विश्व कप में इससे पहले तीनो मौकों पर भारत दक्षिण अफ्रीका से हार गया था
विश्व कप में इससे पहले तीनो मौकों पर भारत दक्षिण अफ्रीका से हार गया था
इतिहास की इबारत उलटते हुए विश्व कप में भारत ने पहली बार दक्षिण अफ्रीका को हराया और वह भी 130 रनों के विशाल अंतर से.
मैच से पहले भारतीय उपकप्तान विराट कोहली का कहना था कि दक्षिण अफ्रीका के पास अच्छे गेंदबाज हैं और भारत के पास अच्छे बल्लेबाज, तो इस मैच में मुख्य रूप से भारत की बल्लेबाजी और दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजी का मुकाबला होगा. भारतीय बल्लेबाजी अपनी जगह कामयाब रही. इसका मतलब यह था कि दक्षिण अफ्रीका की गेंदबाजी अच्छी होने के बाद भी काफी हद तक अप्रभावी रही. इसके बाद जिम्मेदारी दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों पर आ गई थी. लेकिन भारतीय बल्लेबाजी की तरह भारत की गेंदबाजी भी आज असरदार रही. नतीजे में दक्षिण अफ्रीका रिकॉर्ड 130 रन से मैच हार गया.
मेलबर्न में हुए इस मैच से पहले भारत भी अपना पहला मैच जीत चुका था और दक्षिण अफ्रीका भी. फिर भी चूंकि विश्व कप में भारत कभी भी दक्षिण अफ्रीका से नहीं जीता था, इसलिए डिविलियर्स की अगुवाई वाली दक्षिण अफ्रीकी टीम का पलड़ा भारी माना जा रहा था. लेकिन इस बार समीकरण पलट गए.
बीते मैच की तरह इस बार भी आखिरी ओवरों में भारतीय बल्लेबाज आया राम गया राम की तर्ज पर खेलते दिखे. आखिरी 39 गेंदों में भारत ने 46 रन बनाए और पांच विकेट गंवाए.
टॉस के मामले में किस्मत भारत पर मेहरबान चल रही है. इस बार भी उसने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया. भारत की शुरुआत खराब रही और ओपनर रोहित शर्मा जल्दी रन आउट हो गए. लेकिन फिर शिखर धवन और विराट कोहली लंगर डालकर खड़े हो गए और पारी संभाल ली. पिछली बार विराट कोहली की शतकीय पारी भारत के बड़े स्कोर का आधार बनी थी तो इस बार यह काम शिखर धवन के शतक ने किया. भारत के लिए अच्छी बात यह कही जा सकती है कि उसके मुख्य बल्लेबाज फॉर्म में दिख रहे हैं. पिछली बार कोहली, धवन और सुरेश रैना विकेट पर जम गए थे तो इस बार धवन और अजिंक्य रहाणे ने रनों का पहाड़ खड़ा करने में अहम भूमिका अदा की. मैन ऑफ द मैच धवन ने 146 गेंद में 137 रन बनाए, जबकि अजिंक्य रहाणे ने 60 गेंद में 79 रनों की पारी खेली. धवन ने अपना सातवां वनडे शतक जड़ते हुए 16 चौके और दो छक्के लगाए. विश्व कप में यह किसी भी बल्लेबाज का दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सबसे बड़ा स्कोर है. इस तरह भारत ने कुल 307 रन बनाए. यह दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ विश्व कप में भारत का सबसे बड़ा स्कोर भी है. इससे पहले यह आंकड़ा 296 रन था, जो 2011 में उसने नागपुर में बनाया था.
भारतीय बल्‍लेबाजों के शानदार प्रदर्शन के बाद गेंदबाजों ने भी धमाकेदार प्रदर्शन दिखाया और नियमित अंतराल पर विकेट लेते रहे. दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत खराब रही. ओपनर डिकॉक मोहम्मद शमी के तीसरे ओवर की तीसरी गेंद पर सात रन बनाकर आउट हो गए. इसके बाद आए डूफ्लेसिल ने दूसरे छोर पर खड़े हाशिम अमला के साथ मिलकर टीम के स्कोर को आगे बढ़ाना शुरू किया. स्कोर 40 रन पहुंचा ही था कि 22 के स्कोर पर अमला मोहित शर्मा की गेंद पर आउट हो गए. अमला के बाद बल्लेबाजी करने आए कप्तान डिविलियर्स ने तेजी से रन जुटाने शुरू किए और टीम का स्कोर 108 रन पहुंचा दिया। तभी तेजी से रन लेने के चक्कर में डिविलियर्स मोहित शर्मा द्वारा रन आउट हो गए. फिर तो दक्षिण अफ्रीका की पारी ढहती चली गई और उसके सारे बल्लेबाज टीम को 177 के आंकड़े पर ही पहुंचा सके. टीम इंडिया की ओर से सबसे अधिक तीन विकेट आर अश्विन ने लिए.
हालांकि इस बड़ी जीत के बावजूद मैच का एक पहलू ऐसा भी रहा जिस पर भारत को चिंतित होना चाहिए. बीते मैच की तरह इस बार भी आखिरी ओवरों में भारतीय बल्लेबाज आया राम गया राम की तर्ज पर खेलते दिखे. आखिरी 39 गेंदों में भारत ने 46 रन बनाए और पांच विकेट गंवाए. यह झड़ी अगर शुरुआती या बीच के ओवरों में लग जाए तो मुश्किल हो सकती है.