जर्मनी का एक यात्री विमान फ्रांस में दुर्घटनाग्रस्त हो गया है. इसमें सवार सभी 148 लोगों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है. इन लोगों में छह क्रू मेंबर भी शामिल थे. मिली जानकारी के मुताबिक यह हादसा दक्षिणी फ्रांस की एल्प्स पर्वत श्रंखला में स्थित इलाके डिग्ने के पास हुआ. जर्मनी की सस्ती विमान सेवा जर्मन विंग्स का यह विमान वहां के डुजलडॉर्फ शहर से स्पेन के बार्सिलोना जा रहा था. हादसे के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांसुआ ओलांद का कहना है कि विमान में सवार किसी भी व्यक्ति के बचने की संभावना बेहद कम है. उधर, हादसे को लेकर जर्मन विंग्स का कहना है कि जैसे ही उसे कुछ पुख्ता जानकारी मिलेगी वह मीडिया को इसके बारे में सूचित करेगी. बीते एक साल के दौरान हुआ यह चौथा बड़ा विमान हादसा है. इससे पहले मलेशिया के  दो तथा इंडोनेशिया का एक बड़ा विमान भी दुर्घटना की चपेट में आ चुके हैं. इनमें से मलेशिया के एक विमान का तो अभी तक कोई सुराग भी नहीं मिल पाया है.
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की घोषणा
62 वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की घोषणा हो गई है. इन पुरस्कारों में क्वीन, हैदर और मैरीकॉम का सबसे ज्यादा जलवा रहा. साल 2014 की सर्वश्रेष्ठ फिल्म के रूप में चैतन्य तम्हाने की ‘कोर्ट’ को चुना गया है. यह फिल्म भारतीय न्याय व्यवस्था की खामियों पर केंद्रित है. सबसे अच्छी हिंदी फिल्म का खिताब 'क्वीन' के खाते में गया. इसी फिल्म में शानदार अभिनय करने के लिए कंगना रनौट को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री चुना गया है. सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार कन्नड़ अभिनेता विजय को ‘नानू अवनल्ला अवालू’ में निभाई गई भूमिका के लिए दिया गया. शेक्सपीयर के उपन्यास ‘हेमलेट’ पर बनी ‘हैदर’ को पांच श्रेणियों में पुरस्कारों के लिए चुना गया, जबकि सबसे लोकप्रिय फिल्म का पुरस्कार मैरी कॉम को मिला. सूत्रों के मुताबिक आगामी तीन मई को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी इन पुरस्कारों के विजेताओं को सम्मानित कर सकते हैं.
पाकिस्तान ने भारतीय मछुआरों की 57 नावें छोड़ीं
पाकिस्तान ने भारतीय मछुआरों की 57 नावें वापस लौटा दी हैं. पाक तटरक्षक सेना के जवानों ने पोरबंदर (गुजरात) के पास स्थित समुद्री सीमा के निकट गुजरात मैरीटाइम के अधिकारियों को ये सभी नावें सौंपीं. मैरीटाइम के अधिकारियों ने ये सभी नावें उन मछुआरों को वापस कर दी हैं जिनकी ये थीं. भारतीय मछुआरों की नाव वापस करने का यह फैसला पाकिस्तान ने अपने 'नेशनल डे' के एक दिन बाद किया है. माना जा रहा है कि भारतीय प्रधानमंत्री मोदी की बधाई और नसीहत के बाद पाकिस्तान ने यह कदम उठाया है. नावें सौंपे जाने के बाद भारतीय मछुआरों ने भरोसा दिलाया है कि भविष्य में वे पाकिस्तानी समुद्री सीमा में प्रवेश नहीं करेंगे. इन सभी मछुआरों ने अपनी नावें वापस मिलने पर पाकिस्तान के साथ ही भारत सरकार को भी धन्यवाद दिया है.