अश्वनी कबीर
-

हमारे पास एक ही रेगिस्तान है, हम उसे सहेज लें या बर्बाद कर दें
जैसलमेर के आस-पास स्थित रेत के टीलों पर या उनके आस-पास जो हो रहा है, चलता रहा तो इन इलाकों की पारिस्थितिकी और अर्थव्यवस्था चौपट होनी तय है
अश्वनी कबीर
-

क्या आढ़तिये उतने ही बड़े खलनायक हैं जितना उन्हें बताया जा रहा है?
सरकारें और कई विशेषज्ञ आढ़तियों को किसानों की परेशानियों की एक बड़ी वजह मानते रहे हैं
अश्वनी कबीर
-

राजस्थान के सबसे बड़े अस्पताल में जाने का मतलब ही क्या है जब वहां बड़े डॉक्टर होते ही नहीं
जयपुर का सवाई मान सिंह अस्पताल देश के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शुमार है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि यहां आपको सबसे बढ़िया इलाज भी मिलेगा
अश्वनी कबीर
लोकप्रिय
-

हार्ट अटैक का आपको कितना खतरा है और इसका दर्द कैसा होता है, यह पहचान कैसे की जाए?
-

कार्ल मार्क्स : जिनके सबसे बड़े अनुयायियों ने उनके स्वप्न को एक गैर मामूली यातना में बदल दिया
-
मुंह से खून आना सिर्फ टीबी का लक्षण नहीं है, तो फिर इसका मतलब और क्या-क्या हो सकता है?
-

प्लेटलेट काउंट कम होने पर आपको कब और कितना डरना चाहिए?
-

कांशीराम : जिन्हें समझने में अटल बिहारी वाजपेयी भी चूक गए थे
-

इन लोक कलाकारों को बचाए बिना देश की संस्कृति को बचाने की बात भी कैसे की जा सकती है!
जो कठपुतली कला मनोरंजन से लेकर जन जागृति तक का सशक्त माध्यम रही वह महज होटलों, विदेशी सैलानियों और मेलों तक ही सिमट कर कैसे रह गई है?
अश्वनी कबीर
-

क्या हमें पता है कि बीते दो महीनों में हमारे यहां सांपों के काटने से 20 हजार लोग मर चुके हैं
और इनमें से हजारों लोगों की जान इस तरह से बचाई जा सकती थी कि कई जनजातीय समुदायों को रोजगार भी मिल जाता
अश्वनी कबीर और दिक्षा नारंग
-

राजस्थान इस कठिन समय में अपने लोक कलाकारों का साथ देने के नाम पर उनके साथ मजाक क्यों कर रहा है?
कोरोना संकट से बुरी तरह प्रभावित लोक कलाकारों के लिए राजस्थान सरकार ने जो योजना चलाई है उसके नियम इतने विचित्र हैं कि इसका उद्देश्य ही खत्म कर देते हैं
अश्वनी कबीर
क्विज
-

क्विज़: आप इरफान खान के कितने बड़े फैन हैं?
-

क्विज: क्या आप एसपी बालासुब्रमण्यम को चाहने वालों में से एक हैं?
-

क्विज़: अदालत की अवमानना के तहत आप पर कब कार्रवाई हो सकती है?
-

इस साल हज यात्रा पर रोक लगााए जाने के अलावा आप इसके बारे में क्या जानते हैं?
-

क्विज: भारत-चीन सीमा विवाद के बारे में आप कितना जानते हैं?
-

घुमंतू जनजातियां लॉकडाउन की मार झेलने वालों में सबसे आगे हैं तो फिर खबरों में क्यों नहीं हैं?
हमेशा हाशिये पर रहीं घुमंतू जनजातियों के लिए कोरोना वायरस और लॉकडाउन ने इतनी मुश्किलें पैदा की हैं कि घर में फंसे लोगों के लिए सोच पाना भी संभव नहीं है
अश्वनी कबीर
-

अगर हम इन चरवाहों की कीमत और मुश्किलें समझते तो उनके साथ वह न करते जो कर रहे हैं
कोरोना वायरस की वजह से हुए लॉकडाउन ने अनगिनत चरवाहों, पशुपालकों और पशुओं को बेहद मुश्किल स्थिति में फंसा दिया है
अश्वनी कबीर
-

कोरोना वायरस ने रेगिस्तान के सामने जो संकट खड़े किये हैं वे यहां के हिसाब से भी अभूतपूर्व हैं
रेगिस्तान में पशुओं के बिना जीवन नहीं, लेकिन गर्मियों में पशुओं का वहां जीवन नहीं. लॉकडाउन इस बात को नहीं समझता
अश्वनी कबीर
समाज और संस्कृति
-

कार्ल मार्क्स : जिनके सबसे बड़े अनुयायियों ने उनके स्वप्न को एक गैर मामूली यातना में बदल दिया
-

जो लेखक अपने संघर्षों को बहुत गाते हैं वे उन संघर्षों की अवमानना करते हैं
-

वन अरेंज्ड मर्डर: ‘जब प्यार में आप किसी को गुझिया बुलाने लगें तो ज़रा रुककर सोचना चाहिए’
-

हिन्दी साहित्य और समाज दोनों में आलोचना-वृत्ति का भयानक क्षरण हुआ है
-

मौत के बाद जब आइंस्टीन का दिमाग निकालकर उसकी जांच की गई तो क्या पता चला था?
