पश्चिम बंगाल
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पश्चिम बंगाल की राजनीति में सुवेंदु अधिकारी इतने अहम क्यों हैं?
ममता बनर्जी के करीबी सुवेंदु अधिकारी ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है और उनके भाजपा में जाने की अटकलें तेज हैं
अभय शर्मा
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आजकल ममता बनर्जी का मिजाज इतना बदला-बदला सा क्यों है?
इस बदले मिजाज का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अनुच्छेद-370 तक पर ममता बनर्जी ने वैसा कुछ नहीं कहा जिसके लिए वे जानी जाती हैं
हेमंत कुमार पाण्डेय
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क्यों पश्चिम बंगाल में निष्पक्ष चुनाव को लेकर विपक्ष चिंतित दिखता है, लेकिन वोटर आश्वस्त
पश्चिम बंगाल में भाजपा सहित अन्य विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से आम चुनाव के दौरान ज्यादा से ज्यादा संख्या में केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग की है
हेमंत कुमार पाण्डेय
लोकप्रिय
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मुंह से खून आना सिर्फ टीबी का लक्षण नहीं है, तो फिर इसका मतलब और क्या-क्या हो सकता है?
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हार्ट अटैक का आपको कितना खतरा है और इसका दर्द कैसा होता है, यह पहचान कैसे की जाए?
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सामान्य कमरदर्द भी कई खतरनाक बीमारियों का लक्षण हो सकता है
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‘कमजोरी लगना’ कौन-कौन सी बीमारियों का लक्षण हो सकता है?
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मौत के बाद जब आइंस्टीन का दिमाग निकालकर उसकी जांच की गई तो क्या पता चला था?
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पश्चिम बंगाल में चुनावी जंग जनसभाओं के जरिये नहीं, जनसभाओं पर हो रही है
पश्चिम बंगाल में चुनावी जनसभाओं को लेकर टीएमसी और भाजपा के बीच कई तरह के दांव-पेंच खेले जा रहे हैं
हेमंत कुमार पाण्डेय
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‘पंचायत चुनाव में जो हुआ उससे भाजपा को फायदा ही हुआ. जोगीजी को नहीं आने दिया तो भी यही होगा’
प. बंगाल में रैली के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हेलिकॉप्टर को उतरने की इजाजत न मिलने के बाद पार्टी ने सत्ताधारी टीएमसी पर निशाना साधा है
हेमंत कुमार पाण्डेय
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2019 से पहले पश्चिम बंगाल का पंचायत चुनाव सभी दलों के लिए इतनी बड़ी परीक्षा क्यों बन गया है?
भाजपा ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर करते हुए शिकायत की है कि पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव में उसके उम्मीदवारों को पर्चा भरने नहीं दिया जा रहा
हेमंत कुमार पाण्डेय
क्विज
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क्विज़: आप इरफान खान के कितने बड़े फैन हैं?
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क्विज: क्या आप एसपी बालासुब्रमण्यम को चाहने वालों में से एक हैं?
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क्विज़: अदालत की अवमानना के तहत आप पर कब कार्रवाई हो सकती है?
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इस साल हज यात्रा पर रोक लगााए जाने के अलावा आप इसके बारे में क्या जानते हैं?
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क्विज: भारत-चीन सीमा विवाद के बारे में आप कितना जानते हैं?
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कैसे त्रिपुरा के चुनावी नतीजों ने पश्चिम बंगाल में भी राजनीतिक हलचल तेज कर दी है
त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद पश्चिम बंगाल में भाजपा फ्रंटफुट पर खेलती हुई दिख रही है और बाकी पार्टियां बैकफुट पर
हेमंत कुमार पाण्डेय
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मुकुल रॉय के साथ आने से भाजपा के लिए पश्चिम बंगाल के मोर्चे की एक बड़ी कमजोरी दूर हो सकती है
तृणमूल कांग्रेस के संस्थापकों में शामिल और ममता बनर्जी के करीबी रहे मुकुल रॉय औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल हो गए हैं
हेमंत कुमार पाण्डेय
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पश्चिम बंगाल : दंगा-फसाद के चक्कर में क्या मुस्लिम समुदाय अपनी बेहतरी का मौका खो रहा है?
मामूली उकसावे पर ही समुदाय के फसाद पर उतर आने के कारण हिंदू संगठनाें को मौका मिल रहा है कि वे पश्चिम बंगाल में मुस्लिम तुष्टिकरण का मसला उठा सकें
सत्याग्रह ब्यूरो
समाज और संस्कृति
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कार्ल मार्क्स : जिनके सबसे बड़े अनुयायियों ने उनके स्वप्न को एक गैर मामूली यातना में बदल दिया
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जो लेखक अपने संघर्षों को बहुत गाते हैं वे उन संघर्षों की अवमानना करते हैं
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वन अरेंज्ड मर्डर: ‘जब प्यार में आप किसी को गुझिया बुलाने लगें तो ज़रा रुककर सोचना चाहिए’
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हिन्दी साहित्य और समाज दोनों में आलोचना-वृत्ति का भयानक क्षरण हुआ है
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मौत के बाद जब आइंस्टीन का दिमाग निकालकर उसकी जांच की गई तो क्या पता चला था?
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क्यों दार्जिलिंग में लगी इस आग के पीछे पश्चिम बंगाल की भाषाई राजनीति की बड़ी भूमिका है
दार्जिलिंग के नेपाली भाषी लोगों पर जबरन बंगाली थोपने की कोशिश और उसके विरोध का सिलसिला कोई नया नहीं है
उर्बशी प्रधान
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क्यों गोरखालैंड आंदोलन ममता बनर्जी के साथ-साथ भाजपा की भी महत्वाकांक्षाओं पर पानी फेर सकता है
पश्चिम बंगाल में अलग गोरखालैंड राज्य की मांग ने सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस और इसकी प्रतिद्वंदी भाजपा दोनों के लिए राजनीतिक संकट की स्थिति पैदा कर दी है
हेमंत कुमार पाण्डेय
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क्यों इस जीत के बावजूद ममता बनर्जी को चिंता होनी चाहिए
पश्चिम बंगाल नगर निकाय चुनाव के नतीजे इसका एक और संकेत माने जा रहे हैं कि राज्य के मतदाताओं ने भाजपा को विकल्प के रूप में देखना शुरू कर दिया है
हेमंत कुमार पाण्डेय
विशेष रिपोर्ट
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सर्दी हो या गर्मी, उत्तर प्रदेश में किसानों की एक बड़ी संख्या अब खेतों में ही रात बिताती है
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कैसे किसान आंदोलन इसमें शामिल महिलाओं को जीवन के सबसे जरूरी पाठ भी पढ़ा रहा है
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हमारे पास एक ही रेगिस्तान है, हम उसे सहेज लें या बर्बाद कर दें
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क्या आढ़तिये उतने ही बड़े खलनायक हैं जितना उन्हें बताया जा रहा है?
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश का एक गांव जो पानी और सांप्रदायिकता जैसी मुश्किलों का हल सुझाता है