एक पॉर्नस्टार को मेनस्ट्रीम सिनेमा ने जिस तरह अपना लिया है, क्या वो हमारे लिए खतरे की घंटी है? क्या सनी लियोनी नई पीढ़ी के लिए ग़लत रोल मॉडल नहीं हैं?
2011 में बिग बॉस के घर में सनी लियोनी की असलियत का पता क्या चला, हंगामा ही मच गया. ख़ुद को हिंदुस्तानी मूल की कहने वाली ये विदेशी लड़की पॉर्नस्टार थी! पॉर्नस्टार! वो भी ऐसी-वैसी नहीं, दुनिया के दस सबसे बड़े पॉर्नस्टार्स में से एक. घरवालों ने जितना हंगामा मचाया, उससे कहीं ज़्यादा बाहर की दुनिया में मचता रहा. सनी लियोनी के ख़िलाफ़ मोर्चे खुल गए. सूचना और प्रसारण मंत्रालय में शिकायती अर्ज़ियां भेज दी गईं. चैनल पर आरोप लगा कि एक पॉर्न स्टार को टीवी पर दिखा कर चैनल पॉर्नोग्राफी को बढ़ावा दे रहा है.जिस दुनिया में 'बद' जैसी कोई चीज़ नहीं होती, वहां बदनामी शोहरत का सबब मान ली जाती है. जिन दो दिनों में सबसे ज़्यादा हंगामा मचा, उन्हीं दो दिनों में सनी को ट्विटर पर सबसे ज़्यादा फॉलोअर मिले.लेकिन सनी लियोनी की सेहत इससे न बिगड़नी थी, न बिगड़ी. ख्याति की सीढ़ियां बुलंदियों की ओर खुलती गईं. जिस दुनिया में 'बद' जैसी कोई चीज़ नहीं होती, वहां बदनामी शोहरत का सबब मान ली जाती है. जिन दो दिनों में सबसे ज़्यादा हंगामा मचा, उन्हीं दो दिनों में सनी को ट्विटर पर सबसे ज़्यादा फॉलोअर मिले. लोगों ने सनी लियॉनी के बारे में और जानने के लिए गूगल का इतना वक्त लिया कि सर्च इंजन बैठा नहीं, यही गनीमत है. और फिर जिन दर्शकों ने ऊपर से सनी लियोनी को सबसे ज़्यादा गालियां दीं, उन्हीं ने पिछले दरवाज़े खोलकर सनी को अपने ड्राइंग रूम से ज्यादा बेडरूम में टीवी, रेडियो और इंटरनेट पर न सिर्फ़ आने दिया, बल्कि सिर आंखों पर भी बिठाया. आलम ये था कि पूजा भट्ट ने सनी लियोनी की पहली फिल्म जिस्म-2 पर सात करोड़ रुपए लगाए तो पैंतीस करोड़ कमाए. 'पिंक लिप्स' और 'बेबी डॉल' की लोकप्रियता में कर्णप्रिय संगीत का कितना हाथ है, और सनी लियॉनी का कितना, ये समझने के लिए आप बॉलीवुड के बड़े विश्लेषक हों, ये कतई ज़रूरी नहीं.
10 अप्रैल को सनी की एक और फ़िल्म - लीला - रिलीज़ हो रही है. बॉलीवुड और साउथ की फिल्मों में स्पेशल अपियरेंस मिलाकर ये सनी की दसवीं फिल्म होगी. इसके बाद भी चार फिल्में प्रोडक्शन और पोस्ट-प्रोडक्शन स्टेज पर हैं. यानी उनका जलवा आनेवाले दो-चार सालों तक पर्दे पर से कहीं नहीं जानेवाला. अभी दो-चार बेबी डॉल टाइप गाने हमारे हिस्से और भी आने हैं.
बॉलीवुड और साउथ की फिल्मों में स्पेशल अपियरेंस मिलाकर ये सनी की दसवीं फिल्म होगी. इसके बाद भी चार फिल्में प्रोडक्शन और पोस्ट-प्रोडक्शन स्टेज पर हैं. यानी उनका जलवा आनेवाले दो-चार सालों तक पर्दे पर से कहीं नहीं जानेवाला.सनी लियोनी का नाम गूगल कीजिए तो उनकी पहली पहचान पॉर्नस्टार के रूप में आती है. जो ऑफिशियल वेबसाईट भी खुलती है, वो उन्हें सिनेमा की नायिका के रूप में स्थापित करने की शतांश भर कोशिश नहीं करती. उनकी वेबसाईट पर उनकी पहचान को लेकर कोई कन्फ़्यूज़न, कोई लाग-लपेट नहीं है. उनकी तस्वीरें और वीडियो आसानी से इंटरनेट पर उपलब्ध हैं, और सनी ने कैसी, कब और किन-किन तरह की पॉर्न फिल्मों में काम किया, उसका सारा कच्चा-चिट्ठा भी हर बारीक डिटेल के साथ वहां मौजूद है. और तो और, अपने पति के साथ मिलकर सनी अपने हर तरह के काम की सोशल मार्केटिंग करने से भी नहीं हिचकतीं. बकौल सनी, उनके नाम की सर्च कहां-कहां से और कब होती है, इसकी डिटेल गूगल एनालिटिक्स की मदद से उनके टेक-फ्रेंडली पति जमा किए रहते हैं. ये भी समझने के लिए आपका गणितज्ञ होना ज़रूरी नहीं कि आख़िर इस डेटा एनालिसिस का इस्तेमाल किस तरह किया जाता होगा. जिस 'एक्ट्रेस' की इंटरनेट पर इतनी पॉप्युलैरिटी है, उसका मेहनताना भी तो उसी टक्कर का होगा!
