दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद जेएनयू के दो छात्रों उमर खालिद और अनिर्बन भट्टाचार्य ने समर्पण कर दिया है. मंगलवार को देर रात इन दोनों ने जेएनयू परिसर से बाहर निकलकर खुद को पुलिस के हवाले कर दिया जो उन्हें गिरफ्तार कर वसंत कुंज थाने ले गयी. इससे पहले जेएनयू में देश विरोधी नारे लगाने को लेकर देशद्रोह का आरोप झेल रहे इन दोनों छात्रों ने कोर्ट से अपील की थी कि उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगायी जाए. अपनी याचिका में उन्होंने यह भी कहा था कि वे हाईकोर्ट में ही समर्पण करना चाहते है, इसलिए उन्हें जेएनयू परिसर से कोर्ट तक जाने के लिए कड़ी सुरक्षा दी जाये. इन्होने याचिका में कन्हैया कुमार की पेशी के दौरान हुए बवाल को आधार बनाते हुए कहा था कि अगर वे पटियाला हाउस कोर्ट में समर्पण करने जाते हैं तो उनकी जान को खतरा है. हालांकि, कोर्ट ने इन छात्रों के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने ऐसा करने से इंकार कर दिया. कोर्ट ने इनके वकीलों से कहा, 'आपको सरेंडर करना होगा, आप जगह और वक्त बताएं जहां पुलिस आपको गिरफ्तार करे.' इस मामले की अगली सुनवाई 24 फरवरी को होनी है.

वहीं, देशद्रोह के आरोपों का सामना कर रहे कन्हैया कुमार की जमानत अर्जी पर भी मंगलवार को सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने यूटर्न लेते हुए उनकी जमानत का विरोध किया है. हालांकि, कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से मामले की स्टेटस रिपोर्ट मांगते हुए मामले की सुनवाई को बुधवार तक के लिए टाल दिया है. उधर, दिल्ली पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी का कहना है कि अब हालात बदल गए हैं और कन्हैया जांच पर असर डाल सकते हैं, इसलिए पुलिस अपना फैसला बदलते हुए उनकी जमानत का विरोध कर रही है.

चेक बाउंस मामले में दिलीप कुमार बरी हुए

अभिनेता दिलीप कुमार को मुंबई की एक अदालत ने 18 साल पुराने चेक बाउंस के मामले में बरी कर दिया है. मंगलवार को मुंबई की गिरगांव मजिस्ट्रेट की अदालत में ख़ुद दिलीप कुमार पेश हुए जिसके बाद कोर्ट ने उनके हक में फैसला सुना दिया. यह मामला 1998 में कोलकाता स्थित एक ट्रेडिंग कंपनी जीके एक्ज़िम इंडिया लिमिटेड का है जिस पर उसकी एक निवेशक कंपनी डेक्कन सीमेंट्स ने भुगतान का चेक बाउंस होने का केस किया था. हालांकि, इस मामले में दिलीप कुमार सीधे अभियुक्त नहीं थे, लेकिन इस कंपनी के निदेशक होने के कारण चेक बांउस का आरोप उन पर भी लगा था. वहीं, इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर अदालत के उस आदेश की भी काफी आलोचना हुई जिसमें उसने 94 साल के दिलीप कुमार को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया था. बता दें कि दिलीप कुमार का स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता जिसकी वजह से उन्हें बोलने, लिखने और चलने-फिरने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.

दंगाइयों पर सख़्त कार्रवाई होगी : मनोहर लाल खट्टर

हरियाणा सरकार ने कहा है कि जाट आंदोलन के दौरान हिंसा और तोड़फोड़ करने वाले लोगों की पहचान कर उनके ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाएगी. मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने पत्रकारों से कहा कि हिंसा के सभी मामलों की जांच की जायेगी और दोषियों को जेल भेज जाएगा. खट्टर ने यह भी कहा है कि संदिग्ध भूमिका वाले पुलिस वालों पर भी उचित कार्रवाई होगी. वहीं, मंगलवार को जब मुख्यमंत्री हिंसा से प्रभावित क्षेत्र रोहतक पहुंचे तो वहां उन्हें लोगों के जबर्दस्त विरोध का सामना करना पड़ा, सड़कों पर लोगों ने उन्हें काले झंडे दिखाए और उनकी सभा में भी जमकर उत्पात मचाया. हालांकि, खट्टर ने लोगों को समझाते हुए कहा कि वे परेशान न हों, सरकार उनके नुकसान का पूरा मुआवजा देगी. उनके मुताबिक जल्द ही एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के नेतृत्व में समिति बनाई जाएगी, जो शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में निजी संपत्तियों के नुकसान का आकलन करेगी. उधर, राजस्थान में मंगलवार को सरकार और जाट नेताओं में दूसरे चरण की बातचीत के बाद जाट नेताओं ने तीन दिन से जारी आन्दोलन वापस ले लिया है.