आयकर विभाग स्विटजरलैंड के जिनेवा स्थित एचएसबीसी बैंक के खिलाफ शिकायत दर्ज करने की तैयारी में है. मिली जानकारी के मुताबिक इस शिकायत के जरिए एचएसबीसी पर भारतीय नागरिकों के खातों (विदेशी खातों) को गलत तरीके से खोलने और कर चोरी को बढावा देने का आरोप लगाया जाएगा. एचएसबीसी के खिलाफ मुकदमा आयकर अधिनियम की धाराओं के तहत दर्ज होगा. आयकर विभाग का कहना है कि अपने भारतीय ग्राहकों की जानकारी न देकर एचएसबीसी ने देश में कर चोरी को बढ़ावा तो दिया ही, साथ ही कानून की नजरों से बचने के लिए इन गतिविधियों को जानबूझ कर छुपाए भी रखा. बताया जा रहा है कि कानेधन की पड़ताल करने के लिए बने विशेष जांच दल (एसआईटी) को सूचना देने के बाद विभाग ने इस मामले में शिकायत करने का फैसला किया है. गौरतलब है कि दुनियभर के खोजी पत्रकारों के एक समूह, आईसीआईजे ने हाल ही में खुलासा करके विदेशी बैंकों में खाता रखने वाले भारतीयों ने नामों का खुलासा किया था.
भारत-श्रीलंका में परमाणु समझौता भारत और श्रीलंका के बीच असैन्य परमाणु समझौते पर दस्तखत हो गए हैं. इस समझौते के जरिए दोनो देशों ने एक दूसरे के साथ रक्षा एवं सुरक्षा के मामले में सहयोग करने की प्रतिबद्धता जताई है. भारत और श्रीलंका के बीच यह इस तरह का पहला समझौता है. प्रधानमंत्री नरेंद मोदी और श्रीलंकाई राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना के बीच हुई बातचीत के बाद इस समझौते की औपचारिक घोषणा की गई. इस समझौते के तहत श्रीलंका के लिए परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण इस्तेमाल का रास्ता प्रशस्त होगा. सिरीसेना ने श्रीलंका का राष्ट्रपति बनने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए भारत को चुना. इसके बाद मार्च में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी श्रीलंका के दौरे पर जाएंगे. बीते कुछ समय के दौरान श्रीलंका की चीन से बढ़ती नजदीकियों के चलते इस समझौते को बेहद अहम माना जा रहा है. भारत श्रीलंका का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है.
मिश्र का बदला, आईएस के 64 आतंकी ढेर मिस्र ने आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के 64 आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया है. यह कार्रवाई इन आतंकियों के ठिकानों पर हमला करके अंजाम दी गई. इस घटना को लीबिया में इस्लामिक स्टेट द्वारा मिस्र के नागरिकों की हत्या का जवाब माना जा रहा है. गौरतलब है कि आईएस ने हाल ही में मिश्र के 21 नागरिकों का सर कलम कर दिया था. उसने इस घटना का एक वीडियो भी जारी किया था. इन नागरिकों को लीबिया से महीनेभर पहले अगुआ किया गया था. इसके बाद मिश्र ने लीबिया के साथ मिल कर उस पर हमला करने का फैसला किया. इस हमले में इस्लामिक स्टेट के हथियारों के गोदामों पर भी बमबारी की गई.