एक राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेश में तो पिछले करीब नौ महीनों से स्थायी राज्यपाल और उपराज्यपाल नहीं हैं
पिछले दिनों सत्याग्रह ने एक रिपोर्ट की थी जिसके मुताबिक देश में इस वक्त सौ से ज्यादा बड़े नौकरशाहों और कई महत्वपूर्ण संस्थानों के प्रमुखों के पद खाली हैं. उसी कड़ी में कई राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश का भी नाम लिया जा सकता है. यहां राज्यपाल और उपराज्यपाल के पद स्थायी लोगों के पास नहीं हैं. देश के कुल 30 में से नौ राज्यों के राज्यपाल और एक केंद्र शासित प्रदेश के उपराज्यपाल का पद दूसरी जगहों के राज्यपालों और उपराज्यपाल के हाथ में हैं. वर्तमान नरेंद्र मोदी सरकार ने अपने आने के बाद कई राज्यपालों से इस्तीफा मांग लिया था, ऐसा न करने पर कुछ को बर्खास्त कर दिया था और कुछ का कार्यकाल भी पूरा हो गया, जिससे ऐसी स्थिति पैदा हो गई है. इसका सबसे ताजा उदाहरण मिजोरम है जहां के राज्यपाल अज़ीज़ कुरैशी को तीन दिन पहले बर्खास्त कर दिया गया. हालत यह है कि एक राज्यपाल चार-चार राज्यों का कार्यभार संभाल रहे हैं तो दूसरे तीन का. इसे दूसरी तरह से देखें तो देश के दो राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में पिछले 200 दिनों से भी ज्यादा समय से स्थायी गवर्नर या लेफ्टिनेंट गवर्नर नहीं हैं.
हालत यह है कि एक राज्यपाल चार-चार राज्यों का कार्यभार संभाल रहे हैं तो दूसरे तीन का. देश के दो राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में पिछले 200 दिनों से भी ज्यादा समय से स्थायी राज्यपाल या उपराज्यपाल नहीं हैं.
हमारे संविधान के मूल स्वरूप में अस्थायी राज्यपाल की व्यवस्था नहीं थी. लेकिन 1956 में सातवें संविधान संशोधन के जरिये ऐसी व्यवस्था बना दी गई जिसके बाद से एक ही व्यक्ति कई राज्यों का राज्यपाल हो सकता है. यहां यह भी रोचक है कि मध्य प्रदेश के राज्यपाल राम नरेश यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं और उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जा चुकी है. लेकिन न तो वे अपने पद से हटने को तैयार हैं और न ही केंद्र सरकार उन्हें हटाने का अब तक कोई रास्ता खोज पाई है. जबकि अज़ीज़ कुरैशी को हटाने के पीछे उनके खिलाफ इसी तरह के आरोप होने की बात कही जा रही है.

बिहार, मेघालय, मिजोरम

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी अपने राज्य के साथ इन तीनों राज्यों के राज्यपाल का प्रभार भी संभाल रहे हैं. बिहार में पिछले 124 दिनों से, मेघालय में 84 और मिजोरम में 3 दिनों राज्यपाल का पद खाली है. केसरीनाथ त्रिपाठी फिलहाल दो ऐसे राज्यों पश्चिम बंगाल और बिहार - का कार्यभार संभाल रहे हैं जो भाजपा के लिए राजनीतिक रूप से अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं.

असम, त्रिपुरा

असम में पिछले 109 दिनों से राज्यपाल नहीं है और त्रिपुरा में रिकॉर्ड 253 दिनों से. इन दोनों राज्यपालों का काम नागालैंड के राज्यपाल पद्मनाभ आचार्य संभाल रहे हैं.

हिमाचल प्रदेश

हिमाचल प्रदेश में पिछले 62 दिनों यानी करीब दो महीनों से कोई राज्यपाल नहीं है. 24 जनवरी को यहां की राज्यपाल उर्मिला सिंह का कार्यकाल पूरा हो गया था जिसके बाद उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह को हिमाचल प्रदेश का अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया गया. हालांकि सरकार चाहती तो नये राज्यपाल की नियुक्ति होने तक उर्मिला सिंह भी यहां की राज्यपाल बनी रह सकती थीं.

पंजाब

हरियाणा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी पंजाब का भी कार्यभार संभाल रहे हैं जहां पिछले 68 दिनों से वहां के राज्यपाल शिवराज सिंह के रिटायर होने के बाद से राज्यपाल का पद खाली है. सोलंकी केंद्र शासित चंडीगढ़ के प्रशासक का पद भी संभाल रहे हैं जो कि 1985 से, तब से पंजाब के राज्यपाल के पास ही रहा है जब राजीव गांधी ने अर्जुन सिंह को पंजाब का राज्यपाल बनाया था.

मणिपुर

उत्तराखंड के राज्यपाल और दिल्ली के पूर्व पुलिस आयुक्त कृष्ण कांत पॉल के पास मणिपुर का भी प्रभार है. मणिपुर में पिछले 2011 दिनों से राज्यपाल नहीं है. केके पॉल उत्तराखंड से पहले मेघालय के राज्यपाल थे और उस समय भी इनके पास मिजोरम और नागालैंड का अतिरिक्त प्रभार था. पॉल उन गिने-चुने राज्यपालों में से हैं जिनके सितारे केंद्र सरकार बदलने के बाद भी नहीं बदले.

पुडुचेरी

अंडमान और निकोबार द्वीप समूहों के उपराज्यपाल अजय कुमार सिंह के पास पुडुचेरी का भी प्रभार है जहां पिछले 262 दिनों से स्थायी उपराज्यपाल नहीं है.

तेलंगाना एक विशेष राज्य

आंध्र प्रदेश और तेलंगाना का कार्यभार भी एक ही राज्यपाल - ईएसएल नरसिंहन - के हाथ में है. आंध्र प्रदेश रिऑर्गनाइजेशन बिल 2014 के मुताबिक जब तक राष्ट्रपति चाहें आंध्र प्रदेश के राज्यपाल तेलंगाना के राज्यपाल भी बने रह सकते हैं. जाहिर सी बात है कि ऐसा इन दो राज्यों में बेहतर समन्वय की वजह से किया गया होगा. लेकिन केंद्र सरकार चाहे तो तेलंगाना में किसी भी समय किसी अन्य व्यक्ति को राज्यपाल नियुक्त कर सकती है.