आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के मुखिया अबू बकर अल-बगदादी के मारे जाने की खबर है. रेडियो ईरान के मुताबिक मार्च में पश्चिमी इराक़ में हुए एक हवाई हमले में घायल बगदादी की मौत हो चुकी है. हालांकि अभी तक इसको लेकर आईएसआईएस की तरफ से किसी भी तरह की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन यदि यह खबर पक्की निकलती है तो दुनियाभर में दहशत का पर्याय बन चुके इस आतंकी संगठन के लिए यह अब तक का सबसे बड़ा झटका होगा. आईएस की धुरी माने जाने वाले बगदादी ने कुछ समय पहले खुद को मुसलमानों का खलीफा घोषित कर दिया था.
इससे पहले पिछले हफ्ते ब्रिटिश समाचार वेबसाइट 'द गार्जियन' ने बगदादी के घायल होने की खबर जारी की थी. वेबसाइट के मुताबिक इराक के पश्चिमी इलाके में आठ मार्च को हुए हवाई हमले में वह बुरी तरह घायल हो गया था. गार्जियन ने तब यह खबर इराक में आईएस से जुड़े अपने एक सूत्र के हवाले से लिखी थी. अब 'रेडियो ईरान' द्वारा किए गये बगदादी की मौत के दावे को इसी खबर की अगली कड़ी के रूप में देखा जा रहा है. हालांकि जब तक इस संबंध में कुछ और पुख्ता जानकारी नहीं मिल जाती तब तक इस खबर पर पूरी तरह से यकीन नहीं किया जा सकता. ऐसा इसलिए क्योंकि पिछले साल नवंबर और दिसंबर में भी बगदादी के हवाई हमले में मारे जाने की खबरें आई थीं. तब भी इनकी पुष्टि नहीं हो सकी थी.
नेपाल में मरने वालों की संख्या 3700 के पार, राहत कार्य युद्ध स्तर पर जारी
नेपाल में आये विनाशकारी भूकंप में मरने वालों की संख्या लगातार बढती जा रही है. एक समाचार एजेंसी के मुताबिक मौत का आंकड़ा अब तक 3700 की संख्या को पार कर चुका है. इस आंकड़े के बढ़ने की आशंका है. इस सबके बीच राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है. मौसम ठीक होने के बाद राहत कार्यों में तेजी देखी जा रही है. भारत सहित दुनिया के कई देश इस काम में जी जान से जुटे हुए हैं. भारत द्वारा एनडीआरएफ की 10 टीमें पहले ही नेपाल भेज दिये जाने के बाद छह और टीमों को भी वहां राहत कार्यों के लिए भेजा जा रहा है. इस बीच राजधानी काठमांडो समेत कई दूसरे इलाकों के अस्पतालों में दवाइयों और उपकरणों की कमी की खबरें भी सामने आ रही हैं. कुछ जगहों पर पीने के पानी की किल्लत होने की बात भी कही जा रही है. यह नेपाल के इतिहास में पिछले 81 सालों में आया सबसे विनाशकारी भूकंप है. भूकंप के बाद नेपाल से अब तक लगभग दो हजार भारतीय नागरिकों की भी सकुशल वापसी हो चुकी है. सरकार का कहना है कि प्रभावित इलाकों में फंसे अन्य भारतीयों को सुरक्षित लाने के लिए लगातार कोशिशें जारी हैं.
अब एचआईवी का टेस्ट घर पर ही
प्रेगनेंसी टेस्ट की तर्ज पर अब एचआईवी टेस्ट भी घर बैठे किया जा सकेगा. ब्रिटेन ने अपनी तरह के पहले एचआईवी जांच किट की बिक्री को मंजूरी दे दी है. इसकी ऑनलाइन बिक्री भी शुरू हो गयी है. किट की मदद से 15 मिनट में ही पता लगाया जा सकता है कि व्यक्ति को एचआईवी है या नहीं. यह किट एचआईवी वायरस के खिलाफ खून में बनने वाली एंटीबॉडीज को पहचान लेता है. इसे बनाने वाली कंपनी बायोश्योर का दावा है कि इसका नतीजा 99.7 फीसदी सटीक होगा. कंपनी के मुताबिक खून की एक छोटी सी बूंद को किट पर लगाने के बाद अगर इस पर बैंगनी रंग की दो लाइनें उभर आएं तो इसका मतलब परिणाम सकारात्मक है और आगे विस्तृत जांच की जरूरत है. हालांकि जांच के नकारात्मक परिणाम का मतलब 100 फीसदी यह नहीं है कि व्यक्ति को एचआईवी नहीं हैं क्योंकि सामान्य तौर पर एचआईवी की गिरफ्त में आने के तीन महीने बाद ही खून में एंटीबॉडीज़ का पता चल पाता है. एचआईवी के मामले में बीमारी का जल्द से जल्द पता लगना और उतनी ही जल्दी इलाज शुरू हो जाना बहुत अहम होता है. इसे देखते हुए यह किट बहुत अहम माना जा रहा है.