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भू अधिग्रहण बिल पर लोकसभा में विपक्ष की एकजुटता सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है.
लोकसभा में आज भू अधिग्रण बिल बहस के लिए पेश होना है. संभावना जताई जा रही है कि विपक्ष इस बहस में सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है. सरकार ने बिल पर आम राय बनाने के लिए विपक्षी पार्टियों से सहयोग मांगा है.
कांग्रेस भूमि अधिग्रहण बिल पर किसी समझौते के लिए तैयार नहीं है और इसे पूरी तरह से वापस लिए जाने के मांग कर रही है
खबरों के मुताबिक आज लोकसभा की कार्रवाई शुरू होने के पहले संसदीय कार्यमंत्री वेंकैया नायडू, ग्रामीण विकास मंत्री बीरेंदर सिंह और वित्त मंत्री अरुण जेटली विपक्षी पार्टियों के नेताओं से मिलेंगे.
बिल पर बहस के लिए आठ घंटे का समय निर्धारित किया गया है. सूत्रों के मुताबिक लोकसभा में आज शुरू हुई बहस मंगलवार तक चलने की संभावना है. वेकैया नायडू इस मामले पर पहले ही सीपीआई (एम) के सीताराम येचुरी से मिल चुके हैं. इस समय विपक्षी पार्टियों के मुख्य रणनीतिकार माने जाने वाले येचुरी ने संसदीय कार्यमंत्री से सभी पार्टियों की बैठक बुलाने को कहा है.
कांग्रेस इस बिल को पूरी तरह से वापस लिए जाने के मांग कर रही है. पार्टी के नेता जयराम रमेश ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि पार्टी किसी तरह के समझौते पर तैयार नहीं है और पूरी तरह कानून की वापसी चाहती है.
पिछले दिनों राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव में संशोधन के लिए तृणमूल कांग्रेस ने सीपीएम से साथ मिलकर मतदान किया था और सरकार इस मसले पर सदन में हार गई थी. उधर बीजू जनता दल ने भी संकेत दिए हैं कि वह विपक्षी पार्टियों के साथ रहेगा. इन संभावनाओं को देखते हुए कहा जा रहा है कि केंद्र सरकार को भू अधिग्रहण बिल लोकसभा से पास करवाने में बहुत मुश्किल पेश आ सकती है. हालांकि कहा जा रहा है कि सरकार बिल को पास करवाने के लिए इसके कुछ प्रावधानों में बदलाव के लिए तैयार है.
केंद्र ने मसरत आलम की रिहाई पर जम्मू-कश्मीर सरकार से रिपोर्ट तलब की केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर सरकार से रिपोर्ट मांगकर पूछा है कि किन परिस्थितियों में अलगाववादी नेता मसरत आलम को रिहा किया गया. सूत्रों के अनुसार आलम के खिलाफ लगभग 15 केस दर्ज थे जिनमें से कुछ मामले देशद्रोह और गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़े कानूनों के अंतर्गत आते हैं.
पिछली बार मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद द्वारा जम्मू कश्मीर में शांतिपूर्ण चुनाव के लिए पाकिस्तान को श्रेय दिए जाने के बाद संसद में विपक्षी पार्टियों ने काफी हंगामा मचाया था. राज्य सरकार के हालिया कदम के बाद संभावना जताई जा रही है कि लोकसभा में विपक्षी पार्टियां केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर जोरशोर से घेरेंगी. कहा जा रहा है कि गृहमंत्री राजनाथ सिंह इस मसले पर आज सरकार की स्थिति स्पष्ट करेंगे.
साइना नेहवाल ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप की विजेता बनने से चूकीं शनिवार को सेमीफाइनल जीतने के बाद साइना नेहवाल ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाली भारत की पहली महिला शटलर बनी थीं. लेकिन टूर्नामेंट के फाइनल में उन्हें विश्व की छठवीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी स्पेन की कैरोलिना मैरिन के सामने हार का सामना करना पड़ा. इस मैच में मैरिन ने साइना को 21-16, 14-21 और 7-21 से हराया. विश्व की तीसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी साइना को टूर्नामेंट का प्रबल दावेदार माना जा रहा था. इस मैच के पहले कैरोलिन और साइना अलग- अलग टूर्नामेंटों में तीन मैच खेल चुकी थीं और इन तीनों में भारतीय खिलाड़ी ने कैरोलिन को हराया था. साइना यदि यह मैच जीत जातीं तो प्रकाश पादुकोण (1980) और पुलेला गोपीचंद (2002) के बाद ऐसा करने वालीं भारत की तीसरी खिलाड़ी होतीं.
दीमापुर हत्याकांड के बाद 4000 बंगाली मुसलमानों ने नागालैंड छोड़ा नागालैंड की राजधानी दीमापुर में भीड़ द्वारा बलात्कार के एक संदिग्ध आरोपी सैयद फरीद खान की पीट पीटकर हत्या किए जाने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया था. खबरों में कहा जा रहा है कि इस बीच नागालैंड से बंगाली मुसलमानों के पलायन का सिलसिला शुरू हो गया है. दीमापुर की मुसलिम परिषद ने बताया है कि अब तक तकरीबन 4000 मुसलमान राज्य छोड़कर जा चुके हैं. इधर फरीद खान की हत्या के मामले में नागालैंड पुलिस ने अब तक 21 लोगों की गिरफ्तारी की है. पुलिस का कहना है कि ये लोग भीड़ का नेतृत्व कर रहे थे. इस मामले में अभी-भी पुलिस ने पीड़िता से बलात्कार या यौन उत्पीड़न के बारे में कोई भी तथ्य सार्वजनिक नहीं किए हैं.