कालजयी
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पटकथा : धूमिल की यह कविता अभी ठीक से पढ़ी जानी बाकी है
प्रियदर्शन
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ऑल द प्रेसीडेंट्स मैन : प्रेस की आज़ादी की हिमायती यह फिल्म मौजूदा भारत को भी आईना दिखाती है
शुभम उपाध्याय
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टैक्सी ड्राइवर : हिंसा का स्तुतिगान नहीं, हर दौर की सच्चाई
शुभम उपाध्याय
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विश्व साहित्य की टक्कर का एक मास्टरपीस - परती परिकथा
प्रियदर्शन