छह साल की यह बच्ची अस्पताल में मौत से जूझ रही है फोटो साभार : अहमदाबाद मिरर
छह साल की यह बच्ची अस्पताल में मौत से जूझ रही है फोटो साभार : अहमदाबाद मिरर
अहमदाबाद में छह साल की बच्ची के साथ वैसी ही दरिंदगी हुई है जैसी दिल्ली में निर्भया के साथ हुई थी. लेकिन अस्पताल में मौत से जूझती बेबी निर्भया सुर्खियों से गायब है.
वह रात में किसी दोस्त के साथ फिल्म देखकर नहीं निकली थी. न ही वह किसी सुनसान बस स्टैंड से किसी चार्टड बस में चढ़ी थी. उसकी उम्र भी 23 साल नहीं थी. लेकिन उसके और निर्भया के साथ एक जैसी दरिंदगी हुई. छह साल की यह बेबी निर्भया अब अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही है.
घटना छह मार्च की है. अहमदाबाद के थलतेज में बन रहे एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में मजदूरी करने वाले रामअवतार* और निर्मला* की छह साल की बेटी रोते हुए अपनी मां के पास आई. उसकी फ्रॉक पर ढेर सारा खून लगा था. पूछने पर उसने पास खड़े एक सिक्योरिटी गार्ड की तरफ इशारा किया. मां को माजरा समझ में आ गया. दोनों बच्ची को लेकर अस्पताल की तरफ दौड़े.
बच्ची के शरीर में 12 मिमी मोटाई का एक रॉड आधा फीट तक घुसेड़ा गया है जिसने उसकी आंतों सहित कई भीतरी अंगों को फाड़ दिया है.
डॉक्टरों ने उन्हें जो बताया वह किसी के भी रोंगठे खड़े कर देने के लिए काफी है. पता चला कि बच्ची के शरीर में 12 मिमी मोटाई का एक रॉड आधा फीट तक घुसेड़ा गया है जिसने उसकी आंतों सहित कई भीतरी अंगों को फाड़ दिया है. तीन घंटे के ऑपरेशन के बाद बेबी निर्भया की हालत स्थिर है, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि वह खतरे से बाहर नहीं है. भयानक दर्द की वजह से वह थोड़ी-थोड़ी देर बाद जोर-जोर से रोने लगती है.
पुलिस के मुताबिक 20 साल के कौशल चौहान ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है. बताया जा रहा है कि वह बच्ची को बेसमेंट में ले गया था जहां उसने यह वहशी काम किया. पुलिस के अनुसार अपने इकबालिया बयान में उसका कहना है कि घटना के वक्त वह नशे में था.
आठ मार्च को जोर-शोर से अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया. बड़ी-बड़ी बातें और दावे किए गए. लेकिन अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में मौत से जूझती इस छह साल की बच्ची और उसकी जिंदगी के लिए दुआ करती मां के पास कोई नहीं पहुंचा. यह उस गुजरात में हो रहा है जहां सबसे ज्यादा एनजीओ हैं. यह उस अहमदाबाद की घटना है जिसे महिला सुरक्षा के लिहाज से देश के सबसे अगुवा शहरों में गिना जाता है.
*बदले हुए नाम