मीडिया
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कटघरे में जब एक महिला खड़ी हो तब हमारे समाज और मीडिया का सबसे भयावह चेहरा सामने आता है
पिछले कुछ वक्त से हमारा समाज और मीडिया जो रिया चक्रवर्ती के साथ कर रहे हैं वह महिलाओं के खिलाफ होने वाले किसी जघन्य अपराध से कम नहीं है
शुभम उपाध्याय
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क्यों अर्णब गोस्वामी का यह वीडियो पत्रकारिता, कानून, संस्कृति और मानवता चारों के खिलाफ है
सोशल मीडिया पर बुधवार को चर्चित हुए इस वीडियो में अर्णब गोस्वामी का रवैया किसी भी सामान्य समझ वाले इंसान को भौचक्का कर सकता है
अंजलि मिश्रा
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तबलीगी जमात ने जो किया वह निपट जाहिलपन था लेकिन उस पर जो मीडिया कर रहा है वह आपराधिक धूर्तता है
तबलीगी जमात के मामले को ‘कोरोना जिहाद’ नाम देने वाला मीडिया इसे ‘देश बनाम मुसलमान’ की बहस बनाने के लिए शायद ही कुछ बाकी छोड़ रहा है
अंजलि मिश्रा
लोकप्रिय
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जहांगीर : अकबर का वारिस, नूरजहां का शौहर और शाहजहां का बाप होना ही जिसकी क़ाबिलियत थी
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हार्ट अटैक का आपको कितना खतरा है और इसका दर्द कैसा होता है, यह पहचान कैसे की जाए?
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प्लेटलेट काउंट कम होने पर आपको कब और कितना डरना चाहिए?
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मुंह से खून आना सिर्फ टीबी का लक्षण नहीं है, तो फिर इसका मतलब और क्या-क्या हो सकता है?
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भूख खत्म होना किन-किन बीमारियों का लक्षण हो सकता है?
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क्या बालाकोट में ‘300’ आतंकवादी वायु सेना ने नहीं, बल्कि मीडिया ने मारे थे?
बालाकोट हवाई हमले के बाद भारतीय मीडिया का एक बड़ा हिस्सा कथित ‘सूत्रों’ के हवाले से बार-बार दावा करता रहा है कि वायु सेना ने 300 आतंकियों को ख़त्म कर दिया
दुष्यंत कुमार
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हमारा सिनेमा, टीवी चैनल और ऑनलाइन मंच आखिर सरकार और भीड़ से इतना डरते क्यों हैं?
नवजोत सिंह सिद्धू को कपिल शर्मा के शो से बाहर किए जाने और हॉटस्टार से ‘कॉफी विद करण’ के हार्दिक पंड्या वाले एपीसोड को हटाए जाने को सही नहीं ठहराया जा सकता
शुभम उपाध्याय
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राष्ट्रीय मीडिया कुछ भी कहे व्हाट्सएप संदेश हमारी चिंता का एक बड़ा विषय होने ही चाहिए
पिछले दिनों एक सर्वे के आधार पर राष्ट्रीय मीडिया ने यह ‘खुशखबरी’ दी थी कि ‘ग्रामीण भारत व्हाट्सएप पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करता है’
अंजलि मिश्रा
क्विज
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क्विज़: आप इरफान खान के कितने बड़े फैन हैं?
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क्विज: क्या आप एसपी बालासुब्रमण्यम को चाहने वालों में से एक हैं?
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क्विज़: अदालत की अवमानना के तहत आप पर कब कार्रवाई हो सकती है?
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इस साल हज यात्रा पर रोक लगााए जाने के अलावा आप इसके बारे में क्या जानते हैं?
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क्विज: भारत-चीन सीमा विवाद के बारे में आप कितना जानते हैं?
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क्यों ये तस्वीरें भारत की गरीबी के बजाय पश्चिम के फोटोग्राफरों की मानसिक दरिद्रता दिखाती हैं
इटली के फोटोग्राफर असेलियो मामो ने भारत में खींची गई इन तस्वीरों पर विवाद होने के बाद माफी मांगी है
सत्याग्रह ब्यूरो
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टीवी का मुकाबला सफलता से कर चुका प्रिंट मीडिया क्या डिजिटल के मुकाबले भी खड़ा रह पाएगा?
एर्न्स्ट एंड यंग इंडिया की एक हालिया रिपोर्ट बताती है कि बनिस्बत नए न्यूज़ पोर्टलों से अखबारों को कड़ी टक्कर मिल रही है
अनुराग भारद्वाज
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क्यों कपिल शर्मा की मीडिया से नाराजगी की वजह सिर्फ उनका घमंड या दिमाग फिर जाना ही नहीं है
इस बार कपिल शर्मा एक बॉलीवुड न्यूज वेबसाइट के पत्रकार को फोन कर गाली-गलौज करने के लिए चर्चा में हैं
अंजलि मिश्रा
समाज और संस्कृति
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जो लेखक अपने संघर्षों को बहुत गाते हैं वे उन संघर्षों की अवमानना करते हैं
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वन अरेंज्ड मर्डर: ‘जब प्यार में आप किसी को गुझिया बुलाने लगें तो ज़रा रुककर सोचना चाहिए’
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हिन्दी साहित्य और समाज दोनों में आलोचना-वृत्ति का भयानक क्षरण हुआ है
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मौत के बाद जब आइंस्टीन का दिमाग निकालकर उसकी जांच की गई तो क्या पता चला था?
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सुपरस्टार तो दर्जनों हुए हैं, लेकिन आमिर खान जैसा एक भी नहीं!
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क्या रैलियों में कम-ज़्यादा भीड़ दिखाने वाली रिपोर्टों पर भरोसा करना चाहिए?
हालिया चुनावों के दौरान मीडिया में कई रिपोर्टें आईं जब भाजपा या कांग्रेस की रैलियों में ख़ाली क़ुर्सियां दिखाकर उनके लिए बुरे नतीजों की भविष्यवाणी की जाती रही
दुष्यंत कुमार
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क्यों फेसबुक चाहकर भी फेक न्यूज नहीं रोक सकता!
तकनीकी वजहों से इतर फेसबुक की महत्वाकांक्षा भी फेक न्यूज रोकने की उसकी मंशा पर सवाल खड़े करती है
शुभम उपाध्याय
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एक 'गलत' कदम जिसने रॉय दंपत्ति और एनडीटीवी को कई मुसीबतों में डाल दिया
2007 में एनडीटीवी के संस्थापकों - राधिका और प्रणय रॉय - ने इसके कुछ और शेयर खरीदने का फैसला किया. इसके बाद से उनकी और एनडीटीवी की मुसीबतों का दौर शुरू हो गया
राहुल कोटियाल
विशेष रिपोर्ट
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सर्दी हो या गर्मी, उत्तर प्रदेश में किसानों की एक बड़ी संख्या अब खेतों में ही रात बिताती है
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कैसे किसान आंदोलन इसमें शामिल महिलाओं को जीवन के सबसे जरूरी पाठ भी पढ़ा रहा है
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हमारे पास एक ही रेगिस्तान है, हम उसे सहेज लें या बर्बाद कर दें
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क्या आढ़तिये उतने ही बड़े खलनायक हैं जितना उन्हें बताया जा रहा है?
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश का एक गांव जो पानी और सांप्रदायिकता जैसी मुश्किलों का हल सुझाता है