सवाल ये है कि एक पॉर्नस्टार को मेनस्ट्रीम सिनेमा ने जिस तरह अपना लिया है, क्या वो हमारे लिए खतरे की घंटी है? क्या सनी लियोनी नई पीढ़ी के लिए ग़लत रोल मॉडल नहीं? जिस पॉर्न स्टार को बच्चे टीवी-रेडियो-फिल्मों में पहचानने लगे हैं, और जिसके गाने सुनकर झूमने लगे हैं, उस पॉर्न स्टार के बाकी के 'काम' (बॉडी ऑफ वर्क के सेंस में, किसी और सेंस में नहीं) को और बेहतर जानने की उत्सुकता नहीं होगी उनमें.
उनकी वेबसाईट पर उनकी पहचान को लेकर कोई कन्फ़्यूज़न नहीं है. उनकी तस्वीरें और वीडियो आसानी से इंटरनेट पर उपलब्ध हैं, और सनी ने कैसी, कब और किन-किन तरह की पॉर्न फिल्मों में काम किया, उसका सारा कच्चा-चिट्ठा भीवैसे बिग बॉस से भी बहुत पहले हमारी टीवी इंडस्ट्री ने सनी को बुलावा भेजा था. एमटीवी ने एंकरिंग कराई. स्पिल्ट्सविला में सनी की सेक्स अपील और शोहरत को भुनाया. बड़े पर्दे पर एक इरॉटिक थ्रिलर तो एक बार आया और दो-चार हफ्तों में उतर गया. छोटे पर्दे पर एमटीवी ने वीकेंड-दर-वीकेंड सनी से कई सारे एपिसोड एंकर करवाए और अपने लिए टीआरपी जुटाई. हैरानी नहीं कि सनी लियोनी के ख़ुद ही स्वीकार किया है कि उनकी वेबसाईट का सबसे बड़ा ट्रैफिक साउथ एशिया, और ख़ासकर भारत से आता है. उनकी पॉर्न फ़िल्में डाउनलोड भी सबसे ज़्यादा यहीं होती हैं.
हालांकि बॉलीवुड के भीतर सनी की एंट्री को लेकर कहीं कोई निषेध नहीं रहा. अभय देओल जैसे स्टार्स ने उनका खुले दिल से स्वागत किया. अभय तो ये तक कह बैठे कि बॉलीवुड को और पॉर्न स्टार्स की ज़रूरत है क्योंकि हम अपनी सेक्सुएलिटी और सेक्सुअल आईडेंटिटी को लेकर बहुत सारी वर्जनाएं पाले रहे हैं. कम से कम एक पॉर्न स्टार इस तरह का पूर्वाग्रह लेकर तो नहीं आती. ये भी सच है कि सनी लियोनी बॉलीवुड में अपने जलवे दिखाने वाली पहली पॉर्न स्टार नहीं, लेकिन इस मुद्दे पर फिर कभी बहस की जाएगी.
मुमकिन है बड़े पर्दे पर लीला के नाम से सनी लियोनी की जिस पहेली की कोडिंग-डिकोडिंग की कोशिश होने जा रही है, वो पूरी तरह से फ्लॉप निकले. ये भी मुमकिन है कि आनेवाली फिल्में भी घटिया, बेहद घटिया, और रॉन्ची हों. लेकिन सनी को अपने टार्गेट ऑडिएन्स की नब्ज़ (और भी बहुत कुछ!) की समझ है. सनी भी जानती हैं कि अपने नाम से पॉर्न स्टार का लेबल हटा दिया जाना उनके लिए कमर्शियल हाराकिरी होगी. इसलिए, जब तक उनके पीछे उनके गुप्त फ़ैन्स पड़े रहेंगे, तब तक सनी का जलवा बरकरार रहेगा. इसलिए चाहे हम कितने ही मोर्चे क्यों न खोल लें, कितनी ही हाय-तौबा क्यों न मचा लें, सनी लियोनी को सिरे से खारिज क्यों न कर दें, वे बड़े और छोटे पर्दे पर, अवॉर्ड फंक्शनों के स्टेज पर, पूजा पंडालों में और कॉलेज-यूनिवर्सिटी के कैंपसों के पोडियम पर धूम मचाती रही हैं, मचाती रहेंगी. फिलहाल हम और आप 'एक पहेली लीला' के बॉक्स ऑफिस रिटर्न का इंतज़ार करते हैं.
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