आम आदमी पार्टी ने आखिरकार प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव को राष्ट्रीय कार्यकारिणी से बाहर निकाल दिया है. पार्टी की नजर में बहुत पहले ही 'विघ्नसंतोषी' बन चुके इन दोनों नेताओं के साथ ही दो और संस्थापक सदस्यों प्रोफेसर आनंद कुमार तथा अजीत झा को भी एनएसी से बाहर कर दिया गया है. आज हुई पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद इस फैसले की घोषणा की गई. अपने खिलाफ आए इस फैसले को प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव ने गलत बताते हुए पार्टी पर लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगाया है. इन दोनों नेताओं का कहना है कि पार्टी ने बिना उनकी बात सुने यह फैसला दे दिया. इसके अलावा इन दोनों नेताओं ने अपने समर्थक सदस्यों के साथ बैठक के दौरान मारपीट किए जाने की बात भी कही है. हालांकि पार्टी के दूसरे धड़े ने उनके सभी आरोपों को गलत बताया है.
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया और संजय सिंह का कहना है कि बैठक के दौरान सभी नियम कायदों का पालन किया गया. इन दोनों ने किसी भी तरह की मारपीट होने से भी इनकार किया. योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण पर निशाना साधते हुए पार्टी नेता आशुतोष ने कहा कि यदि उऩको पार्टी के आतंरिक लोकतंत्र पर थोड़ा भी विश्वास है तो उन्हें पार्टी की सबसे ऊंची इकाई के फैसले का सम्मान करना चाहिए. इस सबके बीच इस पूरे प्रकरण पर अरविंद केजरीवाल का रवैया आज भी हैरान करने वाला रहा.  वे पार्टी की बैठक में लगभग घंटाभर ही मौजूद रहे और भाषण देकर सीधे अपने घर चले गए. इसके अलावा उन्होंने मीडिया से भी कोई बात नहीं की. अरविंद के इस रवैये पर कई जानकारों ने सवाल उठाए हैं. बहरहाल माना जा रहा है कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी से बाहर किए जाने संबंधी इस फैसले के खिलाफ प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव कोर्ट जा सकते हैं. प्रोफेसर आनंद कुमार का कहना है कि वे पार्टी नहीं छोड़ेंगे और पार्टी को सुधारने की दिशा में काम करते रहेंगे.
राज्यपाल कुरैशी अपने पद से हटाए गए
केंद्र सरकार ने मिजोरम के राज्यपाल अजीज कुरैशी को हटा दिया है. राष्ट्रपति भवन की तरफ से जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने उऩको हटाने संबंधी निर्देश दे दिया है. मिजोरम के अगले राज्यपाल की नियुक्ति तक पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी वहां का अतिरिक्त कार्यभार संभालेंगे. कुरैशी को कार्यकाल पूरा होने के दो साल पहले ही हटा दिया गया है. उनकी नियुक्ति यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान साल 2012 में की गई थी. वे पिछले साल दिसंबर में ही मिजोरम भेजे गए थे. इससे पहले वे उत्तराखंड के राज्यपाल थे. अजीज कुरैशी को केंद्र सरकार बहुत पहले ही हटाना चाहती थी, लेकिन उन्होंने पिछले साल अगस्त में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर दी थी. उस घटना के बाद उऩके औऱ केंद्र सरकार के बीच तनाव बढ़ गया था और यह भी साफ हो गया था कि देर सवेर उन्हें राजभवन से रुखसत होना ही होगा.
साइना नेहवाल को बैटमिंटन में पहली रैंकिंग मिली
महिला बैडमिंटन की दुनिया में नंबर एक पायदान पर पहुंचने के साथ ही साइना नेहवाल ने इतिहास रच दिया है. वे ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई हैं. इंडियन ओपन प्रतियोगिता के सेमीफाइनल मुकाबले में मौजूदा विश्व चैंपियन खिलाड़ी कैरोलिना मैरिन की हार ने साइना के लिए नंबर एक तक पहुंचने का रास्ता बनाया. कैरोलिना को तीसरी वरीयता प्राप्त थाई खिलाड़ी रेत्नाचोक इंतानोन ने हराया. साइना को अब फाइनल मुकाबला जीतने के लिए इन्हीं रेत्नाचोक इंतानोन से भिड़ना है. इससे पहले उन्होंने सेमीफाइनल में जापान की यूइ हाशिमोतो को हराया था. साइना के नंबर वन खिलाड़ी बन जाने से उनके समर्थक बेहद खुश हैं.