जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है.

जम्मू-कश्मीर के पंपोर में सीआरपीएफ के काफिले पर हमला, 2 जवान शहीद

श्रीनगर से 13 किलोमीटर दूर स्थित पांपोर इलाक़े में शनिवार शाम कुछ आतंकियों ने सीआरपीएफ़ के काफ़िले पर हमला कर दिया. इस हमले में दो सीआरपीएफ़ जवान शहीद हुए हैं और 10 के घायल होने की खबर है. हमले के बाद आतंकी श्रीनगर-जम्मू हाइवे पर स्थित एक इमारत में छिप गए. मीडिया में आई ख़बरों के मुताबिक इस इमारत में मौजूद सभी 60 कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. घटना की पुष्टि करते हुए आईजी पुलिस कश्मीर ज़ोन सईद जावेद गिलानी ने बताया कि आतंकियों ने इमारत में मौजूद किसी व्यक्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया है. उनके मुताबिक लोगों के इमारत से निकलने के बाद आतंकियों ने गोलियां चलानी शुरू कर दी जिसके बाद से सुरक्षा बलों के साथ उनकी मुठभेड़ जारी है.

जाट आरक्षण आंदोलन : प्रदर्शनकारियों ने विधायक का घर फूंका, मरने वालों की संख्या 8 हुई

हरियाणा में शुक्रवार को हिंसक हुए जाट आरक्षण आंदोलन ने शनिवार को और रौद्र रूप धारण कर लिया. सेना की मौजूदगी के बावजूद प्रदर्शनकारी काबू में नहीं आये. स्थिति को संभालने के लिए सरकार ने हरियाणा के 6 शहरों में कर्फ्यू लगा दिया है. रोहतक में कर्फ्यू लगने पर भी उग्र भीड़ ने कानून की परवाह न करते हुए घरों में आगजनी और पथराव किया. हिसार में जाट समुदाय के गुस्साए लोगों ने सेना की गाड़ी तक को वापस लौटने पर मजबूर कर दिया. झज्जर में कर्फ्यू तोड़ते हुए प्रदर्शनकारियों ने वहां की विधायक गीता भुक्कल के घर को ही आग के हवाले कर दिया. खबरों के मुताबिक यहां सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच कई घंटों तक चली गोलीबारी में 4 लोगों की मौत हुई है. झज्जर की घटना के बाद इस आंदोलन में मरने वालों की संख्या बढ़कर 8 हो गई है.

उधर, मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शनिवार को भी बयान जारी कर आंदोलनकारियों से अपील की कि वे अपने घरों को लौट जाएं, क्योंकि सरकार ने उनकी मांगों को स्वीकार कर लिया है. वहीं, आंदोलनकारियों ने सरकार से लिखित आश्वासन की मांग करते हुए कहा कि सरकार हर बार उन्हें खोखले वादे करके मूर्ख नहीं बना सकती.