सीआईए प्रमुख ने कहा, आईएस जल्द ही अमेरिका पर पेरिस जैसा बड़ा हमला कर सकता है | सोमवार, 15 फरवरी 2016
खूंखार आतंकी संगठन आईएस जल्द ही अमेरिका पर पेरिस जैसा बड़ा हमला कर सकता है. अमेरिकी खुफिया एजेंसी (सीआईए) के प्रमुख जॉन ब्रेनान ने इस बात की आशंका जताई है. उन्हें मिली जानकारी के मुताबिक आईएस अमेरिका पर एक बड़े हमले की साजिश रच रहा है. ब्रेनान ने समाचार वेबसाइट सीबीएस को दिए एक साक्षात्कार में कहा है कि आईएस अमेरिका में हमलों को अंजाम देने के लिए लोगों को भड़का रहा है. यहां तक कि वह फ्रांस की तरह कुछ अमेरिकी लोगों को अपने ठिकानों पर हमलों का प्रशिक्षण देकर इसके लिए तैयार भी कर रहा है. ब्रेनान के मुताबिक हालांकि उन्हें नहीं लगता कि आईएस को कभी इसमें कामयाबी मिल पाएगी.
'उत्तर कोरिया मजदूरों के पैसों से हथियार बना रहा है' | मंगलवार, 16 फरवरी 2016
दक्षिण कोरिया ने दावा किया है कि उत्तर कोरिया ने गैसंग संयुक्त औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के वेतन का 70 फ़ीसदी हिस्सा परमाणु हथियार निर्मित करने में खर्च कर दिया है. गैसंग उत्तर कोरिया के दक्षिण में स्थित है. यहां हमेशा से दोनों देशों की सहमति से हजारों उत्तर कोरियाई नागरिक दक्षिण कोरिया के उद्योगों में काम करते हैं. लेकिन हाल ही में दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया से नाराज होकर इस क्षेत्र में कामकाज बंद कर दिया है. द. कोरिया का कहना है कि गैसंग में उत्तर कोरियाई लोगों की वेतन राशि वहां की सरकार को अमेरिकी डॉलर में सौंपी जाती थी. उत्तर कोरिया सरकार कर्मचारियों के वेतन का मात्र 30 प्रतिशत हिस्सा ही उन्हें देती थी और 70 फीसदी हिस्सा अपने पास रख लेती थी और उसने इस विदेशी मुद्रा का उपयोग परमाणु हथियार विकसित करने के लिए किया है.
ओबामा बोले, डोनाल्ड ट्रंप कभी अमेरिका के राष्ट्रपति नहीं बन पाएंगे | बुधवार, 17 फरवरी 2016
अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा अब पूरी तरह से राष्ट्रपति चुनाव में संभावित रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप के विरोध में आ गए हैं. ओबामा ने कहा है कि उन्हें पूरा भरोसा है कि डोनाल्ड ट्रंप कभी अमेरिका के राष्ट्रपति नहीं बन पायेंगे. उनके अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति का पद कोई बच्चों का खेल या किसी रियलिटी शो की एंकरिंग करने जैसा नहीं है, यह काफी जिम्मेदारी भरा और दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण पदों में से एक है. ओबामा के मुताबिक, ‘अमेरिकी जनता राष्ट्रपति पद के इन दायित्वों और कठिनाइयों को अच्छे से समझती है, मुझे विश्वास है कि लोग अंत में समझदारी भरा फैसला ही करेंगे और इसीलिए मैं मानता हूं कि ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति नहीं बन पाएंगे.’
शरीफ ने माना, कारगिल में पाकिस्तानी हमला वाजपेयी की पीठ में छुरा घोपने जैसा था | गुरुवार, 18 फरवरी 2016
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने 17 साल बाद माना है कि 1999 में कारगिल में पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ करना भारत के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पीठ में खंजर घोंपने जैसा था. पाक के मुजफ्फराबाद में एक रैली को संबोधित करते हुए शरीफ ने कहा, ‘वाजपेयी ने मुझसे कहा था कि कारगिल पर पाकिस्तानी सैनिकों ने कब्जा करने की कोशिश कर उनकी पीठ में खंजर घोंपा है. उन्होंने मुझसे बिल्कुल सही कहा था. उनकी जगह अगर मैं होता तो मैं भी यही कहता. मैं हमेशा से यही मानता हूं उन्हें धोखा दिया गया था.’ शरीफ ने आगे कहा, ‘मुझे समझ नहीं आता मैं इस घटना को लेकर किससे गिला करूं, दोनों देशों के लोग एक ही रब को मानते हैं, इसलिए मैं उससे ही इसकी शिकायत करूंगा.’
पठानकोट हमले को लेकर पाकिस्तान में एफआईआर दर्ज | शुक्रवार, 19 फरवरी 2016
पठानकोट एयरबेस पर हुए हमले को लेकर पाकिस्तान में एफआईआर दर्ज की गई है. बीबीसी उर्दू के हवाले यह खबर आई है कि पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के गुजरांवाला के एक पुलिस थाने में इस हमले को अंजाम देने वालों और उन्हें उकसाने वालों के खिलाफ यह एफआईआर दर्ज हुई है. वेबसाइट के मुताबिक एफआईआर पाकिस्तान के उप गृहसचिव ऐतजाजुद्द्दीन की ओर से हत्या और आतंकवाद की धाराओं के तहत दर्ज कराई गई है. हालांकि इसमें किसी को नामजद नहीं किया गया है. बीते दो जनवरी को पठानकोट एयरबेस पर कुछ आतंकियों ने हमला किया था जिसमें सात भारतीय जवान शहीद हो गए थे.
अमेरिका में वीजा रेट बढ़ने के एक महीने बाद ही सिलिकन वैली में कर्मचारियों की कमी हुई | शनिवार, 20 फरवरी 2016
अमेरिका में वीजा की फीस में भारी बढोत्तरी के एक महीने बाद ही वहां कर्मचारियों की कमी होने लगी है. खबरों के अनुसार कैलिफोर्निया में कंपनियों को अपनी जरूरत के हिसाब से योग्य कर्मचारी नहीं मिल पा रहे हैं. ऐसे में अमेरिकी कंपनी वेरितास सहित कई अन्य कंपनियों के सीईओ का कहना है कि सारी सिलिकॉन वैली चाहती है कि सरकार वीजा नियमों पर फिर से विचार करे. वेरितास के सीईओ बिल कोलमैन के अनुसार अमेरिका में अच्छे लोगों की कमी है और वीजा रेट बढ़ने के बाद बाहर के लोगों ने अमेरिका की जगह अन्य देशों को तरजीह देना शुरू कर दिया है. इस कारण उद्योग को अच्छे लोग नहीं मिल पा रहे हैं. बता दें, पिछले महीने अमेरिका ने एच-1बी वीजा की फीस में 4000 डॉलर और एल-1 वीजा की फीस में 4500 डॉलर की भारी बढ़ोत्तरी की थी.