जेरेमी क्लार्कसन अपने व्यवहार के चलते कई बार विवादों में रहे हैं
जेरेमी क्लार्कसन अपने व्यवहार के चलते कई बार विवादों में रहे हैं
एक तरफ सालाना 450 करोड़ रु की कमाई करने वाले शो के वजूद का सवाल था तो दूसरी तरफ नैतिक उदाहरण पेश करने का दबाव. दूसरा विकल्प चुनते हुए बीबीसी ने अपने चर्चित चेहरों में से एक जेरमी क्लार्कसन को विदा कर दिया.
बीबीसी के लिए यह धर्मसंकट जैसी स्थिति थी. एक तरफ उसके काफी चर्चित और व्यावसायिक रूप से सफल कार्यक्रम का चेहरा जेरमी क्लार्कसन थे. दूसरी तरफ नैतिकता थी. संस्था ने दूसरा विकल्प चुना. टॉप गियर के मुख्य प्रस्तोता क्लार्कसन की बीबीसी से विदाई हो गई.
54 साल के क्लार्कसन को एक सहयोगी के साथ बदसलूकी करने के बाद दो हफ्ते पहले निलंबित कर दिया गया था. ब्रिटेन के चर्चित अखबार द गार्डियन के मुताबिक इस महीने के आखिर में उनका कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बाद उसे बहाल नहीं किया जाएगा. कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा जा रहा है कि क्लार्कसन ने खुद ही इस्तीफा दे दिया है. वे 1988 से बीबीसी में थे.
टॉप गियर के दुनिया भर में 35 करोड़ से भी ज्यादा दर्शक हैं और बताया जाता है कि इस शो से बीबीसी को सालाना करीब 450 करोड़ रु की आय होती है.
टॉप गियर के दुनिया भर में 35 करोड़ से भी ज्यादा दर्शक हैं और कहा जाता है कि 200 देशों में प्रसारित होने वाला यह शो बीबीसी की व्यावसायिक इकाई बीबीसी वर्ल्डवाइड की झोली में हर साल साढ़े सात करोड़ डॉलर यानी करीब 450 करोड़ रु की रकम भरता है. क्लार्कसन इसका मुख्य चेहरा थे. उन्हें वाहन पत्रकारिता यानी मोटरिंग जर्नलिज्म के सबसे प्रभावी नामों में से एक कहा जाता था. दो हफ्ते पहले जब क्लार्कसन को निलंबित किया गया तो इस फैसले पर ब्रिटेन में खूब बहस हुई. 10 लाख से भी ज्यादा लोगों ने एक ऑनलाइन याचिका पर दस्तखत किए जिसमें मांग की गई थी कि क्लार्कसन को बहाल किया जाए. बताया जाता है कि प्रधानमंत्री डेविड कैमरन तक उनके पक्ष में थे. एक कार्यक्रम में इस मुद्दे पर बात करते हुए उनका कहना था, 'वे मेरे दोस्त हैं. वे एक बड़ी प्रतिभा हैं. मैं देख रहा हूं कि वे कह रहे हैं जो हुआ उसमें से कुछ पर उन्हें अफसोस है.' उनकी 11 साल की बेटी नैंसी ने तो इस फैसले के विरोध में भूख हड़ताल करने का ऐलान भी कर दिया था.
लेकिन बीबीसी के महानिदेशक टोनी हॉल का बयान आया कि उन्होंने यह फ़ैसला समझबूझ कर लिया है और वे जानते हैं कि इस पर लोगों की अलग-अलग राय होगी. उनका कहना था, 'इस मामले में हद पार की गई थी और जो कुछ हुआ उसे माफ़ नहीं किया जा सकता.' द गार्डियन ने संस्था के एक सूत्र के हवाले से लिखा है, 'किसी प्रतिभा के लिए नियम अलग हो और आम लोगों के लिए अलग, ऐसा नहीं हो सकता.'
बताते हैं कि दिन भर की शूटिंग के बाद गरम खाना न मिलने से क्लार्कसन शो के प्रोड्यूसर ओइसिन टायमॉन पर भड़क गए थे. खबरों के मुताबिक 20 मिनट तक तो वे गालियों की बौछार करते रहे और उसके बाद हाथापाई पर उतर आए. बीबीसी की आंतरिक जांच में पता चला कि टायमॉन को अस्पताल जाना पड़ा था. टायमॉन ने इसके ख़िलाफ़ कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई थी और बताते हैं कि क्लार्कसन ने खुद ही इस घटना के बारे में अधिकारियों को बताया था.
क्लार्कसन पहले भी बीबीसी के लिए झेंप का कारण रहे हैं. अपनी नस्लवादी टिप्पणियों के लिए वे कई बार विवादों में रहे. एक बार अर्जेंटीना में उन पर लोगों ने पथराव कर दिया था जिसके बाद कार्यक्रम की शूटिंग कर रही टीम को भागना पड़ा. एक दूसरे विवाद में उन्होंने मैक्सिको के लोगों को आलसी कह दिया था और बीबीसी को इसके लिए माफी मांगनी पड़ी थी. इसके चलते माना जा रहा था कि अब एक भी चूक उनके लिए आखिरी साबित होगी.
अब टॉप गियर का क्या होगा? खबरें हैं कि इस कार्यक्रम के सहयोगी प्रस्तोता जैसन मेय और रिचर्ड हैमण्ड ने क्लार्कसन के बिना शूटिंग करने से इन्कार कर दिया है. ऐसे में हो सकता है कि इस कार्यक्रम का एक नया सीजन शुरू हो.