अमरावती सम्राट अशोक के समय बौद्ध धर्म का बहुत बड़ा केंद्र था
अमरावती सम्राट अशोक के समय बौद्ध धर्म का बहुत बड़ा केंद्र था
आंध्र प्रदेश की नई राजधानी के लिए अमरावती का चयन उसकी समृद्ध सामाजिक-सांस्कृतिक विरासत देखते हुए किया गया है.
उत्तर भारत के आम लोग अमरावती नगर को तब से ज्यादा जानते हैं जब दूरदर्शन पर ‘अमरावती की कथाएं’ नाम का सीरियल आना शुरू हुआ. अब यह नगर फिर चर्चा में है. हाल ही में आंध्र प्रदेश सरकार ने घोषणा की है कि राज्य की नई राजधानी अमरावती होगी. हैदराबाद की जगह इस शहर का नई राजधानी बनना यूं ही नहीं है. अमरावती का सामान्य परिचय बताता है कि यह शहर राज्य की समृद्ध सामाजिक-सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है.
तेलुगू साम्राज्य का केंद्र
अमरावती प्राचीन और मध्यकाल में तेलुगू साम्राज्य का केंद्र रहा है. ईसापूर्व दूसरी सदी से लेकर 16वीं शताब्दी तक यह सातवाहन वंश, इक्ष्वाकू, चालुक्य, तेलुगू चोल, पल्लव, काकातिया और रेड्डी राजाओं के शासन में रहा. सोलहवीं शताब्दी के मध्य तक यह कर्नाटक के विजयनगर साम्राज्य का हिस्सा था.
नदी किनारे एक और राजधानी
नई राजधानी पुराने अमरावती शहर से 35 किमी दूर है. सरकार ने इसके लिए विजयवाड़ा और गुंटूर के बीच 33 हजार एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया है. यह जगह कृष्णा नदी के किनारे पर है जहां उससे उसकी एक सहयोगी नदी मुन्नेरू मिलती है.
धर्मों का मिलन स्थल
सातवाहन वंश के शासन के पहले अमरावती बौद्ध धर्म का केंद्र था. यहां सम्राट अशोक के समय (269 से 232 ईसापूर्व) निर्मित स्तूप और बौद्ध मठ के अवशेष पाए गए हैं. सातवाहन वंश ने यहां हिंदू धर्म को खूब बढ़ावा दिया. उनके शासन काल में ही यहां अमरलिंगेश्वर मंदिर बना, जिसके आधार पर पहली बार शहर को अमरावती नाम मिला. इसके बाद आए राजवंशों ने यहां जैन धर्म को खूब बढ़ावा दिया और शहर का नाम श्रीधन्यकातक हो गया. इस शब्द का मतलब है ‘सहनशीलता का नगर’
जब नगर उपनिवेश बना
18 वीं शताब्दी में यहा वासीरेड्डी वंश का शासन था और इसके आखिरी राजा वैंकटाद्री नायडु ने शहर को अमरावती नाम दिया था. हैदराबाद रियासत का हिस्सा रहते हुए 1750 में यह क्षेत्र फ्रांस को दे दिया गया. 1759 में यह अंग्रेजों के मद्रास प्रेसीडेंसी के अधीन आ गया और इसके बाद इसका महत्व लगातार कम होता गया.
प्राचीन अमरावती बनाम राजधानी अमरावती
प्राचीन अमरावती को नए राजधानी क्षेत्र से अलग सांस्कृतिक विरासत वाले शहर के रूप में विकसित किया जा रहा है. इसके लिए केंद्र सरकार से फंड मिलेगा. 16 हजार की आबादी वाला अमरावती अब ग्राम पंचायत है और जल्दी ही ये राजधानी विकास प्राधिकरण के तहत आ जाएगा.