अरविंद केजरीवाल और अंजलि दमानिया
अरविंद केजरीवाल और अंजलि दमानिया
आप मुखिया अरविंद केजरीवाल पर विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस विधायकों को तोड़ने की कोशिश का आरोप लगने और इसके बाद अंजलि दमानिया के इस्तीफा देने से पार्टी पर छाया संकट गहरा गया है.
आम आदमी पार्टी का संकट गहराता जा रहा है. पार्टी के पूर्व विधायक राजेश गर्ग ने अरविंद केजरीवाल पर विधान सभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी के विधायकों को तोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया है. इसके बाद पार्टी नेता अंजलि दमानिया ने इस्तीफा दे दिया है. आप की महाराष्ट्र इकाई का चेहरा रहीं अंजलि का कहना है कि उन्हें केजरीवाल पर बहुत भरोसा था और इस खबर ने उन्हें आहत किया है.
राजेश गर्ग ने अपने और अरविंद केजरीवाल के बीच बातचीत का एक ऑडियो क्लिप जारी किया है. इस टेप में केजरीवाल कथित तौर पर उनसे कांग्रेस विधायकों के साथ संपर्क साधने और अलग गुट बना कर आम आदमी पार्टी को समर्थन देने की बात करते सुनाई दे रहे हैं. टेप की सत्यता को लेकर भले ही अभी कोई दावा न किया जा सके, लेकिन इसने आम आदमी पार्टी में खलबली जरूर मचा दी है.
आज योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण ने एक पत्र जारी किया है. इसके मुताबिक लोक सभा चुनाव के बाद अरविंद केजरीवाल कांग्रेस विधायकों के समर्थन से दिल्ली में सरकार बनाना चाहते थे
पार्टी अरविंद बनाम योगेंद्र यादव व प्रशांत भूषण वाले विवाद से उबर भी नहीं पाई थी कि राजेश गर्ग और अंजिल दमानिया ने उसकी आफत और बढ़ा दी है. आप के लिए यह दोहरी चोट है क्योंकि पिछले दिनों इस विवाद पर अंजली दमानिया ने खुलकर अरविंद केजरीवाल का समर्थन किया था. उन्होंने हाल ही में एक ब्ल़़ॉग लिखकर सुर्खियां बटोरने वाले और महाराष्ट्र से ही आने वाले पार्टी के एक नेता मयंक गांधी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग भी की थी. मयंक गांधी को योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण का समर्थक माना जाता है.
इस बीच आम आदमी पार्टी के भीतर चल रहे विवाद को नया मोड़ देने वाला एक और घटनाक्रम सामने आया है. कल योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण को आदमी पार्टी की पीएसी के बाहर किए जाने की वजहों का खुलासा करते हुए पार्टी ने एक बयान जारी किया था. आज उस बयान के जवाब में इन दोनों नेताओं ने भी कार्यकर्ताओं के नाम एक पत्र जारी किया है. इस पत्र में उन्होंने अपना पक्ष रखने के साथ-साथ अरविंद केजरीवाल पर भी निशाना साधा है. पत्र में कहा गया है कि लोक सभा का चुनाव हारने के बाद अरविंद केजरीवाल कांग्रेस विधायकों के समर्थन से दिल्ली में दोबारा सरकार बनाना चाहते थे, जबकि भूषण और यादव इसके विरोध में थे. इन दोनों नेताओं ने पार्टी के लोकपाल से इस पूरे मामले की जांच करने की भी मांग की है. इस पूरे घटनाक्रम के बाद आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता बेहद असमंजस में हैं, और इसके समाधान के लिए अरविंद केजरीवाल की बाट जोह रहे हैं.